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नासा का दाविंची मिशन (DAVINCI Mission) क्या है?

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First Published: June 10, 2022 | Last Updated:June 10, 2022 नासा “DAVINCI मिशन” नामक एक मिशन लांच करने जा रहा है। DAVINCI का अर्थ है “Deep Atmosphere Venus Investigation of Noble gases, Chemistry and Imaging Mission”। DAVINCI मिशन  यह मिशन 2029 में शुक्र गृह के निकट उड़ान भरेगा और इसके कठोर वातावरण का पता लगाएगा। यह अंतरिक्ष यान शुक्र ग्रह के स्तरित वातावरण की खोज करेगा। यह जून 2031 तक शुक्र की सतह पर पहुंच जाएगा। यह मिशन शुक्र के बारे में डेटा कैप्चर करेगा, जिसे वैज्ञानिक 1980 के दशक की शुरुआत से मापने की कोशिश कर रहे हैं। DAVINCI अंतरिक्ष यान रसायन विज्ञान प्रयोगशाला  DAVINCI अंतरिक्ष यान एक उड़ान रसायन विज्ञान प्रयोगशाला के रूप में काम करेगा। यह शुक्र के वातावरण और जलवायु के विभिन्न पहलुओं को माप सकता है। यह अंतरिक्ष यान अपने हाइलैंड्स की पहली अवरोही तस्वीरें लेगा। अंतरिक्ष यान के उपकरण शुक्र की सतह का नक्शा बनाने के साथ-साथ शुक्र के पर्वतीय उच्चभूमि की संरचना का पता लगाने में भी सक्षम होंगे। शुक्र पर जलवायु और महासागर भौतिक वैज्ञानिक ...

एलियंस की खोज में चीन! पृथ्‍वी से बाहर जीवन की तलाश के लिए बनाया मिशन

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साइंस बरसों से इस कोशिश में है कि पृथ्‍वी के नजदीक किसी ऐसे ग्रह का पता लगा सके, जहां जीवन मुमकिन हो। दुनियाभर के वैज्ञानिक कई साल से इन ग्रहों की खोज में जुटे हैं, लेकिन उन्‍हें कोई बड़ी कामयाबी अबतक नहीं मिल पाई है। बहरहाल अब चीन ने इस मिशन को अपने हाथ में लिया है। उसने एक ऐसे मिशन का प्रस्‍ताव रखा है, जो ऐसे ग्रहों की खोज में एक अलग रास्‍ता अपना सकता है। चीनी वैज्ञानिकों को उम्‍मीद है कि यह मिशन पृथ्‍वी से बाहर इन ग्रहों को लेकर पुख्‍ता नजर‍िया पेश कर सकता है। इस मिशन का नाम है क्लोजबाय हैबिटेबल एक्सोप्लैनेट सर्वे (CHES)। इस मिशन के तहत चीन हमारी पृथ्‍वी के आसपास स्थित तारों पर मौजूद ग्रहों की परिक्रमा के असर को जानेगा। इन ग्रहों को एक्‍सोप्‍लैनेट कहा जाता है। ऐसे ग्रह जो सूर्य के अलावा अन्य तारों की परिक्रमा करते हैं, वो एक्सोप्लैनेट कहलाते हैं। मिशन के जरिए यह समझने की कोशिश की जाएगी कि क्‍या फलां ग्रह में जीवन को बनाए रखने की क्षमता है। अगर ऐसा होता है, तो यह विज्ञान के लिए एक बड़ी उपलब्धि हो सकती है। बताया जाता है कि इस मिशन को एक स्‍पेसक्राफ्ट के जरिए पूरा किया जाएगा।  रिपो...

