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तमिलनाडु की ‘एन्नम एझुथुम’ (Ennum Ezhuthum) योजना क्या है?

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First Published: June 20, 2022 | Last Updated:June 20, 2022 तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने राज्य में “एन्नम एझुथम योजना” लांच की। ‘एनम एझुथुम’ (Ennum Ezhuthum) योजना यह योजना COVID-19 महामारी के परिणामस्वरूप 8 वर्ष से कम आयु के छात्रों के बीच सीखने की खाई को पाटने के लिए शुरू की गई है। इसका उद्देश्य 2025 तक मूलभूत संख्यात्मकता (foundational numeracy) और साक्षरता (literacy) सुनिश्चित करना है। कार्यपुस्तिका का वितरण एन्नम एझुथम योजना के तहत, शिक्षा विभाग सीखने की खाई का आकलन करने और उसे पाटने के लिए कक्षा 1 से 3 तक के छात्रों को कार्यपुस्तिका वितरित करेगा। शिक्षकों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम इस लॉन्च से पहले शिक्षकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया था और उनके बीच हैंडबुक वितरित की गई थी। उन्हें सलाह दी गई थी कि वे इंटरएक्टिव लर्निंग मेथड को चुनें और छात्रों को स्कूल लाइब्रेरी में किताबें और अखबार पढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें। यह योजना क्यों शुरू की गई? यह योजना तमिलनाडु राज्य के स्कूलों को कोविड -19 महामारी ...

डायरेक्ट-टू-मोबाइल (D2M) तकनीक क्या है?

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First Published: June 9, 2022 | Last Updated:June 9, 2022 दूरसंचार विभाग सार्वजनिक सेवा प्रसारक प्रसार भारती के साथ मिलकर डायरेक्ट-टू-मोबाइल’ (D2M)) तकनीक की व्यवहार्यता तलाश रहा है। डायरेक्ट-टू-मोबाइल (D2M) तकनीक क्या है? D2M तकनीक सक्रिय इंटरनेट कनेक्शन के बिना वीडियो और अन्य मल्टीमीडिया सामग्री को सीधे मोबाइल फोन पर प्रसारित करने की अनुमति देती है। यह ब्रॉडबैंड और प्रसारण के अभिसरण पर आधारित है। इस तकनीक का उपयोग करके, मोबाइल फोन टेरेस्ट्रियल डिजिटल टीवी प्राप्त करने में सक्षम होंगे। यह मोबाइल फोन पर एफएम रेडियो के समान है, जिसमें फोन रेडियो फ्रीक्वेंसी में टैप कर सकता है। यह स्पेक्ट्रम के उपयोग और ब्रॉडबैंड की खपत में सुधार करता है। D2M तकनीक के क्या उपयोग हैं? इस तकनीक का उपयोग नागरिक केंद्रित जानकारी से संबंधित सामग्री को सीधे प्रसारित करने के लिए किया जा सकता है। यह फर्जी खबरों का मुकाबला करने, आपातकालीन अलर्ट जारी करने के साथ-साथ आपदा प्रबंधन में सहायता प्रदान करने में मदद करेगा। इसका उपयोग मोबाइल फोन पर लाइव स्पोर्ट्स और समाचार ...

