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चक्रवात आसानी (Cyclone Asani) अगले 48 घंटों में कमजोर होगा

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First Published: May 10, 2022 | Last Updated:May 10, 2022 9 मई को भारतीय मौसम विभाग (IMD ) ने कहा कि अगले 48 घंटों में भीषण चक्रवाती तूफान ‘आसानी’ के कमजोर होने की संभावना है।आसानी सीजन का पहला चक्रवाती तूफान है। आसनी का नाम किस देश ने दिया? श्रीलंका। आसनी का क्या अर्थ है? सिंहली भाषा में आसानी का अर्थ ‘क्रोध’ है। चक्रवात कहाँ स्थित है और किस दिशा में बढ़ रहा है? 9 मई को दोपहर तक चक्रवाती तूफान ‘आसानी’ पुरी के दक्षिण-दक्षिण-पूर्व की ओर लगभग 680 किमी और विशाखापत्तनम से 580 किमी दूर स्थित था । यह बंगाल की खाड़ी में तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा की ओर 25 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। चक्रवात के आगे बढ़ने की उम्मीद है? चक्रवात आसानी के उत्तर-उत्तर-पूर्व की ओर मुड़ने और ओडिशा तट से दूर बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी की ओर बढ़ने की उम्मीद है। चक्रवात का क्या असर होगा? तटीय ओडिशा के कई जिलों में 10 मई (मंगलवार) की शाम से हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है और गजपति, गंजम और पुरी में एक या दो स्थानों पर भारी वर्षा (7 -11 से...

इस बार सामान्य रहेगा मानसून : भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD)

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First Published: April 15, 2022 | Last Updated:April 15, 2022 भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD) ने जून से सितंबर की अवधि के दौरान दक्षिण-पश्चिम मानसून के मौसम की वर्षा के लिए एक लंबी दूरी का पूर्वानुमान जारी किया है। इस पूर्वानुमान में कहा गया है कि इस वर्ष वर्षा सामान्य रहेगी। मुख्य बिंदु  IMD का लंबी दूरी का पूर्वानुमान दो चरणों में जारी किया जाता है। पहला पूर्वानुमान अप्रैल के महीने में जारी किया गया है। दूसरा पूर्वानुमान मई के अंत में जारी किया जाता है। देश में 1971 से 2020 की अवधि के लिए, लंबी अवधि की औसत मौसमी वर्षा 87 सेमी है। भारतीय प्रायद्वीप के उत्तरी भागों और उससे सटे मध्य भारत के साथ-साथ हिमालय की तलहटी और उत्तर पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में बारिश सामान्य रहेगी। पूर्वोत्तर भारत के कई क्षेत्रों, दक्षिण प्रायद्वीप के दक्षिणी हिस्सों और उत्तर पश्चिमी भारत के कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश होगी। पूर्वानुमान का सारांश जारी किए गए पूर्वानुमान के मुताबिक, देश में दक्षिण-पश्चिम मानसून की मौसमी बारिश साम...

‘Expanding Heat Resilience’ रिपोर्ट जारी की गई

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First Published: April 11, 2022 | Last Updated:April 11, 2022 ‘Expanding Heat Resilience’ नामक एक नई रिपोर्ट के अनुसार, भारत के शहरों और जिलों को गर्मियों के दौरान कमजोर लोगों (vulnerable) की सुरक्षा के लिए अपने प्रयासों को बढ़ाना चाहिए। यह रिपोर्ट ऐसे समय में जारी की गई है, जब भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, देश में 1901 के बाद से सबसे गर्म मार्च दर्ज किया गया है। मुख्य बिंदु  मार्च 2022 में, पश्चिमी और मध्य भारत के बड़े हिस्सों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इस रिपोर्ट के मुताबिक देश के शहर लू की चपेट में हैं। केरल और हिमाचल प्रदेश में अत्यधिक तापमान दर्ज किया जा रहा है। इन राज्यों में हीटवेव का कोई इतिहास नहीं है। यह रिपोर्ट प्राकृतिक संसाधन रक्षा परिषद (Natural Resources Defense Council – NRDC) द्वारा जारी की गई है। इस रिपोर्ट के अनुसार, 2019 में लू से प्रभावित राज्यों की संख्या 28 थी जबकि 2018 में यह 19 थी। NRDC की रिपोर्ट में कुछ भारतीय राज्यों द्वारा लागू की गई हीट एक्शन योजनाओं पर प्रकाश डाला गया है। आंध्र प्रदेश ...

