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चीनी वैज्ञानिकों से एलियंस ने किया कॉन्‍टैक्‍ट! क्‍या वाकई हम दूसरी दुनिया से मिलने के करीब?

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21वीं सदी, विज्ञान का विकास, हर रोज बदलती तकनीक से रू-ब-रू होती यह दुनिया और यहां के लोग आज भी एलियंस का पता लगाने में जुटे हैं। दुनियाभर के वैज्ञानिक पृथ्‍वी या इसके बाहर एलियंस सभ्‍यता होने का अनुमान लगाते हैं और दिन-रात उनकी खोज में जुटे हैं। इस बीच, दुनियाभर में यह खबर जोरों पर है कि चीन ने एक विदेशी सभ्‍यता के संकेत प्राप्‍त किए हो सकते हैं। इस खबर के केंद्र में है चीन का ‘स्‍काई आई'। यह 500 मीटर एपर्चर का गोलाकार रेडियो टेलीस्कोप ((FAST) है, जो दक्षिण-पश्चिम चीन के गुइझोऊ प्रांत में स्थित है। चीन की सरकार के समर्थन वाले ‘साइंस एंड टेक्नोलॉजी डेली' की एक रिपोर्ट में कई बातें कही गई हैं। रिपोर्ट में एक्स्ट्रटरेस्ट्रीअल सिव‍िलाइजेशन सर्च टीम के चीफ साइंटिस्‍ट झांग टोनजी का हवाला दिया गया है। इस टीम को बीजिंग नॉर्मल यूनिवर्सिटी, चाइनीज एकेडमी ऑफ साइंसेज की नेशनल एस्ट्रोनॉमिकल ऑब्जर्वेटरी और यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया द्वारा मिलकर बनाया गया है।  झांग टोनजी ने कहा है कि उनकी टीम ने साल 2020 में पहेलीनुमा संकेतों वाले सिग्‍नलों के 2 सेट देखे थे। इन सिग्‍नलों को साल 2019 में...

मंगल ग्रह पर दिखे पत्‍थरों के गेट, क्‍या एलियंस का घर है? जानें सच्‍चाई

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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने साल 2011 में क्यूरियोसिटी रोवर (Curiosity rover) को मंगल ग्रह पर भेजा था। यह वहां गेल क्रेटर रीजन में रहकर खोजें कर रहा है। इन्‍हीं खोजों से हमें कई बार हैरान करने वाली तस्‍वीरें मिलती हैं। पिछले दिनों यह रोवर मंगल ग्रह पर एक ‘दरवाजे' तक पहुंचा था, जिसे देखकर ऐसा लगा कि यह एलियंस का दरवाजा है। हाल में इसने एक और इमेज भेजी। इसमें पत्‍थरों के गेट टावरनुमा आकृति में दिखाई दे रहे थे। तस्‍वीर ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। सवाल उठा कि क्‍या इसका दूसरी दुनिया से कोई कनेक्‍शन है? हालांकि एक्‍सपर्ट का कहना है कि ये टावर संभवत: सीमेंट जैसे मटीरियल से बने थे, जो कभी मंगल ग्रह की चट्टान की दरारों को भरते थे।  रिपोर्टों के अनुसार, इस तरह के रॉक फॉर्मेशन गेल क्रेटर रीजन के इतिहास के बारे में ज्‍यादा जानकारी दे सकते हैं। क्यूरियोसिटी रोवर इसमें अहम भूमिका निभा सकता है। यह पिछले 10 साल से मंगल ग्रह पर अपने मिशन पर है और गेल क्रेटर रीजन में पहाड़ों पर चढ़ सकता है। यह वहां की जियोलॉजी, इतिहास और वातावरण के बारे में जानकारी प्रदान करता है। यह नासा की मार...