Mission Gaganyaan : इसरो ने सॉलिड रॉकेट बूस्टर HS-200 का परीक्षण किया

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First Published: May 19, 2022 | Last Updated:May 19, 2022 भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने हाल ही में HS200 सॉलिड रॉकेट बूस्टर का सफल परीक्षण किया है। यह परीक्षण कहाँ आयोजित किया गया? यह परीक्षण सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश) में किया गया था। HS200 सॉलिड रॉकेट बूस्टर क्या है? यह S200 रॉकेट बूस्टर का मानव-रेटेड संस्करण है। दो HS200 बूस्टर जियोसिंक्रोनस सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल MkIII (GSLV Mk III) के पहले चरण का हिस्सा होंगे, जिसका उपयोग गगनयान मिशन के लिए किया जाएगा। HS200 बूस्टर लिफ्ट-ऑफ के लिए थ्रस्ट की आपूर्ति करेंगे। इस प्रकार, हालिया परीक्षण आगामी गगनयान मिशन के लिए एक प्रमुख मील का पत्थर है। इसरो के मुताबिक इस परीक्षण के दौरान करीब 700 पैरामीटर्स पर नजर रखी गई और यह पाया गया कि ये सभी नॉर्मल थे। यह बूस्टर 203 टन ठोस प्रणोदक से भरा हुआ था और 135 सेकंड के लिए इसका परीक्षण किया गया। HS200 सॉलिड रॉकेट बूस्टर का महत्व क्या है? यह ठोस प्रणोदक का उपयोग करने वाला दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा परिचालन बूस्टर है। इस बूस्टर म...

नासा का एंड्योरेंस मिशन (Endurance Mission) क्या है?

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First Published: May 18, 2022 | Last Updated:May 18, 2022 नासा के एंड्योरेंस मिशन (Endurance Mission) को ले जाने वाला एक रॉकेट हाल ही में लॉन्च किया गया। मिशन का उद्देश्य  इसका उद्देश्य यह पता लगाना है कि पृथ्वी ग्रह जीवन का समर्थन क्यों करता है, जबकि मंगल और शुक्र जैसे अन्य ग्रह नहीं करते हैं। पृथ्वी जैसा गीला ग्रह जीवन के अस्तित्व के लिए उपयुक्त है। शुक्र कभी पानी वाला ग्रह था लेकिन बाद में अज्ञात कारणों से सूख गया। यदि हम यह समझें कि शुक्र क्यों सूख गया, तो रहने योग्य ग्रहों के बारे में हमारा ज्ञान बढ़ जाएगा। एंड्योरेंस मिशन के तहत क्या किया जाएगा? पृथ्वी की वैश्विक विद्युत क्षमता (global electric potential) को मापा जाएगा। माना जाता है कि पृथ्वी की यह विद्युत क्षमता बहुत कमजोर है और इस प्रकार यह जीवन का समर्थन कर सकती है। विद्युत क्षमता को मापना क्यों महत्वपूर्ण है? 2016 में, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) वीनस एक्सप्रेस मिशन ने शुक्र के चारों ओर एक 10-वोल्ट विद्युत क्षमता का पता लगाया। यदि विद्युत क्षमता मौजूद है, तो धनावेशित कण ग्रह की सतह...

अटल इनोवेशन मिशन (Atal Innovation Mission) का विस्तार किया गया

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First Published: April 11, 2022 | Last Updated:April 11, 2022 अटल इनोवेशन मिशन (Atal Innovation Mission – AIM) की निरंतरता को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मार्च 2023 तक मंजूरी दे दी है। AIM भारत में एक उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र और नवाचार संस्कृति बनाने पर काम करेगा। मुख्य बिंदु  AIM के विस्तार के साथ-साथ 101 अटल इनक्यूबेशन सेंटर ( AIC ) और 10,000 अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL) की स्थापना जैसे अन्य लक्ष्यों को भी शामिल किया गया है। इस मिशन द्वारा अटल न्यू इंडिया चैलेंज के माध्यम से 200 स्टार्ट-अप को भी समर्थन दिया जाएगा। लाभार्थियों की सहायता और स्थापना के लिए नए लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए 2000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। अटल इनोवेशन मिशन (Atal Innovation Mission – AIM) 2015 में नीति आयोग के तहत अटल इनोवेशन मिशन की घोषणा की गई थी। इस मिशन का उद्देश्य पूरे देश में नवाचार और एक उद्यमशील पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना और बनाना था। इस मिशन को विभिन्न विश्वविद्यालयों, स्कूलों, MSMEs, अनुसंधान संस्थानों और उद्योगों में प्रमुख हितधारकों तक पहुंचने और उन्...

भारत सेमीकंडक्टर मिशन (India Semiconductor Mission) क्या है?