बी.वी. दोशी (B.V. Doshi) ने जीता रॉयल गोल्ड मेडल 2022

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First Published: May 13, 2022 | Last Updated:May 13, 2022 बालकृष्ण विट्ठलदास दोशी को प्रतिष्ठित रॉयल गोल्ड मेडल 2022 से सम्मानित किया गया है। इस पुरस्कार को दुनिया के सर्वोच्च सम्मानों में से एक कहा जाता है जो वास्तुकला (architecture) के क्षेत्र में प्राप्त किया जा सकता है। बी.वी. दोशी को यह पुरस्कार किसने प्रदान किया? साइमन ऑलफोर्ड, जो रॉयल इंस्टीट्यूट ऑफ ब्रिटिश आर्किटेक्ट्स (RIBA) के अध्यक्ष हैं, ने बीवी दोशी को अहमदाबाद, गुजरात में उनके आवास पर यह पुरस्कार प्रदान किया। यह पदक क्यों दिया जाता है? यह पुरस्कार एक व्यक्ति के जीवन भर के काम को सम्मानित करने के लिए प्रस्तुत किया जाता है जिसका वास्तुकला के क्षेत्र को आगे बढ़ाने पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ा है। यूनाइटेड किंगडम की महारानी एलिजाबेथ व्यक्तिगत रूप से इस प्रतिष्ठित पदक को मंजूरी देती हैं। बी.वी. दोशी की कुछ प्रसिद्ध कृतियाँ क्या हैं? उन्होंने 100 परियोजनाओं पर काम किया है जिसमें शैक्षिक सुविधाएं, सांस्कृतिक भवन, आवास विकास आदि शामिल हैं। उनकी कुछ महत्वपूर्ण परियोजनाओं में शामिल हैं: भार...

राष्ट्रीय युवा नीति (National Youth Policy) का नया मसौदा तैयार किया गया

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First Published: May 9, 2022 | Last Updated:May 9, 2022 भारत की केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय युवा नीति (National Youth Policy) का एक नया मसौदा तैयार किया गया है। सरकार द्वारा मौजूदा राष्ट्रीय युवा नीति, 2014 की समीक्षा के बाद नया मसौदा तैयार किया गया है। मुख्य बिंदु  इस मसौदा नीति में युवाओं के विकास के लिए दस साल के दृष्टिकोण की कल्पना की गई है, जिसे भारत वर्ष 2030 तक हासिल करना चाहता है। कौन सा संगठन इस नीति के संबंध में सुझाव मांग रहा है? युवा मामलों के विभाग ने राष्ट्रीय युवा नीति के मसौदे के संबंध में देश भर के सभी हितधारकों से सुझाव और टिप्पणियां मांगी हैं। सुझाव, साथ ही नई मसौदा नीति के संबंध में टिप्पणियां, 45 दिनों के भीतर अर्थात 13 जून 2022 तक भेजी जानी चाहिए। यह मसौदा नीति किन लक्ष्यों के अनुरूप है? इस नीति को देश के सतत विकास लक्ष्यों के साथ जोड़ा गया है और यह देश के युवाओं की क्षमता को अनलॉक करने का भी प्रयास करती है। इस नीति ने कितने क्षेत्रों में कार्रवाई की मांग की है? यह नीति पांच प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में युवा विकास के संबंध...

वित्त वर्ष 22 में भारत का स्टील उत्पादन और निर्यात : मुख्य बिंदु

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First Published: April 29, 2022 | Last Updated:April 29, 2022 इस्पात और ग्रामीण विकास राज्य मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते ने घोषणा की है कि भारत ने 13.5 मिलियन टन (एमटी) तैयार स्टील का निर्यात 1 ट्रिलियन रुपये में किया है, और लगभग 46000 करोड़ रुपये का स्टील आयात किया है। मुख्य बिंदु  देश के इस्पात क्षेत्र के इस प्रभावशाली प्रदर्शन ने भारत से 420 बिलियन डालर मूल्य के व्यापारिक निर्यात के सर्वकालिक रिकॉर्ड में योगदान दिया है। भारत के इस्पात क्षेत्र ने घरेलू इस्पात उत्पादन और बाहरी व्यापार के मामले में रिकॉर्ड प्रदर्शन दर्ज किया है। देश इस क्षेत्र में अपना प्रदर्शन बेहतर कर सकता है। देश का इस्पात क्षेत्र साल-दर-साल आधार पर लगभग 5 से 6% की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर (CAGR) से बढ़ रहा है। भारत की इस्पात खपत भारत की सर्वकालिक उच्च इस्पात खपत लगभग 106 मिलियन टन और उत्पादन 120 मिलियन टन रहा। यह इस क्षेत्र के लचीलेपन को दर्शाता है। उत्पादन से जुड़ी योजना भारत सरकार ने इस क्षेत्र में उत्पादन से जुड़ी योजना (PLI) को भारत में विशेष इस्पात के उत्पादन के उद्देश्...

