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चंद्रयान 2 की बड़ी कामयाबी : चंद्रमा के बाहरी वातावरण में ‘आर्गन-40’ गैस खोज निकाली

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चंद्रमा की सतह और उसके वातावरण में होने वाली जटिल प्रक्रियाओं को जानने की होड़ तेज होती जा रही है। कई देश चंद्रमा के बारे में ज्‍यादा से ज्‍यादा जानने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा तो चंद्रमा के लिए अपने दूसरे मानव मिशन को आगे बढ़ा रही है। इस बीच, भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ‘इसरो' (ISRO) ने एक दिलचस्प खोज का दावा किया है। इसरो ने कहा है कि उसके चंद्रयान -2 ऑर्बिटर को चंद्रमा के ऊपरी वायुमंडल में एक महत्वपूर्ण गैस मिली है। इसरो ने बताया है कि चंद्रयान के ‘एटमॉस्‍फ‍िएरिक कम्‍पोजिशन एक्‍सप्‍लोरर-2' (CHACE-2) उपकरण ने चंद्र एक्सोस्फीयर (बाहरी मंडल) में ‘आर्गन-40' गैस का पता लगाया है। यह चंद्रमा के वातावरण का सबसे बाहरी क्षेत्र है, जहां परमाणु और अणु शायद ही कभी एक-दूसरे से टकराते हैं। इसरो को उम्मीद है कि उसका ऑब्‍जर्वेशन चंद्रमा के आसपास और बाहरी प्रजातियों को समझने में मदद करेगा।   चंद्रमा की सतह के नीचे रेडियोजेनिक गतिविधियों को समझने में भी यह ऑब्‍जर्वेशन मदद कर सकता है।  इसरो के मुताबिक, यह खोज इसलिए महत्‍वपूर्ण है, क्‍योंकि ‘आर्गन-40' (Ar-40) एक उत...

चंद्रयान-2 (Chandrayaan-2) ने सोलर प्रोटॉन इवेंट्स का पता लगाया

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First Published: February 25, 2022 | Last Updated:February 25, 2022 चंद्रयान-2 ऑर्बिटर के ‘चंद्रयान-2 लार्ज एरिया सॉफ्ट एक्स-रे स्पेक्ट्रोमीटर (क्लास)’ पेलोड ने हाल ही में सौर प्रोटॉन घटनाओं का पता लगाया। मुख्य बिंदु  सोलर प्रोटॉन इवेंट्स अंतरिक्ष में मनुष्यों के लिए विकिरण जोखिम में काफी वृद्धि करते हैं। क्लास पेलोड (CLASS Payload) ने 18 जनवरी, 2022 को कोरोनल मास इजेक्शन (CME) भी दर्ज किया। इस तरह के बहु-बिंदु अवलोकन (multi-point observations) खगोलविदों को प्रसार और विभिन्न ग्रह प्रणालियों पर इसके प्रभाव को समझने में मदद करते हैं। कोरोनल मास इजेक्शन (CME) क्या है? कोरोनल मास इजेक्शन आयनित सामग्री और चुंबकीय क्षेत्रों की एक शक्तिशाली धारा है, जो कुछ दिनों बाद पृथ्वी पर पहुंचती है। इसने भू-चुंबकीय तूफानों को जन्म दिया और ध्रुवीय आकाश को औरोरा (aurora) से रोशन किया। सोलर फ्लेयर्स कब उत्पन्न होती है? जब सूर्य सक्रिय होता है, तो विस्फोट होते हैं जिन्हें सौर ज्वाला (solar flares) कहा जाता है। इस तरह की घटना कभी-कभी ऊर्जावान कणों को इंटरप्लेनेटरी स्पेस ...