मुंबई में पड़ने वाली है भीषण गर्मी, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

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मंबुई में जारी की गई लू की चेतावनी मुंबई: मौसम विभाग ने मुंबई सहित कोंकण के सभी इलाको में लू चलने की चेतवानी दी है. मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर पश्चिम गर्म और शुष्क हवा चलने से समुद्र की हवा देरी से चल रही है. इसलिए मुंबई सहित महाराष्ट्र के समुद्र किनारे के इलाको में लू चलने का अनुमान है. मौसम विभाग (Weather Department) ने जो अलर्ट जारी किया है, उसमें कहा कि 16 मार्च तक पालघर, ठाणे, मुंबई, रायगढ़, रत्नागिरी एवं सिंधुदुर्ग जिले में लू चलेगी.  यह भी पढ़ें मुंबई (Mumbai Heat Wave) स्थिति भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) के प्रमुख जयंत सरकार ने कहा कि हमने महाराष्ट्र के कई जिलों में लू (Heat Wave) की चेतावनी जारी की है. यानी 15 मार्च से 16 मार्च के बीच कई जगहों पर भीषण गर्मी पड़ेगी. इस दौरान अगर सावधानी नहीं बरती गयी, तो लोग लू की चपेट में आ सकते हैं. मुंबई के आईएमडी (India Meteorological Department) प्रमुख डॉ. जयंत सरकार के अनुसार उत्तरी कोंकण के क्षेत्रों के लिए भीषण गर्मी की चेतावनी जारी की गई है. ये भी पढ़ें: कौन होगा उत्तराखंड का अगला CM? सस्पेंस के बीच दि...

‘Climate of India during 2021’ रिपोर्ट जारी की गई

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First Published: January 21, 2022 | Last Updated:January 21, 2022 भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 21 जनवरी, 2022 को अपनी “Climate of India during 2021” रिपोर्ट प्रकाशित की। रिपोर्ट के मुख्य निष्कर्ष इस रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2021 भारत में पांचवां सबसे गर्म वर्ष था, जब से भारत में 1901 में देशव्यापी रिकॉर्ड शुरू हुआ था। भारत ने 2021 में चरम मौसम की घटनाओं (extreme weather events) के कारण 1,750 लोगों की जान गंवाई। 350 मौतों के साथ महाराष्ट्र सबसे अधिक प्रभावित राज्य था। चरम मौसम की घटनाओं में, बिजली और गरज के साथ सबसे अधिक 787 लोगों की जान गई, जिसके बाद बाढ़, भारी बारिश और भूस्खलन से 759 लोगों की मौत हुई। 2021 में विभिन्न राज्यों में 172 मौतों के लिए चक्रवात जिम्मेदार थे। वार्मिंग घटना (W arming Phenomena) वार्मिंग की घटनाओं पर, इस रिपोर्ट में पाया गया है कि, भारत में 15 सबसे गर्म वर्षों में से 11, पिछले 15 वर्षों यानी 2007 से 2021 के दौरान थे। 2016 के दौरान उच्चतम गर्मी देखी गई। उस वर्ष में “लंबी अवधि के औसत” (Long Period Average – LPA) से ऊपर 0.71 डिग...

‘पश्चिमी विक्षोभ’ (Western Disturbance) क्या हैं?

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First Published: January 12, 2022 | Last Updated:January 12, 2022 भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अनुमान लगाया था कि पश्चिमी विक्षोभ के 11 जनवरी, 2022 से पूर्वी राज्यों से टकराने की संभावना है। मुख्य बिंदु यह भविष्यवाणी करते हुए IMD ने झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और बिहार राज्यों के लिए 11 जनवरी से 13 जनवरी के लिए पीले और नारंगी अलर्ट जारी किए। इन राज्यों में छिटपुट से व्यापक रूप से हल्की या मध्यम वर्षा होने की संभावना है। पश्चिमी विक्षोभ क्या है? (Western Disturbances)  पश्चिमी विक्षोभ भूमध्यसागरीय क्षेत्र में उत्पन्न होने वाला एक अतिरिक्त उष्णकटिबंधीय तूफान (extra-tropical storm) है। यह विक्षोभ भारतीय उपमहाद्वीप के उत्तरी भागों में अचानक सर्दियों की बारिश लाता है। यह पूर्व में बांग्लादेश के उत्तरी भागों और दक्षिण पूर्वी नेपाल तक फैला हुआ है। यह एक गैर-मानसून वर्षा पैटर्न है और यह पछुआ हवाओं (westerlies) द्वारा संचालित होता है। सर्दियों के मौसम में पश्चिमी विक्षोभ काफी मजबूत होते हैं।  पश्चिमी विक्षोभ का महत्व पश्चिमी विक्षोभ रबी की फसल के विकास ...