यूक्रेन के राष्ट्रपति ने रूस के लिए “आतंकवाद के प्रायोजक राज्य” टैग की मांग की

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First Published: April 19, 2022 | Last Updated:April 19, 2022 यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की (Volodymyr Zelenskyy) ने अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाईडेन से रूस के लिए “आतंकवाद के प्रायोजक राज्य” टैग की मांग की है। ऐसा करने से रूस के खिलाफ अमेरिकी सरकार के पास उपलब्ध सबसे कठोर प्रतिबंधों को सक्रिय किया जाएगा। मुख्य बिंदु  अमेरिकी विदेश मंत्री द्वारा किसी भी देश को “आतंकवाद के राज्य प्रायोजक” के रूप में नामित किया जा सकता है। कोई भी देश जिसने अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद से संबंधित कृत्यों के लिए बार-बार समर्थन प्रदान किया है, उसे यह टैग दिया जा सकता है।  वर्तमान में इस सूची में शामिल देश अब तक, चार देशों को “आतंकवाद के राज्य प्रायोजक” टैग दिया गया है और वे सीरिया, ईरान, उत्तर कोरिया और क्यूबा हैं। इस टैग का प्रभाव किसी देश को एक बार दिया गया यह टैग उसकी वित्तीय प्रणाली को नुकसान पहुंचा सकता है। अमेरिका में मौजूद उस देश की संपत्ति को फ्रीज किया जा सकता है। अमेरिका उस देश द्वारा विश्व बैंक या अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से ऋण प्राप्त करने के प्रयासों ...

14 अप्रैल को मनाया गया विश्व चगास दिवस (World Chagas Day)

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First Published: April 15, 2022 | Last Updated:April 15, 2022 विश्व चगास दिवस (World Chagas Day) प्रतिवर्ष 14 अप्रैल को मनाया जाता है। यह दिन इस जानलेवा बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए मनाया जाता है जो पाचन और हृदय संबंधी समस्याओं का कारण बन सकती है। मुख्य बिंदु  इस बीमारी को अमेरिकन ट्रिपैनोसोमियासिस (American trypanosomiasis), साइलेंस्ड डिजीज (silenced disease) या साइलेंट डिजीज (silent disease) के नाम से भी जाना जाता है। यह रोग ट्रिपैनोसोमा क्रिजू (Trypanosoma crizu) नामक परजीवी के कारण होता है। ट्रायटोमाइन बग के माध्यम से, जिसे किसिंग बग के रूप में भी जाना जाता है, यह परजीवी मनुष्यों में फैलता है। गरीब लोग जो ग्रामीण क्षेत्रों में खराब स्वच्छता की स्थिति में रहते हैं, वे इस बीमारी से सबसे अधिक प्रभावित होते हैं। यह रोग मेक्सिको, मध्य अमेरिका और दक्षिण अमेरिका जैसे क्षेत्रों में लोगों को अधिक होता है। दिन का इतिहास 14 अप्रैल, 2020  को, इस दिन को पहली बार बीमारी से पीड़ित लोगों के बारे में जागरूकता पैदा करने के उद्देश्य से मनाया गया था।...

वन हेल्थ (One Health) पायलट प्रोजेक्ट क्या है?

