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चुनावी अखंडता पर लोकतंत्र समूह (Democracy Cohort on Election Integrity) क्या है?

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First Published: May 21, 2022 | Last Updated:May 21, 2022 चुनाव आयोग ने घोषणा की है कि वह 100 लोकतांत्रिक देशों के सहयोग से ‘लोकतंत्र के लिए शिखर सम्मेलन’ के हिस्से के रूप में ‘चुनाव अखंडता पर लोकतंत्र समूह’ का नेतृत्व करेगा। इस शिखर सम्मेलन में विभिन्न देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों के साथ विशेषज्ञता और अनुभव साझा किया जाएगा। मुख्य बिंदु  इस शिखर सम्मेलन में 100 से अधिक देशों, निजी क्षेत्र, नागरिक समाज संगठनों, मीडिया आदि के नेता भाग लेंगे। भारतीय चुनाव आयोग विभिन्न EMBs की जरूरतों के अनुसार दुनिया भर में विभिन्न चुनाव प्रबंधन निकायों (Election Management Bodies – EMBs) को क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान करेगा। डेमोक्रेसी कोहोर्ट प्लेटफॉर्म क्या है? यह एक विषयगत, बहु-हितधारक समूह है जो नागरिक समाज और आधिकारिक सरकार की भागीदारी के लिए खुला है। इस मंच के तहत जिन कुछ विषयों पर चर्चा की जाएगी, वे हैं: स्वतंत्र और स्वतंत्र मीडिया चुनाव की सत्यनिष्ठा लोकतांत्रिक सुधारकों को मजबूत करना भ्रष्टाचार से लड़ना डिजिटल शासन लोकतंत्र के लि...

भारत बना Association of Asian Election Authorities (AAEA) का अध्यक्ष

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First Published: May 14, 2022 | Last Updated:May 14, 2022 भारत को 2022-24 के लिए एसोसिएशन ऑफ एशियन इलेक्शन अथॉरिटीज (AAEA) के नए अध्यक्ष के रूप में चुना गया है। AAEA के वर्तमान अध्यक्ष कौन हैं? चुनाव आयोग, मनीला। भारत को AAEA के अध्यक्ष के रूप में कब चुना गया था? 7 मई, 2022 को फिलीपींस के मनीला में कार्यकारी बोर्ड और महासभा की बैठक में भारत को सर्वसम्मति से AAEA के अध्यक्ष के रूप में चुना गया था। इस बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व किसने किया? भारत के चुनाव आयोग (ECI) के 3 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने मनीला में कार्यकारी बोर्ड की बैठक में भाग लिया। इसकी अध्यक्षता उप चुनाव आयुक्त नितेश व्यास ने की। प्रतिनिधिमंडल के अन्य दो सदस्य मणिपुर के मुख्य चुनाव अधिकारी और राजस्थान के मुख्य चुनाव अधिकारी हैं। एसोसिएशन ऑफ एशियन इलेक्शन अथॉरिटीज (AAEA) क्या है? AAEA, 1998 में स्थापित, एक गैर-पक्षपातपूर्ण मंच है जो स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों को बढ़ावा देने और शासन और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए विभिन्न देशों के चुनाव अधिकारियों के बीच सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा...

राजीव कुमार होंगे भारत के नए मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner of India)

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First Published: May 14, 2022 | Last Updated:May 14, 2022 15 मई 2022 से, वर्तमान चुनाव आयुक्त राजीव कुमार अगले मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के रूप में कार्यभार संभालेंगे। यह घोषणा केंद्रीय कानून और न्याय मंत्रालय ने की। वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त कौन हैं? सुशील चंद्रा मौजूदा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) हैं, जो 14 मई, 2022 को अपना पद छोड़ देंगे । मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) की नियुक्ति कौन करेगा? भारतीय संविधान के अनुच्छेद 324 (2) के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी। राजीव कुमार के पास पहले कौन से पद थे? राजीव कुमार बिहार/झारखंड कैडर के 1984 बैच के सेवानिवृत्त IAS अधिकारी हैं। वह फरवरी 2020 में IAS से सेवानिवृत्त हुए। उन्होंने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), SBI और नाबार्ड के केंद्रीय बोर्ड के निदेशक के रूप में कार्य किया। उन्होंने कई बोर्डों और समितियों के सदस्य के रूप में भी कार्य किया। उन्हें अप्रैल 2020 में सार्वजनिक उद्यम चयन बोर्ड के अध्यक्ष के रूप में नियुक्त किया गया था। 1 सितंबर, 2020 से राजीव कुमार चुन...

