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भारत-मालदीव नेविगेशन चार्ट का अनवारण किया गया

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First Published: April 25, 2022 | Last Updated:April 25, 2022 मालदीव की तीन दिवसीय यात्रा के दौरान, नौसेनाध्यक्ष एडमिरल आर. हरि कुमार ने भारत और मालदीव द्वारा संयुक्त रूप से तैयार किए गए पहले नेविगेशन चार्ट का अनावरण किया। मुख्य बिंदु  उन्होंने मालदीव के राष्ट्रीय रक्षा बलों (MNDF) की क्षमताओं को मजबूत करने के लिए हाइड्रोग्राफी उपकरण भी सौंपे। उन्होंने MNDF की समुद्री संपत्तियों का भी दौरा किया और इन परिसंपत्तियों की भूमिका को बनाए रखने के लिए भारतीय नौसेना और MNDF के संयुक्त प्रयासों की प्रशंसा की। भारत MNDF के क्षमता निर्माण प्रयासों को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। INS सतलुज की तैनाती जल सर्वेक्षण सहयोग समझौता ज्ञापन के तहत संयुक्त जल सर्वेक्षण करने के उद्देश्य से INS सतलुज को मालदीव में तैनात किया गया है। मालदीव के रक्षा मंत्री मारिया अहमद दीदी के सम्मान में 18 अप्रैल, 2022 को एडमिरल कुमार द्वारा INS सतलुज पर एक स्वागत समारोह का आयोजन किया गया था। निष्कर्ष भारतीय नौसेना ने COVID-19 महामारी के दौरान मालदीव को अस्पताल की उपभोग्य सामग्रियों और दवा...

ईरान ने खैबर-बस्टर मिसाइल (Khaibar Buster Missile) का अनावरण किया

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First Published: February 24, 2022 | Last Updated:February 24, 2022 9 फरवरी, 2022 को, ईरान ने “खैबर बस्टर मिसाइल” नामक एक नई मिसाइल का अनावरण किया, जो आस-पास के अमेरिकी और इज़रायल ठिकानों को निशाना बनाने में सक्षम है। खैबर-बस्टर (Khaibar Buster) इसकी मारक क्षमता 900 मील है। यह मिसाइल ठोस ईंधन पर चलती है। इसकी उच्च सटीकता है और इसे पूरी तरह से घरेलू स्तर पर निर्मित किया गया है। यह मिसाइल शील्ड सिस्टम को हरा सकती है। मिसाइल का महत्व इजराइल का ईरान से निकटतम बिंदु 620 मील दूर है। ईरान के पास मिसाइलें हैं, जो 1250 मील तक की दूरी तय कर सकती हैं। मध्य पूर्व में ईरान के पास मिसाइलों का सबसे बड़ा शस्त्रागार भी है। ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलें इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर स्ट्रैटेजिक स्टडीज (IISS) के मुताबिक, ईरान के पास करीब 20 तरह की बैलिस्टिक, क्रूज मिसाइलें और ड्रोन हैं। क़ियाम-1 की रेंज 500 मील और गदर-1 की रेंज 1,100 मील है। ईरान की मौजूदा प्राथमिकता अपनी मिसाइलों की सटीकता को बढ़ाना है। ईरान  1935 से पहले ईरान को फारस (Persia) के नाम से जाना जाता था। य...