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First Published: April 9, 2022 | Last Updated:April 9, 2022 भारतीय उद्योग परिसंघ (Confederation of Indian Industry – CII) और बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (BMGF) के सहयोग से पशुपालन और डेयरी विभाग (DAHD) ने वन हेल्थ फ्रेमवर्क को लागू करने के लिए उत्तराखंड में एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया है। मुख्य बिंदु  वन हेल्थ सपोर्ट यूनिट (One Health Support Unit) का उद्देश्य पायलट प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन से प्राप्त अनुभव के आधार पर वन हेल्थ रोडमैप विकसित करना है। एक अंतर-मंत्रालयी एक स्वास्थ्य समिति भी स्थापित की गई है जो एक स्वास्थ्य सहायता इकाई के कार्यान्वयन में मदद करेगी। एक परियोजना संचालन समिति (Project Steering Committee – PSC) का भी गठन किया गया है। इस समिति की सिफारिशों के आधार पर जिला एवं राज्य स्तर पर एक स्वास्थ्य समिति गठित करने की आवश्यकता है। इस पायलट प्रोजेक्ट का शुभारंभ सचिव, पशुपालन और डेयरी विभाग, अतुल चतुर्वेदी ने किया। प्रमुख गतिविधियां इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत बीमारी के प्रकोप, प्रबंधन, व्यापकता और निगरानी योजनाओं के विकास, प्रयोगशालाओं...

राजस्थान की उड़ान योजना (Udaan Scheme) : मुख्य बिंदु

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First Published: March 28, 2022 | Last Updated:March 28, 2022 राजस्थान की ‘उड़ान’ योजना (Udaan Scheme) राज्य की ग्रामीण लड़कियों को छात्रवृत्ति योजनाएँ प्रदान करती है, जिससे उन्हें स्कूली शिक्षा प्राप्त करने की अनुमति मिलती है। मुख्य बिंदु  उड़ान परियोजना एक विकास परामर्श समूह ‘IPE Global’ के सहयोग से शुरू की गई है। इस योजना के तहत राज्य में लड़कियों के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। लड़कियों को स्कूल में रखने पर फोकस इस कार्यक्रम के माध्यम से राज्य की लड़कियों को स्कूल में रखने का प्रयास किया गया है।  माध्यमिक स्तर पर उनका नामांकन कर यह कार्य किया जा रहा है। यह योजना यह भी सुनिश्चित करती है कि सभी नामांकित छात्रों में से पात्र छात्रों को उनकी छात्रवृत्ति प्राप्त हो। यह योजना न केवल छात्रवृत्ति योजनाओं के बारे में जागरूकता पैदा करती है बल्कि इस योजना के तहत ग्रामीण समुदायों को भी लड़कियों की शिक्षा के लिए सहायता प्रदान करने और उनकी उपस्थिति को सुविधाजनक बनाने में मदद करने के लिए प्रेरित किया गया है। स्कूल में किशोर स्वास्थ्य शिक्षा पर फोकस इस योजना...

कोयला आधारित बिजली सयंत्रों में बायोमास ईंधन का उपयोग किया जायेगा

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First Published: March 24, 2022 | Last Updated:March 24, 2022 बायोमास पेलेट्स के सम्मिश्रण (blending) को विद्युत मंत्रालय द्वारा अनिवार्य कर दिया गया है। 8 अक्टूबर 2021 को जारी “Revised Policy for Biomass Utilization for power generation Through Co-firing in Coal-based Power Plants” के तहत, बायोमास पेलेट्स को मुख्य रूप से कोयले के साथ कृषि अवशेषों से बनाया जायेगा । मुख्य बिंदु देश में ताप विद्युत संयंत्रों (thermal power plants) को बायोमास पेलेट्स के 5% मिश्रण का उपयोग करने का निर्देश दिया गया है जो मुख्य रूप से कोयले के साथ कृषि अवशेषों से बने होते हैं। इस आदेश जारी होने के दो साल से और उसके बाद ब्लेंडिंग का प्रतिशत बढ़ाकर 7% कर दिया जाएगा। बायोमास पेलेट्स (Biomass Pellets) क्या हैं? बायोमास पेलेट एक प्रकार का बायोमास ईंधन है जो बहुत लोकप्रिय है। इन पेलेट्स को ज्यादातर कृषि बायोमास, लकड़ी के कचरे, वानिकी के अवशेषों, वाणिज्यिक घासों आदि से बनाया जाता है। ये पेलेट्स न केवल भंडारण और परिवहन की लागत को बचाने में मदद करते हैं, बल्कि बायोमास पेलेट्स लागत ...