UP विधानसभा चुनाव 2022: दूसरे चरण में 9 जिलों की 55 सीटों पर वोटिंग, इन दिग्‍गजों की प्रतिष्‍ठा दांव पर

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Assembly Election: आज उत्तर प्रदेश के 9 जिलों की 55 सीटों पर वोटिंग हो रही है. नई दिल्‍ली : UP Assembly Polls 2022: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान शुरू हो चुका है. दूसरे चरण में प्रदेश की 55 विधानसभा सीटों पर वोटिंग हो रही है. दूसरे चरण के मतदान में कई दिग्‍गज नेताओं की प्रतिष्‍ठा दांव पर है, जिनमें समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान भी शामिल हैं. 2017 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने इन 55 सीटों में से 38 पर जीत दर्ज की थी. मामले से जुड़ी अहम जानकारियां : उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण के मतदान में नौ जिलों- सहारनपुर, बिजनौर, मुरादाबाद, सम्भल, रामपुर, अमरोहा, बदायूं, बरेली तथा शाहजहांपुर में वोटिंग हो रही है. दूसरे चरण के चुनाव में 586 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.  प्रदेश की 55 विधानसभा सीटों के लिए मतदान सुबह सात बजे शुरू हो चुका है. यह शाम 6 बजे तक चलेगा.  समाजवादी पार्टी नेता आजम खान प्रमुख उम्मीदवारों में शामिल हैं. आजम खान रामपुर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में हैं.  उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रहे धर्म सिंह सैनी भी अपना भाग्‍य आजमा रहे हैं,...

मणिपुर में सहयोगी भाजपा के खिलाफ प्रचार में जुटे मेघालय के मुख्‍यमंत्री कॉनराड संगमा

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मेघालय के मुख्यमंत्री गठबंधन के खिलाफ प्रचार के लिए मणिपुर के दौरे पर हैं. (फाइल फोटो) गुवाहाटी : एक राज्य के मुख्यमंत्री का दूसरे राज्य में प्रचार करना भले ही एक नया विचार न लगे, लेकिन मेघालय के मुख्‍यमंत्री कॉनराड संगमा (Meghalaya CM Conrad Sangma) का मामला काफी अनोखा है. मेघालय के मुख्यमंत्री भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के खिलाफ प्रचार करने के लिए मणिपुर (Manipur) के चार दिवसीय दौरे पर हैं, जिसमें उनकी पार्टी नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) भी शामिल है. मणिपुर में एनपीपी ने 2017 में केवल नौ सीटों पर चुनाव लड़ा था, जिसमें उसने चार सीटें जीतीं थीं. यह सभी दलों के बीच सबसे अच्छा स्ट्राइक रेट था और पार्टी किंगमेकर के रूप में उभरी थी. एनपीपी के समर्थन के बिना भाजपा गठबंधन सरकार नहीं बना पाती.  यह भी पढ़ें एनपीपी इस बार 60 सीटों वाली विधानसभा के लिए 42 सीटों पर उम्मीदवार उतार रही है, जो पिछली बार की तुलना में करीब पांच गुना ज्यादा है. इनमें से 19 भाजपा नेता हैं, जिन्होंने टिकट न मिलने के बाद पाला बदल लिया. मणिपुर भाजपा के उपाध्यक्ष चिदानंद सिंह ने कहा, "एनपीपी मणिपुर में भाजपा के...

मणिपुर: मतदान से पहले CM बीरेन सिंह का सप्‍ताह भर का ब्रेक, दो मोर्चों पर जूझना होगा 

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सीएम बीरेन सिंह विपक्षी कांग्रेस पर तीखे हमले के साथ चुनाव प्रचार में लौटे. (फाइल फोटो) गुवाहाटी: मणिपुर (Manipur) के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह (Chief Minister N Biren Singh) शनिवार को विपक्षी कांग्रेस (Congress) पर तीखे हमले के साथ चुनाव प्रचार (Election Campaign) में लौटे. राज्‍य में तीन हफ्ते में होने वाले मतदान को देखते हुए उनका एक सप्‍ताह का ब्रेक बेहद असामान्य है. उन्होंने नामांकन दाखिल करने के बाद खुराई निर्वाचन क्षेत्र से अपने चुनाव अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि कांग्रेस के प्रचार के सभी वादे प्रोपेगेंडा हैं भाजपा निश्चित रूप से वापसी करेगी.  यह भी पढ़ें सत्ता में वापसी के उद्देश्य से मणिपुर कांग्रेस ने शुक्रवार को विधानसभा चुनावों के लिए अपना घोषणापत्र जारी किया, जिसमें हर साल 50,000 नई नौकरियां और सभी सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए एक तिहाई आरक्षण का वादा किया गया. पार्टी ने विवादास्पद सशस्‍त्र बल विशेष अधिकार अधिनियम यानी AFSPA को तत्‍काल निरस्‍त करने और सेना में एक अलग मणिपुर रेजिमेंट का वादा किया है.  सिंह ने संवाददाताओं से कहा, "घोषणापत्र व्यावहारिक होना च...