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First Published: April 9, 2022 | Last Updated:April 9, 2022 इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा विशेषज्ञों की एक सलाहकार समिति का गठन किया गया है। सेमीकंडक्टर्स के निर्माण, नवाचार और डिजाइन में भारत को वैश्विक नेता बनाने की सरकार की योजनाओं को आगे बढ़ाने के लिए इस समिति का गठन किया गया है। मुख्य बिंदु  विशेषज्ञों के नवगठित सलाहकार समूह में स्थापित शिक्षाविद, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और साथ ही उद्योग विशेषज्ञ शामिल हैं। 15 दिसम्बर, 2021 को सरकार द्वारा 76,000 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम को मंजूरी दी गई थी। सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम ( Semicon India Programme) सेमीकॉन इंडिया कार्यक्रम को अगले छह वर्षों की समयावधि में सेमीकंडक्टर के विकास और विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को प्रदर्शित करने के लिए अनुमोदित किया गया था। भारत सेमीकंडक्टर मिशन (India Semiconductor Mission) डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन के भीतर, डिस्प्ले इकोसिस्टम और सेमीकंडक्टर्स के विकास के लिए देश की रणनीतियों को बढ़ाने के लिए एक समर्पित भारत सेमीक...

ओडिशा ने मिशन इन्द्रधनुष (Mission Indradhanush) में पहला स्थान हासिल किया

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First Published: March 10, 2022 | Last Updated:March 10, 2022 सफल COVID-19 टीकाकरण के अलावा, ओडिशा में 90.5% कवरेज के साथ देश में पूर्ण टीकाकरण का उच्चतम कवरेज है। मुख्य बिंदु  राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS) -5 के अनुसार, 90.5% कवरेज के साथ, ओडिशा पूर्ण टीकाकरण कवरेज में राष्ट्रीय स्तर पर सूची में सबसे ऊपर है। 7 मार्च को राज्य भर में शुरू किए गए सघन मिशन इंद्रधनुष (IMI) 4.0 पर समीक्षा बैठक के दौरान स्वास्थ्य के अतिरिक्त मुख्य सचिव आर.के. शर्मा ने इसका उल्लेख किया । ओडिशा के बीस जिले पूर्ण टीकाकरण में 90 प्रतिशत से ऊपर थे, जबकि शेष 10 जिले 90 प्रतिशत से कम थे। पूर्ण टीकाकरण में क्या शामिल है? पूर्ण टीकाकरण में 12 विभिन्न प्रकार की बीमारियों के खिलाफ निवारक खुराक शामिल हैं। इस बीमारी में तपेदिक, पोलियो, डिप्थीरिया, पीलिया, टिटनेस, काली खांसी, दिमागी बुखार, HIV, खसरा, निमोनिया, दस्त, रूबेला, जापानी बुखार और अन्य शामिल हैं। टीकाकरण अभियान IMI के तहत टीकाकरण अभियान तीन दौर में चलाया जाएगा, जिसमें प्रत्येक दौर में विभिन्न टीकों की अलग-अलग ख...

गहन मिशन इंद्रधनुष (Intensified Mission Indradhanush) 4.0 क्या है?

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First Published: February 10, 2022 | Last Updated:February 10, 2022 केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया (Mansukh Mandaviya) ने 7 फरवरी, 2022 को वर्चुअली गहन मिशन इंद्रधनुष (IMI) 4.0 को लांच किया। मुख्य बिंदु  भारत विश्व स्तर पर सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चला रहा है जिसमें 3 करोड़ से अधिक गर्भवती महिलाओं और 2.6 करोड़ बच्चों को सालाना सार्वभौमिक टीकाकरण कार्यक्रम (Universal Immunisation Programme) के माध्यम से कवर किया जाता है। IMI 4.0 के तीन राउंड होंगे और यह 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 416 जिलों में आयोजित किया जाएगा। इसमें आजादी का अमृत महोत्सव के लिए चिन्हित 75 जिले भी शामिल हैं। इस अवसर पर IMI 4.0 पोर्टल भी लांच किया गया। कार्यक्रम का महत्व यह कार्यक्रम कमियों को भरने के साथ-साथ सार्वभौमिक टीकाकरण के लिए स्थायी लाभ अर्जित करने में अत्यधिक योगदान देगा। यह सुनिश्चित करेगा कि नियमित टीकाकरण (Routine Immunisation – RI) सेवाएं अशिक्षित और आंशिक रूप से टीकाकरण वाले बच्चों और गर्भवती महिलाओं तक पहुंचे। IMI 4.0 का पहला दौर IMI 4.0 का पहला...

नासा का ओशन मेल्टिंग ग्रीनलैंड मिशन (Ocean Melting Greenland Mission) क्या है?