हरियाणा का धर्मांतरण विरोधी विधेयक (Haryana Anti-Conversion Bill) : मुख्य बिंदु

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First Published: March 24, 2022 | Last Updated:March 24, 2022 हरियाणा विधानसभा ने “हरियाणा धर्मांतरण रोकथाम विधेयक, 2022” पारित किया है। हरियाणा सरकार के अनुसार, इस विधेयक का उद्देश्य बल के माध्यम से धर्मांतरण को रोकना है। मुख्य बिंदु  यह विधेयक बल, कपटपूर्ण तरीकों, प्रलोभन या शादी की आड़ में किसी व्यक्ति के धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए लाया गया है। इसी तरह के विधेयक उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में भी पारित किए गए हैं। बिल पहली बार 4 मार्च को पेश किया गया था । राज्य सरकार ने कहा है कि स्वतंत्र रूप से धर्म परिवर्तन करने वाले व्यक्ति को इस नए विधेयक के तहत दंडित नहीं किया जाएगा, लेकिन यह बिल किसी व्यक्ति को जबरन धर्मांतरण से बचाने के लिए प्रयास करेगा। इस विधेयक के तहत प्रावधान इस विधेयक के अनुसार यदि धर्म परिवर्तन बल, प्रलोभन या कपटपूर्ण तरीकों से किया जाता है तो ऐसे कृत्यों के लिए जिम्मेदार व्यक्ति को एक से पांच साल तक की जेल हो सकती है और उस पर न्यूनतम 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है। इस विधेयक में कहा गया है कि जो कोई भी किसी महिला, न...

सिक्किम सरकार शुरू करेगी ‘बाहिनी’ योजना (Bahini Scheme)

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First Published: March 15, 2022 | Last Updated:March 15, 2022 सिक्किम सरकार इस महीने के अंत में अपने वार्षिक बजट में बाहिनी योजना की घोषणा करने जा रही है। बाहिनी योजना (Bahini Scheme) बाहिनी योजना का उद्देश्य माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय जाने वाली लड़कियों को 100% मुफ्त और सुरक्षित सैनिटरी पैड प्रदान करना है। बाहिनी योजना के तहत सिक्किम के 210 माध्यमिक और वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों में मुफ्त सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने के लिए वेंडिंग मशीन लगाई जाएगी। यह योजना सिक्किम के सरकारी स्कूलों में पढ़ रही 18,665 किशोरियों को कवर करेगी। भारत में यह पहली बार है कि किसी राज्य ने कक्षा 9-12 में पढ़ने वाली सभी लड़कियों को कवर करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत स्कूलों में पैड डिस्पोजल के लिए इंसीनरेटर भी लगाए जाएंगे। बाहिनी योजना में आंगनबाडी व आशा कार्यकर्ता भी शामिल होंगी। बाहिनी योजना के उद्देश्य बाहिनी योजना का मुख्य उद्देश्य किशोरियों के स्कूल छोड़ने पर अंकुश लगाना है। एक अंतर्राष्ट्रीय एनजीओ WaterAid India के अनुसार, उचित स्वच्छता सुविधाओं और सैन...

राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (National Land Monetization Corporation) की स्थापना को मंज़ूरी दी गई