एलियंस की खोज में चीन! पृथ्‍वी से बाहर जीवन की तलाश के लिए बनाया मिशन

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साइंस बरसों से इस कोशिश में है कि पृथ्‍वी के नजदीक किसी ऐसे ग्रह का पता लगा सके, जहां जीवन मुमकिन हो। दुनियाभर के वैज्ञानिक कई साल से इन ग्रहों की खोज में जुटे हैं, लेकिन उन्‍हें कोई बड़ी कामयाबी अबतक नहीं मिल पाई है। बहरहाल अब चीन ने इस मिशन को अपने हाथ में लिया है। उसने एक ऐसे मिशन का प्रस्‍ताव रखा है, जो ऐसे ग्रहों की खोज में एक अलग रास्‍ता अपना सकता है। चीनी वैज्ञानिकों को उम्‍मीद है कि यह मिशन पृथ्‍वी से बाहर इन ग्रहों को लेकर पुख्‍ता नजर‍िया पेश कर सकता है। इस मिशन का नाम है क्लोजबाय हैबिटेबल एक्सोप्लैनेट सर्वे (CHES)। इस मिशन के तहत चीन हमारी पृथ्‍वी के आसपास स्थित तारों पर मौजूद ग्रहों की परिक्रमा के असर को जानेगा। इन ग्रहों को एक्‍सोप्‍लैनेट कहा जाता है। ऐसे ग्रह जो सूर्य के अलावा अन्य तारों की परिक्रमा करते हैं, वो एक्सोप्लैनेट कहलाते हैं। मिशन के जरिए यह समझने की कोशिश की जाएगी कि क्‍या फलां ग्रह में जीवन को बनाए रखने की क्षमता है। अगर ऐसा होता है, तो यह विज्ञान के लिए एक बड़ी उपलब्धि हो सकती है। बताया जाता है कि इस मिशन को एक स्‍पेसक्राफ्ट के जरिए पूरा किया जाएगा।  रिपो...

लाखों किलोमीटर दूर तारों का सफर बिना स्‍पेसशिप के करेगा इंसान, यह तरीका आएगा काम!

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अगले 5 अरब साल में क्या होगा, जब सूर्य एक लाल ‘दानव' में बदल जाएगा यानी बहुत बड़ा और गर्म हो जाएगा व पृथ्वी को खा जाएगा? वैज्ञानिक लंबे समय से इस सवाल से जूझ रहे हैं। क्या यह घटना ब्रह्मांड से मानव जाति के खत्‍म होने की वजह बनेगी? क्या इस विनाश से प्रजातियों को बचाने का कोई तरीका है? इसका जवाब है एक ऐसे ग्रह की इंटरस्टेलर यात्रा जो मनुष्यों के लिए अगला घर हो सकता है। यह मानव जाति को बचाने का काल्पनिक तरीका है, लेकिन क्‍या ऐसा हकीकत में मुमकिन है? अगर हमें ऐसा कोई ग्रह मिल भी जाए, तो अंतरिक्ष यान से वहां तक पहुंचने में सैकड़ों और हजारों साल लग सकते हैं।  इसका मतलब है कि इंसान को पृथ्‍वी से बाहर अपना नया घर खोजने में कई पीढ़ियां लग जाएंगी। हालांकि एक रिसर्च पेपर से पता चलता है कि अंतरिक्ष यान के बिना भी इंटरस्टेलर यात्रा हो सकती है। अंतरतारकीय अंतरिक्ष उड़ान (interstellar travel) दो तारों या प्‍लेनेटरी सिस्‍टम के बीच अंतरिक्ष उड़ान द्वारा की गई यात्रा को कहते हैं। फि‍लहाल यह पूरी तरह काल्पनिक है। ह्यूस्टन कम्युनिटी कॉलेज में फ‍िजिक्‍स और एस्‍ट्रोनॉमी की प्रोफेसर इरिना रोमानोव्सक...

क्‍या सचमुच एलियंस ने हमें भेजा था 'Wow! सिग्‍नल? वैज्ञानिकों ने खोज निकाली वह जगह