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First Published: February 1, 2022 | Last Updated:February 1, 2022 ग्रीनलैंड में समुद्र का पानी ग्लेशियरों को उतना ही पिघला रहा है जितना ऊपर से गर्म हवा उन्हें पिघला रही है। ओशन मेल्टिंग ग्रीनलैंड मिशन (Ocean Melting Greenland Mission), जिसे आमतौर पर OMG मिशन के रूप में जाना जाता है, नासा द्वारा लॉन्च किया गया था। यह पांच साल का मिशन था। यह 31 दिसंबर, 2021 को समाप्त हुआ। इस मिशन ने मुख्य रूप से ग्रीनलैंड में बर्फ के नुकसान को मापा। मिशन के प्रमुख निष्कर्ष मिशन द्वारा किए गए अध्ययन में कहा गया है कि अगर ग्रीनलैंड की सारी बर्फ पिघल जाए, तो वैश्विक महासागर का स्तर 7.4 मीटर बढ़ जाएगा। ग्रीनलैंड की बर्फ 25 साल पहले की तुलना में पांच गुना तेजी से पिघल रही है। ग्रीनलैंड में 220 से अधिक ग्लेशियर हैं। समुद्र का पानी उन्हें तेजी से पिघला रहा है। ग्रीनलैंड में महासागरों की ऊपरी परत अत्यंत ठंडी है। इसके अलावा, यह नमकीन नहीं है। सबसे ऊपरी परत का पानी आर्कटिक से आता है। दूसरी ओर, नीचे की परतें गर्म होती हैं। तल में यह पानी चार से पांच गुना तेजी से ग्लेशियरों को पिघ...

‘Fly Ash Management and Utilisation Mission’ क्या है?

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First Published: February 1, 2022 | Last Updated:February 1, 2022 नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने हाल ही में ‘Fly Ash Management and Utilisation Mission’ गठित करने का निर्देश दिया है। मुख्य बिंदु NGT ने कोयला थर्मल पावर स्टेशनों द्वारा फ्लाई ऐश के ‘अवैज्ञानिक संचालन और भंडारण’ को ध्यान में रखते हुए यह आदेश पारित किया। उदाहरण के लिए, इसने रिहंद जलाशय में औद्योगिक अपशिष्टों और फ्लाई ऐश की निकासी पर ध्यान दिया। Fly Ash Management and Utilisation Mission ‘Fly Ash Management and Utilisation Mission’ अप्रयुक्त फ्लाई ऐश के वार्षिक स्टॉक के निपटान की निगरानी करना चाहता है। यह इस बात पर भी ध्यान देगा कि कैसे 1,670 मिलियन टन संचित फ्लाई ऐश का कम से कम खतरनाक तरीके से उपयोग किया जा सकता है। यह मिशन आगे देखेगा कि बिजली संयंत्रों द्वारा सभी सुरक्षा उपाय कैसे किए जा सकते हैं। पहली बैठक कोयला बिजली संयंत्रों में फ्लाई ऐश प्रबंधन की स्थिति का आकलन करने के लिए फ्लाई ऐश प्रबंधन मिशन एक महीने के भीतर अपनी पहली बैठक आयोजित करेगा। यह व्यक्तिगत संयंत्रों द्वारा राख के उ...

2022 में ही लांच किया जायेगा इसरो का आदित्य-एल 1 मिशन (Aditya-L1 Mission)

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First Published: January 31, 2022 | Last Updated:January 31, 2022 इसरो द्वारा वर्ष 2022 में सूर्य का अध्ययन करने के लिए “आदित्य-L 1 मिशन” लॉन्च करने की संभावना है। मुख्य बिंदु आदित्य-L1 मिशन को L1 लैग्रेंज प्वाइंट (L1 Lagrange point) में स्थापित किया जाएगा। यह मिशन एस्ट्रोसैट (AstroSat) के बाद इसरो का दूसरा अंतरिक्ष आधारित खगोल विज्ञान मिशन होगा। एस्ट्रोसैट को 2015 में लॉन्च किया गया था। आदित्य-एल1 को पहले आदित्य 1 नाम दिया गया था और इसका उद्देश्य सौर कोरोना (solar corona) का निरीक्षण करना है। प्रक्षेपण यान आदित्य एल1 को पोलर सैटेलाइट लॉन्च व्हीकल (PSLV) XL पर लॉन्च किया जाएगा, जिसमें 7 पेलोड या उपकरण लगे होंगे। मिशन का उद्देश्य आदित्य L1 मिशन सूर्य के कोरोना (दृश्यमान और निकट अवरक्त किरणों), क्रोमोस्फीयर (अल्ट्रा वायलेट), सूर्य के प्रकाशमंडल (नरम और कठोर एक्स-रे), सौर हवाओं और फ्लेयर्स, सौर उत्सर्जन और कोरोनल मास इजेक्शन का अध्ययन करने के लिए लॉन्च किया जाएगा। यह सूर्य की चौबीसों घंटे इमेजिंग भी करेगा। चुनौतियां आदित्य एल1 मिशन से जुड़ी सबसे बड...