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First Published: March 11, 2022 | Last Updated:March 11, 2022 9 मार्च 2022 को पीएम मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (National Land Monetization Corporation – NLMC) की स्थापना को मंजूरी दे दी है। राष्ट्रीय भूमि मुद्रीकरण निगम (National Land Monetization Corporation – NLMC) NLMC को पहली बार केंद्रीय बजट 2021-22 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तावित किया गया था। NLMC को अब भारत सरकार की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी के रूप में स्थापित किया जाएगा। NLMC लोक उद्यम विभाग, वित्त मंत्रालय के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र में होगा। NLMC की प्रारंभिक अधिकृत शेयर पूंजी ₹5000 करोड़ होगी और चुकता शेयर पूंजी ₹150 करोड़ होगी। NLMC की संरचना अध्यक्ष और गैर-सरकारी निदेशकों की नियुक्ति योग्यता-आधारित चयन प्रक्रिया के माध्यम से की जाएगी। NLMC के निदेशक मंडल में केंद्र सरकार के वरिष्ठ अधिकारी और विशेषज्ञ शामिल होंगे। मुद्रीकरण प्रक्रिया को पेशेवर रूप से प्रबंधित करने के लिए NLMC को तकनीकी विशेषज्ञता भी प्रदान की जाएगी। NLMC...

Women@Work (W@W) Programme क्या है?

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First Published: March 11, 2022 | Last Updated:March 11, 2022 कर्नाटक सरकार के उच्च शिक्षा, इलेक्ट्रॉनिक्स और कौशल विकास मंत्री डॉ. सी.एन. अश्वथ नारायण ने Women@Work (W@W) Programme लांच किया है। मुख्य बिंदु यह कार्यक्रम 8 मार्च को महिला दिवस के अवसर पर शुरू किया गया था और इसके तहत कॉर्पोरेट कार्यक्रमों पर ध्यान दिया जाएगा जो महिला कर्मचारियों को आकर्षित करने में सहायक होंगे। जिन महिलाओं को विशेष कौशल में प्रशिक्षित किया जाएगा, वे अगले पांच वर्षों में रोजगार के योग्य हो जाएंगी। यह देश के सकल घरेलू उत्पाद की वृद्धि में योगदान करने में एक लंबा रास्ता तय करेगा। कर्नाटक डिजिटल इकोनॉमी मिशन के तहत महिलाओं को 5,000 नौकरियां देने का भी प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य यह कार्यक्रम 2026 तक महिलाओं को आवश्यक रोजगार योग्य कौशल के साथ पांच लाख नौकरियां प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। उद्योग अपस्किलिंग और रीस्किलिंग कार्यक्रमों, परामर्श और संस्थागत और संगठनात्मक नेटवर्किंग के माध्यम से, यह कार्यक्रम महिलाओं को सक्रिय रूप से भाग लेने और...

स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 शुरू किया गया

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First Published: March 5, 2022 | Last Updated:March 5, 2022 1 मार्च 2022 को, आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (MoHUA) ने स्वच्छ सर्वेक्षण शुरू किया, जो दुनिया के सबसे बड़े शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण का लगातार सातवां संस्करण है। मुख्य बिंदु  स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 को ‘पीपल फर्स्ट’ की धारणा के साथ फ्रंटलाइन स्वच्छता कार्यकर्ताओं के कल्याण के लिए शहरों की पहल को कैप्चर के लिए डिज़ाइन किया गया है। इस सर्वे में वरिष्ठ नागरिकों और युवा वयस्कों की आवाज को समान रूप से प्राथमिकता दी जाएगी। ऐसा करने से शहरी भारत की स्वच्छता को बनाए रखने के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को बल मिलेगा। इस साल के सर्वेक्षण को MoHUA द्वारा इप्सोस रिसर्च प्राइवेट लिमिटेड के लगभग 3,000 मूल्यांकनकर्ताओं के साथ शुरू किया गया है।  इस वर्ष के सर्वेक्षण में नमूने के लिए 100 प्रतिशत वार्डों को कवर करने का दायरा बढ़ाया गया है, जो पिछले वर्षों में 40 प्रतिशत था। स्वच्छ सर्वेक्षण 2022 इस अभ्यास को सुचारू रूप से करने के लिए पिछले वर्ष की तुलना में ऑन-फील्ड मूल्यांकन के लिए बड़ी संख्या में मूल्यांकनकर्ताओ...