गुजरात ने नई जैव प्रौद्योगिकी नीति (Biotechnology Policy) का अनावरण किया

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First Published: February 19, 2022 | Last Updated:February 19, 2022 17 फरवरी, 2022 को गुजरात सरकार ने नई जैव प्रौद्योगिकी नीति का अनावरण किया, जो जैव प्रौद्योगिकी क्षेत्र में पूंजी निवेश पर 25% तक वित्तीय सहायता प्रदान करती है। नई जैव प्रौद्योगिकी नीति  नई जैव प्रौद्योगिकी नीति की संचालन अवधि 2022 से 2027 तक पांच वर्ष होगी। यह नीति लगभग 1.2 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा करेगी। यह इस क्षेत्र में 20,000 करोड़ रुपये से अधिक के अनुमानित निवेश को आकर्षित करेगी। यह गैर सरकारी संगठनों, वैज्ञानिक प्रतिष्ठानों और उद्योगों सहित हितधारकों के बीच साझेदारी को बढ़ावा देगी। ऐसी परियोजनाओं के लिए सावधि ऋण पर ब्याज सब्सिडी प्रदान करने के अलावा, यह नीति पांच साल के लिए बिजली शुल्क पर 100 प्रतिशत प्रतिपूर्ति भी प्रदान करती है। नीति का उद्देश्य इस नई नीति का उद्देश्य गुजरात को विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त जैव प्रौद्योगिकी हब बनाना है। वित्तीय सहायता यह नई नीति गुजरात के जैव प्रौद्योगिकी उद्योग को विश्व स्तरीय बनाने के लिए प्रौद्योगिकी अधिग्रहण, वैकल्पिक ऊर्जा उत्पादन...

भारत ने ग्रीन हाइड्रोजन और अमोनिया नीति का अनावरण किया

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First Published: February 19, 2022 | Last Updated:February 19, 2022 भारत की नई हरित हाइड्रोजन नीति (green hydrogen policy) का अनावरण किया गया, जिसमें सस्ती अक्षय ऊर्जा का वादा किया गया है। इसमें जून 2025 से पहले पूरी की गई परियोजनाओं के लिए अंतर-राज्यीय बिजली पारेषण के लिए 25 साल की शुल्क छूट और स्थानीय उद्योगों को जीवाश्म ईंधन से दूर जाने में मदद करने के लिए मेगा विनिर्माण क्षेत्र इत्यादि शामिल हैं। मुख्य बिंदु इस नीति का उद्देश्य ग्रीन हाइड्रोजन और अमोनिया को बढ़ावा देना है, जिससे हरित बिजली उत्पादकों के लिए 30 दिनों तक विद्युत वितरण व्यवसाय के साथ अपनी अधिशेष अक्षय ऊर्जा को ‘बैंक’ करना आसान हो जाता है। इसमें निर्यात के लिए ग्रीन अमोनिया के भंडारण के लिए बंदरगाहों के निकट बंकरों के निर्माण का भी प्रस्ताव है। भारत के लिए हरित ऊर्जा का महत्व हरित ऊर्जा की दौड़ बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि रूस-यूक्रेन संकट ने दुनिया भर में ऊर्जा की कीमतों को बढ़ा दिया है, विशेष रूप से भारत में, जो अपने तेल का 85 प्रतिशत और अपनी प्राकृतिक गैस का 53 प्रतिशत आयात करता है। ब...

पीएम मोदी ने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस (Netaji Subhas Chandra Bose) की होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया

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First Published: January 23, 2022 | Last Updated:January 23, 2022 आज नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने नई दिल्ली में इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की एक होलोग्राम प्रतिमा का अनावरण किया। हालाँकि, इंडिया गेट पर नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की ग्रेनाइट प्रतिमा बनाई जाएगी, परन्तु जब तक ग्रेनाइट प्रतिमा बन कर तैयार नहीं हो जाती, तब तक यह होलोग्राम प्रतिमा प्रदर्शित की जाएगी। मुख्य बिंदु ग्रेनाइट से बनी यह मूर्ति देश के स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी के अपार योगदान के लिए एक उपयुक्त श्रद्धांजलि होगी। इस प्रतिमा का काम पूरा होने तक नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा उसी स्थान पर मौजूद रहेगी। इस होलोग्राम प्रतिमा को 30 हजार लुमेन 4K प्रोजेक्टर द्वारा संचालित किया जाएगा। इस कार्य के लिए एक 90% पारदर्शी होलोग्राफिक स्क्रीन इस तरह से लगाई गई है कि यह लोगों को दिखाई नहीं देगी। होलोग्राम का प्रभाव पैदा करने के लिए उस पर नेताजी की 3D छवि पेश की जाएगी। इस होलोग्राम प्रतिमा का आकार 28 फीट ऊंचा और 6 फीट चौड़ा है। नेताजी सुभाष चंद्र बोस (Ne...