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एलियंस हमारी दुनिया के लिए हमेशा से रहस्‍य और उत्‍सुकता बने हुए हैं। ऐसे दावों की कमी नहीं है, जिनमें एलियंस के होने की बात कही जाती है। रिसर्चर्स इन दावों की पड़ताल में जुटे हुए हैं। इन्‍हीं में से एक है वो ब्रॉडकास्‍ट, जिसे ‘एलियन ब्रॉडकास्‍ट' कहा जाता है। यह बात साल 1977 की है। अमेरिका में एक रेडियो टेलीस्कोप को नैरोबैंड रेडियो सिग्नल मिला। इसे वाव (Wow) सिग्‍नल के रूप में जाना जाता है। इस सिग्‍नल ने वैज्ञानिकों को हैरान कर दिया था क्‍योंकि साइंटिस्‍ट इसकी उत्पत्ति का पता नहीं लगा पाए थे। कहा जा रहा है कि अब वैज्ञानिकों को इसका जवाब मिल गया है।  आधी सदी पहले आए इस सिग्‍नल के सोर्स को लेकर वैज्ञानिकों ने अनुमान लगाया है कि यह 1800 प्रकाश-वर्ष दूर सैजिटेरीअस तारामंडल में स्थित एक सूर्य जैसे तारे से आया होगा। खगोलशास्त्री अल्बर्टो कैबलेरो ने लाइव साइंस को बताया कि "वाव! सिग्नल को सबसे बेस्‍ट SETI कैंडिडेट रेडियो सिग्नल माना जाता है, जिसे हमारे टेलीस्‍कोपों ने पिक किया है। नासा के अनुसार, SETI या दूसरे ग्रहों की खोज वह क्षेत्र है, जिसके तहत 20वीं सदी के मध्य से ऐसे संदेशों ...

मंगल ग्रह पर एलियंस के दरवाजे तक पहुंचा Nasa का रोवर! जानें क्‍या है पूरा सच

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पिछले कई दशकों से मंगल ग्रह पर एलियंस की मौजूदगी के बारे में बात होती रही है। हालांकि अगर लाल ग्रह पर ऐसा कुछ मिला है, तो निश्चित रूप से पृथ्‍वी से वहां भेजे गए रोवर्स को इसके संकेत मिले होंगे। ऐसा लगता है कि नासा (NASA) का क्यूरियोसिटी रोवर पहले (Curiosity rover) मंगल ग्रह पर कुछ गुप्त जानकारियों की खोज में जुटा है। यह मंगल ग्रह से पृथ्वी पर साइंटिस्‍ट को इमेजेस भेजता रहता है। ऐसी ही एक तस्‍वीर में ग्रह के चट्टानी इलाकों में कुछ खास दिखाई देता है। तस्वीर को देखकर ऐसा लगता है कि मंगल ग्रह की चट्टानों के बीच क्यूरियोसिटी रोवर एक दरवाजे तक पहुंचा है। सवाल उठता है कि आखिर यह क्‍या है। क्‍या इसका संबंध मंगल ग्रह पर एलियंस की मौजूदगी से है।  यह इमेज नासा के मार्स रोवर ‘क्यूरियोसिटी' पर लगे मास्टकैम से ली गई। यह ग्रह के एक जियोलॉजिकल फीचर को दर्शाता है, जिसे ग्रीनह्यू पेडिमेंट (Greenheugh Pediment) के नाम से जाना जाता है।  तस्वीर को देखकर कोई भी यह विश्‍वास कर सकता है कि यह मंगल ग्रह पर एक गुप्त गुफा का प्रवेश द्वार है या किसी सुरंग की शुरुआत है, जो दूर तक जाती है। हालांकि यह बात सच्...

Nasa के पूर्व साइंटिस्‍ट का दावा- अगले कुछ साल में इंसान को मिल जाएंगे एलियंस

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क्‍या पृथ्‍वी के बाहर भी जीवन मौजूद है? यह सवाल वर्षों से हमारे सामने बना हुआ है। इसी के साथ एक और प्रश्‍न सामने आता है कि क्‍या एलियंस हैं? अगर हैं तो उनका अस्तित्‍व कहां है और कब से है? वैज्ञानिक इन सवालों के जवाब खोजने में जुटे हैं। हालांकि उनके सामने अबतक कोई पुख्‍ता तथ्‍य नहीं आ पाया है। दुनिया में यह मानने वालों की कमी नहीं है कि पृथ्‍वी के बाहर भी जीवन है और एलियंस का वजूद है। ऐसा मानने वालों में नासा के एक पूर्व प्रमुख वैज्ञानिक भी शामिल हैं। एक टीवी इंटरव्‍यू में बीते दिनों उन्‍होंने कहा कि अगले कुछ साल में इंसान की मुलाकात एलियंस से होगी।     बीबीसी से बातचीत में जिम ग्रीन ने समझाया कि पृथ्वी के बाहर भी जीवन मौजूद है, इस विश्वास को व्यक्त करने के बाद इंसान वास्तव में आश्चर्यजनक खोज के करीब है। करीब 40 साल तक अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी में काम कर चुके जिम ने कहा, उन्‍हें उम्‍मीद है कि उनके जीवनकाल में एलियंस की खोज हो जाएगी। जिम ने कहा कि हम बहुत तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। अब हम यह जानते हैं कि हमारी आकाशगंगा में जितने ग्रह हैं, उससे भी कहीं अधिक तारे हैं। उन्होंने कहा कि उनमे...