केंद्र सरकार ने National Means-cum-Merit Scholarship को जारी रखने के लिए मंज़ूरी दी

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First Published: February 24, 2022 | Last Updated:February 24, 2022 राष्ट्रीय साधन-व-मेरिट छात्रवृत्ति योजना (National Means-cum-Merit Scholarship) की निरंतरता को शिक्षा मंत्रालय द्वारा अनुमोदित किया गया है। इस योजना को 2025-26 तक पात्रता मानदंड में न्यूनतम परिवर्तन के साथ वर्तमान 1.5 लाख से 3.5 लाख रुपये प्रति वर्ष की आय सीमा बढ़ाने के साथ अनुमोदित किया गया है। मुख्य बिंदु  इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी छात्रों को छात्रवृत्ति प्रदान करना है ताकि वे कक्षा 8 में बीच में न छूटें और अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्साहित हों। इस योजना के तहत कक्षा 9 के उन सभी चयनित छात्रों को प्रतिवर्ष प्रति छात्र 12,000 रुपये की 1,00,000 छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। मौद्रिक छात्रवृत्ति का नवीनीकरण और निरंतरता कक्षा 10 से 12 में भी किया जाता है ताकि छात्र सरकारी सहायता प्राप्त, राज्य सरकार और स्थानीय निकाय स्कूलों में अपनी शिक्षा प्राप्त कर सकें। वर्ष  2008-09  में यह योजना सरकार द्वारा शुरू की गई थी। इसकी शुरुआत के बाद से इस योजना के तहत ...

‘जनभागीदारी एम्पावरमेंट’ (Janbhagidari Empowerment) पोर्टल क्या है?

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First Published: February 22, 2022 | Last Updated:February 22, 2022 सरकार के डिजिटल मिशन के अनुरूप, सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर में ‘जनभागीदारी एम्पावरमेंट’ (Janbhagidari Empowerment) पोर्टल की मेजबानी की। जनभागीदारी एम्पावरमेंट (Janbhagidari Empowerment) जनभागीदारी एम्पावरमेंट पोर्टल को आम जनता को आसान पहुंच प्रदान करने के लिए उच्च बैंडविड्थ वाले एक अलग सर्वर पर होस्ट किया गया था। इस पोर्टल से संबंधित धीमी गति या बैंडविड्थ मुद्दों से संबंधित चिंताओं के बीच यह कदम उठाया गया है।  इस पोर्टल के एक अलग सर्वर पर चलने के बाद, यह काफी तेज़ी से खुलने लगा है, और इस तरह पोर्टल इस्तेमाल करने के अनुभव में सुधार हुआ है। अब तक करीब 70 हजार लोग पोर्टल को एक्सेस कर चुके हैं। पोर्टल का महत्व यह एक वन स्टॉप इंटरएक्टिव और उपयोगकर्ता के अनुकूल डिजिटल प्लेटफॉर्म है। यह लोगों को प्रकृति, स्थिति के साथ-साथ उनके क्षेत्रों में किए जा रहे विकास कार्यों की संख्या के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान करता है। प्रत्येक ब्लॉक या नगर पालिका, गांव और जिले में उनके ...

ब्राज़ील में बाढ़ और भूस्खलन से 100 से अधिक लोगों की मौत हुई

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First Published: February 19, 2022 | Last Updated:February 19, 2022 ब्राजील में पेट्रोपोलिस शहर में भूस्खलन और बाढ़ से मरने वालों की संख्या 17 फरवरी, 2022 को बढ़कर 117 हो गई। मुख्य बिंदु शहर में 6 सेमी बारिश दर्ज की गई, जिसके परिणामस्वरूप मिट्टी में अस्थिरता बढ़ गई और मलबे को साफ करने और जीवित बचे लोगों को खोजने के प्रयास बाधित हो गए। मौसम विज्ञानियों के अनुसार, इस क्षेत्र में रात में 4 सेमी तक बारिश होने की संभावना है। तेज आंधी के कारण सड़कें नदियों में बदल गईं और घर बह ग। पृष्ठभूमि ब्राजील दिसंबर 2021 से भारी बारिश का सामना कर रहा है। यह बारिश ने घातक बाढ़ और भूस्खलन का कारण बनी है। जनवरी 2022 में, मूसलाधार बारिश ने बाढ़ और भूस्खलन शुरू कर दिया, जिससे दक्षिण-पूर्वी ब्राजील में कम से कम 28 लोग मारे गए, विशेष रूप से साओ पाउलो राज्य में। पेट्रोपोलिस और आसपास के क्षेत्र जनवरी 2011 में भयंकर तूफान की चपेट में आए थे, जिसमें 900 लोग बाढ़ और भूस्खलन के कारण मारे गए थे। भारी बारिश का कारण विशेषज्ञों के अनुसार, ब्राजील में बरसात का मौसम ला नीना द्वारा बढ़...