डिजिटल गवर्नमेंट मिशन (Digital Government Mission) क्या है?

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First Published: January 21, 2022 | Last Updated:January 21, 2022 डिजिटल गवर्नमेंट मिशन को इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया था। यह मिशन नागरिकों को सरकारी सेवाएं प्रदान करेगा। यह सेवाएं देने के लिए मशीन लर्निंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग करेगा। यह मिशन कैसे काम करेगा? यह स्वचालित प्रक्रियाओं को आत्मसात करता है। उदाहरण के लिए, छात्रवृत्ति के लिए आवेदन करने वाले छात्र को सीधे संबंधित विभाग से अलर्ट प्राप्त होगा। उसे पूछताछ करने की जरूरत नहीं है। यह सार्वजनिक वितरण प्रणाली (public distribution system) के तहत खाद्यान्न तक आसान पहुंच भी प्रदान करता है। इसमें ड्राइवर लाइसेंस का नवीनीकरण, सरकार द्वारा जारी दस्तावेजों के नवीनीकरण के लिए रिमाइंडर शामिल हैं। मिशन का उद्देश्य इस मिशन का उद्देश्य किसी योजना के बारे में पूछताछ शुरू करने से पहले ही नागरिकों तक लाभ पहुंचाना है। यह ई-गवर्नेंस का अगला चरण है। पृष्ठभूमि भारत सरकार ने 15 साल पहले ई-गवर्नेंस की शुरुआत की थी। तब से इसने आयकर, प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, भूमि रिकॉर्...

राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (National Technical Textiles Mission) क्या है?

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First Published: January 18, 2022 | Last Updated:January 18, 2022 17 जनवरी, 2022 को कपड़ा मंत्रालय ने विशेष फाइबर और जिओ-टेक्सटाइल के क्षेत्रों में 30 करोड़ रुपये की 20 रणनीतिक अनुसंधान परियोजनाओं को मंजूरी दी। मुख्य बिंदु ये परियोजनाएं सरकार के प्रमुख कार्यक्रम ‘राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन’ के अंतर्गत आती हैं। 20 अनुसंधान परियोजनाओं में से, विशेष फाइबर की 16 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी। उसमे शामिल हैं: स्वास्थ्य सेवा में 5 परियोजनाएं औद्योगिक और सुरक्षात्मक क्षेत्र में 4 परियोजनाएं ऊर्जा भंडारण में 3 परियोजनाएं कपड़ा अपशिष्ट पुनर्चक्रण में 3 परियोजनाएं कृषि क्षेत्र में 1 परियोजना जियो-टेक्सटाइल (इन्फ्रास्ट्रक्चर) में 4 परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई। भारतीय अर्थव्यवस्था के विकास के लिए रणनीतिक परियोजनाओं को मंजूरी देने वाले सत्र में कई प्रमुख भारतीय संस्थानों, उत्कृष्टता केंद्रों और IIT, BTRA, DRDO, आदि सहित सरकारी संगठनों ने भाग लिया। ये परियोजनाएं विशेष रूप से हेल्थकेयर, एनर्जी स्टोरेज, एग्रीकल्चर, इंडस्ट्रियल एंड प्रोटेक्टिव, टेक्सटाइल वे...

छत्तीसगढ़ सरकार लांच करेगी ‘रोजगार मिशन’ (Chhattisgarh Rojgar Mission)

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First Published: January 18, 2022 | Last Updated:January 18, 2022 छत्तीसगढ़ सरकार रोजगार मिशन नामक एक रोजगार मिशन शुरू करने जा रही है। इस मिशन का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में राज्य में 15 लाख रोजगार के अवसर पैदा करना है। प्रमुख विशेषताऐं यह मिशन  IITs, IIITs, IIMs के विशेषज्ञों का लाभ उठाएगा। इसकी अध्यक्षता राज्य के मुख्यमंत्री करेंगे। इस मिशन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले अन्य राज्य के मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव हैं। परिणाम इस मिशन से अगले पांच वर्षों में 12 से 15 लाख रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। राज्य पहले ही लघु वनोपज में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर चुका है। 2021 में, छत्तीसगढ़ ने अच्छी खरीद, प्रसंस्करण और प्रदर्शन के लिए दस राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त किए। वन धन योजना को लागू करने में भी इसने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। समिति को इस क्षेत्र पर अधिक ध्यान देगी। इससे लघु वनोपज के आसपास रोजगार बढ़ाने में मदद मिलेगी और आदिवासियों को बड़े पैमाने पर मदद मिलेगी। छत्तीसगढ़ में बेरोजगारी सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) द्वारा 2022 में जारी रिपोर्...

