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Nasa के चंद्र मिशन के लिए क्‍यों बढ़ गई है इलेक्ट्रिक कार कंपनियों की अहमियत?

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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) एक बार फ‍िर से अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजने की योजना बना रही है। आर्टिमिस मिशन इसी की बानगी है। इस साल इस मिशन के लॉन्‍च होने की उम्‍मीद है और साल 2025 तक आर्टिमिस III (Artemis III) मिशन के साथ चंद्रमा के साउथ पोल के आसपास एक दल को फेरी लगाने के लिए भेजा जाएगा। नासा की योजना है कि इस मिशन के साथ जाने वाले अंतरिक्ष या‍त्र‍ियों को चंद्रमा पर एक हफ्ते के लिए ठहराया जाएगा, ताकि वो लैंडिंग साइट के आसपास के इलाके की खोज कर सकें। इसका मकसद भविष्‍य के मून मिशन के लिए एक बेस कैंप तैयार करना भी है। इन सबके लिए एक उच्‍च क्षमता वाले व्‍हीकल की जरूरत होगी। नासा जिस रोवर और व्‍हीकल्‍स को इस मिशन में शामिल करने की योजना बना रही है, उनमें एक दबावयुक्‍त ‘हैबिटेबल मोबेलिटी प्‍लेटफॉर्म' भी है, जो मिशन में शामिल क्रू को 45 दिनों तक ट्रांसपोर्ट कर सकता है। नासा की जरूरतों के अनुसार, चालक दल के व्‍हीकल को कम से कम एक दशक तक चलने के लिए डिजाइन किया जाना चाहिए। गाड़ी के ड‍िजाइन भविष्‍य में मंगल ग्रह के तैयार होने वाले मिशन में भी मानक का काम करेगा।  इन चुन...

Nasa के Artemis-3, 4 और 5वें मून मिशन पर भी चल रहा काम, इंसान को दोबारा चांद पर उतारने की है तैयारी

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नासा (NASA) के मून मिशन आर्टिमिस-1 (Artemis I) की लॉन्चिंग होना अभी बाकी है। इस बीच नासा और अमेरिका में उसके तमाम सहयोगी दूसरे आर्टेमिस लॉन्च के लिए स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट पर काम कर रहे हैं। यह पहला क्रू आर्टेमिस मिशन होगा। यानी इसके जरिए एक बार फ‍िर इंसान को चांद पर उतारा जाएगा। नासा ने कहा है कि SLS रॉकेट पर काम कर रहे वैज्ञानिकों की टीमों ने दूसरे आर्टेमिस मिशन में ‘बेहतरीन प्रगति' की है। अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा है कि उसकी टीमें आर्टेमिस मिशन के प्रमुख हिस्सों को भी टेस्‍ट कर रही हैं, जिन्‍हें पहले दो मिशन के बाद लॉन्‍च किया जाना है। ये आर्टिमिस-3, 4 और 5 मिशन होंगे।  आर्टेमिस मिशन नासा के सबसे महत्वाकांक्षी प्रोग्राम्‍स में से एक है। इसका मकसद 1970 के दशक के बाद पहली बार इंसान को चंद्रमा पर उतारना है। नासा का लक्ष्य लंबे समय के लिए चंद्रमा पर इंसान की मौजूदगी स्‍थापित करना है। इसके साथ ही मंगल पर जाने के लिए चंद्रमा को लॉन्चपैड में बदलना है। आर्टिमिस-1 इस जटिल सीरीज का पहला हिस्‍सा है। वहीं, SLS रॉकेट दुनिया का सबसे ताकतवर रॉकेट होने जा रहा है, जो मिशन को तेजी से आग...