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने अर्ली हार्वेस्ट समझौते के लिए समय सीमा तय की

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First Published: February 12, 2022 | Last Updated:February 12, 2022 भारत और ऑस्ट्रेलिया ने दोनों के बीच एक पूर्ण मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने से पहले, अर्ली हार्वेस्ट समझौते (EHA) को अंतिम रूप देने के लिए 30-दिन की समय-सीमा निर्धारित की है। मुख्य बिंदु शिक्षा इस बातचीत का केंद्र होगा। इस दौरान दोनों देश एक-दूसरे के बीच शैक्षिक योग्यता की पारस्परिक मान्यता पर विचार करेंगे। यह भारत या ऑस्ट्रेलिया द्वारा बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के साथ किए गए सबसे तेज़ मुक्त व्यापार समझौतों में से एक होगा। ऑस्ट्रेलिया खनन, शिक्षा, फार्मा, टेक्सटाइल और अक्षय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में पर्याप्त अवसरों की तलाश कर रहा है। EHA की सख्त समय सीमा दोनों देशों ने 25 दिसंबर, 2021 तक FTA या व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते (Comprehensive Economic Cooperation Agreement- CECA) के लिए एक अर्ली हार्वेस्ट समझौते को पूरा करने के लिए एक सख्त समय सीमा निर्धारित की थी। व्यापक कवरेज आयात शुल्क के साथ-साथ टैरिफ बाधाओं को कम करने में एक सामान्य स्थिति तक पहुंचने के बाद इस सौदे पर हस्ताक्षर कि...

देश-स्टैक ई-पोर्टल (DESH-Stack e-Portal) क्या है?

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First Published: February 3, 2022 | Last Updated:February 3, 2022 1 फरवरी, 2022 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2022 भाषण के दौरान “देश-स्टैक ई-पोर्टल” स्थापित करने की घोषणा की। मुख्य बिंदु  देश-स्टैक ऑनलाइन स्किलिंग प्लेटफॉर्म स्थापित करने की घोषणा और स्किलिंग पर बजट का समग्र फोकस उद्योग से सराहना प्राप्त कर रहा है, क्योंकि हितधारक जॉब मार्केट में स्किल गैप को बढ़ाने पर प्रकाश डाल रहे हैं। देश-स्टैक ई-पोर्टल (DESH-Stack e-Portal) DESH का अर्थ “Digital Ecosystem for Skilling and Livelihood” है। ऑनलाइन प्रशिक्षण के माध्यम से नागरिकों को कौशल या री-स्किलिंग के लिए सशक्त बनाने के लिए यह पोर्टल लॉन्च किया जाएगा। यह उद्यमशीलता के अवसरों और प्रासंगिक नौकरियों को खोजने के लिए API-आधारित विश्वसनीय कौशल क्रेडेंशियल्स, डिस्कवरी लेयर्स और भुगतान भी प्रदान करेगा। यह पोर्टल उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप होगा और भारत में शिक्षा और कौशल पारिस्थितिकी तंत्र को बेहतर बनाने और मजबूत करने में मदद करेगा। ई-पोर्टल का महत्व अपस्किलिंग, रीस्किलिंग और क्रॉस-स्किलिंग...