भारतीय रेलवे का मिशन जीवन रक्षा (Mission Jeewan Raksha) : मुख्य बिंदु

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First Published: January 9, 2022 | Last Updated:January 9, 2022 भारतीय रेलवे के एक अधिकारी के अनुसार “मिशन जीवन रक्षा” (Mission Jeewan Raksha) के तहत, RPF कर्मियों ने पिछले चार वर्षों में रेलवे स्टेशनों पर चलती ट्रेनों के पहियों से 1650 लोगों की जान बचाई है। मुख्य बिंदु  इसके अलावा, RPF कर्मियों ने 23 करोड़ रुपये के मूल्य के साथ 1,23,777 सामान को सही मालिकों को वापस कर दिया। इसमें से 1973 में 4.23 करोड़ रुपये मूल्य का सामान CR और WR RPF कर्मियों द्वारा वापस किया गया। RPF ने खोए या बिछड़े बच्चों को उनके परिवार से मिलाने में भी अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने 11,900 से अधिक बच्चों को भी बचाया, जिन्हें देखभाल और सुरक्षा की आवश्यकता थी। जीवन रक्षा पदक ( Jeewan Raksha Medals) भारत के राष्ट्रपति ने पिछले 4 वर्षों में लोगों के जीवन को बचाने में उनके प्रयासों को पहचानने के लिए RPF कर्मियों को 9 जीवन रक्षा पदक और एक वीरता पदक से सम्मानित किया है। चाइल्ड हेल्प डेस्क वर्तमान में, पूरे भारत में 132 चाइल्ड हेल्प डेस्क कार्यरत हैं। RPF इन हेल्प डेस्क के जरिए बच्च...

NASA Dart Mission: NASA launches spacecraft to kick an asteroid off course | World News

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WASHINGTON: NASA is preparing a mission to deliberately smash a spacecraft into an asteroid -- a test run should humanity ever need to stop a giant space rock from wiping out life on Earth. It may sound like science fiction, but the DART (Double Asteroid Redirection Test) is a real proof-of-concept experiment, blasting off at 10:21 pm Pacific Time Tuesday (0621 GMT Wednesday) aboard a SpaceX rocket from Vandenberg Space Force Base in California. The goal is to slightly alter the trajectory of Dimorphos, a "moonlet" around 525 feet (160 meters, or two Statues of Liberty) wide that circles a much larger asteroid called Didymos (2,500 feet in diameter). The pair orbit the Sun together. Impact should take place in the fall of 2022, when the binary asteroid system is 6.8 million miles (11 million kilometers) from Earth, almost the nearest point they ever get. "What we're trying to learn is how to deflect a threat," NASA's top scientist Thomas Zuburchen said o...

भारत का सेमीकंडक्टर मिशन (India Semiconductor Mission) : मुख्य बिंदु

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First Published: December 31, 2021 | Last Updated:December 31, 2021 सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 29 दिसंबर, 2021 को इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन लांच किया। मुख्य बिंदु इस योजना के तहत, इच्छुक कंपनियां जो सेमीकंडक्टर्स के विकास और भारत में विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र को प्रदर्शित करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित 76,000 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का लाभ उठाना चाहती हैं, वे 1 जनवरी, 2022 से इसके लिए आवेदन करना शुरू कर सकेंगी। आवेदन प्राप्त करने के लिए योजना के लिए एक पोर्टल तैयार किया गया है। भारत सेमीकंडक्टर मिशन ( India Semiconductor Mission – ISM ) ISM डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन का एक विशिष्ट और स्वतंत्र व्यापार प्रभाग है। भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और डिजाइन में वैश्विक केंद्र के रूप में उभरने के लिए पारिस्थितिकी तंत्र को प्रदर्शित करने के उद्देश्य से इस मिशन की स्थापना की गई है। यह सेमीकंडक्टर फैब योजना और डिस्प्ले फैब योजना के तहत आवेदकों के साथ इंटरैक्ट करने के लिए अधिकृत है। AMOLED- आधारित डिस्प्ले पैनल या TFT LCD के निर्म...