Posts

Showing posts with the label perseverance

मंगल ग्रह पर ‘दूसरी दुनिया’ का मलबा! जानें नासा के Ingenuity हेलीकॉप्‍टर को क्‍या मिला

Image
मंगल ग्रह (Mars) पर जीवन के संकेत तलाशने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने पर्सवेरेंस रोवर  (Perseverance rover) को भेजा है। पिछले साल फरवरी में मंगल ग्रह की सतह पर पर्सवेरेंस रोवर के उतरने के दौरान उसका एक कॉम्‍पोनेंट (बैकशेल) अलग हो गया था। इसकी तस्‍वीर सामने आई है। पिछले हफ्ते अपनी 26वीं उड़ान के दौरान Ingenuity ने हवा में 159 सेकंड के दौरान 1,181 फीट की दूरी तय करते हुए 10 तस्वीरें लीं। इनमें उस कॉम्‍पोनेंट (बैकशेल) या लैंडिंग कैप्सूल के टॉप हाफ हिस्से को भी दिखाया गया है। रोवर के पैराशूट और बैकशेल 1.3 मील की ऊंचाई पर रोवर से अलग हो गए थे। वह रोवर से उत्तर-पश्चिम में एक मील से अधिक दूर लैंड हुए थे।  लगभग 15 फीट व्यास वाला बैकशेल लगभग 78 मील प्रति घंटे की रफ्तार से जमीन से टकराया और बिखर गया। वहीं, पैराशूट अपनी जगह पर बरकरार लगता है। नासा के इंजीनियरों ने इन तस्‍वीरों को टटोलना शुरू कर दिया है। पर्सवेरेंस के पैराशूट सिस्‍टम पर काम करने वाले इंजीनियर इयान क्‍लार्क कहते हैं कि एक तस्वीर एक हजार शब्‍दों के बराबर है।  बैकशेल के अवशेषों की स्‍टडी करने से नासा को उसके अगल...

परसेवेरांस (Perseverance) ने मंगल ग्रह पर सूर्य ग्रहण का चित्र लिया

Image
First Published: April 25, 2022 | Last Updated:April 25, 2022 नासा के परसेवेरांस (Perseverance) मार्स रोवर ने मंगल के दो चंद्रमाओं में से एक फोबोस पर ग्रहण का वीडियो कैप्चर किया है। मुख्य बिंदु  परसेवेरांस (Perseverance) द्वारा कैप्चर किया गया यह वीडियो उच्चतम-फ्रेम-रेट अवलोकन है और सूर्य ग्रहण का सबसे ज्यादा ज़ूम-इन विडियो है जिसे मंगल ग्रह की सतह से कैप्चर किया गया है। इस मंगल ग्रहण ने वैज्ञानिकों को चंद्रमा की कक्षाओं में सूक्ष्म बदलाव के बारे में एक नया दृष्टिकोण प्रदान किया है। चंद्रमा फोबोस बहुत धीरे-धीरे मंगल की ओर बढ़ रहा है और वे अब से लाखों साल बाद आपस टकराएंगे। परसेवेरांस (Perseverance रोवर के उद्देश्य इस रोवर का एक मुख्य उद्देश्य मंगल ग्रह पर प्राचीन माइक्रोबियल जीवन के संकेतों की तलाश करना है। यह रोवर मंगल की चट्टान, रेजोलिथ और धूल का विश्लेषण और अध्ययन कर रहा है। मार्स 2020 मिशन यह नासा के मार्स एक्सप्लोरेशन प्रोग्राम द्वारा निर्मित मार्स रोवर है। इसमें ‘परसेवेरांस’ रोवर और एक ‘इन्जेयूटी’ हेलीकाप्टर ड्रोन शामिल हैं।  मिशन को 30 जुलाई...

Nasa के मार्स रोवर Perseverance के काम में चुनौती बना मंगल ग्रह का कंकड़

Image
मंगल ग्रह पर अपने मिशन में गया नासा का मार्स रोवर पर्सवेरेंस (Perseverance) वहां चट्टानों के सैंपल इकट्ठा कर रहा है। इन सैंपल्‍स को भविष्‍य में मंगल पर लॉन्‍च होने वाले मानवमिशन के जरिए पृथ्‍वी पर भेजा जाएगा। सैंपल लेने की इस प्रक्रिया में कंकड़ जैसे कुछ मलबे की वजह से समस्‍या आ रही है। शुरुआत में सबकुछ सफलतापूर्वक हुआ था। पर्सवेरेंस ने इस्सोल नाम की Martian रॉक से एक सैंपल निकाला था। लेकिन उस सैंपल को स्‍टोर करते वक्‍त रोवर के सेंसर ने परेशानी जताई। इसके बाद रोवर ने अपना काम बंद कर दिया और पृथ्‍वी पर मौजूद अपने मॉनिटरिंग सिस्‍टम से संपर्क किया। यह घटना 29 दिसंबर की है। रोवर के सेंसर में परेशानी क्‍यों आई, यह समझने के लिए पर्सवेरेंस की टीम ने डेटा को खंगाला। करीब एक हफ्ते बाद टीम को कंकड़ के आकार का कुछ मलबा मिला। यह पर्सवेरेंस के रोबोटिक आर्म के काम में बाधा पैदा कर रहा था।  नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी (JPL) में सैंपलिंग और कैशिंग की चीफ इंजीनियर, लुईस जांडुरा ने एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, टीम को विश्वास है कि यह मलबा चट्टान का सैंपल लेते समय कलेक्‍शन से बाहर गिर गया। नासा के इं...

Nasa के पर्सवेरेंस मार्स रोवर ने मंगल पर खोजा सबसे पुराना निष्क्रिय ज्‍वालामुखी

Image
इस साल फरवरी में मंगल ग्रह पर लैंड करने के बाद नासा का पर्सवेरेंस Perseverance मार्स रोवर हमें कई खोजों के बारे में बताता आया है। जेज़ेरो क्रेटर Jezero Crater के चारों ओर लगभग 10 महीनों तक ड्राइविंग के बाद रिसर्चर्स ने यह समझना शुरू कर दिया है कि यह क्षेत्र संभवतः लंबे समय से निष्क्रिय मार्टियन ज्वालामुखी से बना है। नासा के वैज्ञानिकों का मानना है कि इस खोज से ग्रह के इतिहास को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिलेगी। एक रिपोर्ट में नासा ने खुलासा किया कि क्रेटर चट्टानों ने अपनी उत्‍पत्‍त‍ि के बाद से कई बार पानी से इंटरेक्‍ट किया है। इन चट्टानों में कुछ ऑर्गनिक मॉलिक्‍यूल्‍स भी मौजूद हैं। नासा की रिसर्च टीम ने पर्सवेरेंस के मंगल ग्रह पर उतरने से पहले ही इन चट्टानों की उत्पत्ति के बारे में सोचा था। वैज्ञानिक अनुमान लगाते आए हैं कि चट्टानों का नेचर या तो सेडमेन्टरी (तलछटी) था या इग्नीअस (आग्नेय)। अब वह अपने जवाब के करीब पहुंच गए हैं।  अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने एक ट्वीट के जरिए यह घोषणा की। इस पोस्‍ट में लिखा था, मंगल ग्रह के जेजेरो क्रेटर का बेस, NASA पर्सवेर लगभग 10 महीनों तक इसमें चलता ...