जम्मू-कश्मीर के FDI नीति को उपराज्यपाल ने मंज़ूरी दी
First Published: February 25, 2022 | Last Updated:February 25, 2022 जम्मू और कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू-कश्मीर के लिए न्यूनतम 51 प्रतिशत की विदेशी हिस्सेदारी के साथ प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) नीति को मंजूरी दी है। मुख्य बिंदु एलजी मनोज सिन्हा ने जम्मू में प्रशासनिक परिषद (Administrative Council) की बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर में औद्योगिक क्षेत्र में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने की नीति को मंजूरी दी। यह नई नीति उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के FDI पर मार्गदर्शक ढांचे पर आधारित है। यह नीति अगले दस वर्षों के लिए लागू होगी। जम्मू-कश्मीर में FDI नीति का लक्ष्य 100 करोड़ रुपये से अधिक के विदेशी निवेश के साथ 51 प्रतिशत की न्यूनतम विदेशी हिस्सेदारी है। यह नीति जम्मू-कश्मीर की कैसे मदद करेगी? यह नीति जम्मू-कश्मीर में विदेशी निवेश को आकर्षित करने में मदद करेगी। ऐसा करने से जम्मू-कश्मीर को अधिक रोजगार सृजित करने और निवेश पैदा करने में मदद मिलेगी। जम्मू-कश्मीर सरकार की विदेशी निवेश के लिए बहुक्रियाश...