एलियंस से संपर्क करने के लिए NASA अंतरिक्ष में भेजेगा नग्न इंसानों की तस्वीर

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NASA लंबे अर्से से एलियंस से संपर्क करने की कोशिश करता आया है और अब स्पेस एजेंसी इस ओर एक नया कदम उठाने का फैसला कर चुकी है। नासा के वैज्ञानिक अंतरिक्ष में इंसानों की नग्न तस्वीरें भेजने की योजना बना रहे हैं। एक लेटेस्ट मीडिया रिपोर्ट में बताया गया है कि बाहरी दुनिया में अन्य जीवन के साथ संपर्क किया जा सकता है, जिसके लिए अब उन्होंने एक महिला और एक पुरुष की डिज़िटल पिक्सेलेटेड चित्र भेजने का फैसला किया है। इस चित्रण में इंसानी DNA और साथ ही ग्रैविटी (गुरुत्वाकर्षण) की जानकारी को भी शामिल किया गया है।  The Sun की रिपोर्ट कहती है कि NASA के वैज्ञानिकों ने इस तस्वीर को एक स्टडी में पेश किया था, जो ‘Beacon in the Galaxy' (BITG) नाम के एक प्रोजेक्ट का हिस्सा थी। यह तस्वीर असल में वास्तविक इंसानों की नग्न तस्वीर नहीं है, बल्कि यह नग्न पुरुष और महिला का एक रेखा-चित्र है। इसमें महिला के साइड में एक DNA का चित्रण भी है और पुरुष के साइड में निचे गिरती चीज़ों के जरिए गुरुत्वाकर्षण को भी दर्शाया गया है। रिपोर्ट कहती है कि BITG प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य बाहरी दुनिया में मौजूद किसी भी प्रक...

एलियंस के होने का अंदेशा! अमेरिकी पायलट ने एक दर्जन से ज्यादा UFO देखे

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UFO और एलियन हमारी दुनिया के लिए आज भी रहस्‍य हैं। इनकी मौजूदगी को लेकर समय-समय पर दावे किए जाते हैं। कई लोगों और वैज्ञानिकों का मानना है कि इस दुनिया के बाहर भी एक दुनिया है। UFO और एलियंस को लेकर हमने कई कहान‍ियां सुनी हैं। पृथ्‍वी पर UFO के आने के दावे होते रहते हैं। ऐसा ही एक दावा फ‍िर से किया गया है। हांगकांग के पास दक्ष‍िण चीन सागर के ऊपर एक दर्जन से ज्‍यादा अनआइडेंटिफाइड फ्लाइंग ऑब्‍जेक्‍ट्स (UFOs) दिखाई दिए, जो कुछ देर बाद बादलों में गायब हो गए। इस वीडियो को कथित तौर पर एक अमेरिकी मिलिट्री पायलट ने रिकॉर्ड किया है। इस वीडियो में चार रहस्यमयी प्रकाश संरचनाओं के तीन सेट बादलों के ऊपर उड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो को 24 नवंबर को फिल्माया गया था। सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है। वीडियो देखने के बाद लोग चौंकाने वाली प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ यूजर्स ने इसे ‘एलियन' एयरक्राफ्ट की रोशनी बताया, तो कुछ का मानना है कि वो "तैरते स्वर्गदूत" थे। हालांकि कुछ यूजर्स का मानना है कि यह एक सैन्य अभ्यास हो सकता है। वीडियो में पायलट को यह कहते हुए सुना...