समुद्र के नीचे फट गया ज्वालामुखी, इसे Nasa ने ‘शार्ककैनो’ क्यों कहा? जानें सबकुछ
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) हमें ना सिर्फ स्पेस के रहस्यों से रू-ब-रू करवाती है, बल्कि पृथ्वी में होने वाली घटनाओं की भी साक्षी बनाती है। वीडियो और इमेजेस के जरिए हम दुनिया को नए नजरिए से देख पाते हैं। इसी क्रम में नासा के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर ने प्रशांत महासागर में पानी के नीचे हुए ज्वालामुखी विस्फोट की तस्वीर ट्वीट की है। बात यहीं खत्म नहीं होती। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी ने इस घटना को शार्ककैनो (Sharkcano) कहा है। इसकी वजह यह है कि जिस जगह ज्वालामुखी में यह विस्फोट हुआ है, वहां शार्क की दो प्रजातियां रहती हैं यानी यह जगह उनका निवास है। इस तस्वीर को लैंडसेट-9 सैटेलाइट ने क्लिक किया है, जो बताती है कि मौजूदा जगह पर समुद्र में काफी हलचल है। नासा ने बताया है कि सोलोमन द्वीप में कवाची ज्वालामुखी शार्क की दो प्रजातियों का घर है। एजेंसी के मुताबिक, यह इलाका प्रशांत क्षेत्र में सबसे सक्रिय ज्वालामुखियों में से एक है। इन्हीं में से एक ज्वालामुखी को जो पानी के अंदर है, लैंडसैट-9 ने फटते हुए देखा है। नासा ने ट्विटर पर इससे जुड़ीं इमेजेस शेयर की हैं और लिखा है, क्या ...