प्रोविडेंट फंड में ₹ 2.50 लाख से अधिक के योगदान पर अब लगेगा टैक्स, 10 खास बातें
नए आयकर नियमों के तहत, मौजूदा पीएफ खातों को दो हिस्सों में विभाजित किया जा सकता है नई दिल्ली : केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि (EPF)में सालाना 2.50 लाख रुपये से अधिक के योगदान पर टैक्स लगाने की योजना बना ली है. सरकारी कर्मचारियों के लिए राशि की यह सीमा पांच लाख रुपये निर्धारित की गई है. नए आयकर नियमों के तहत, मौजूदा पीएफ खातों को एक अप्रैल 2022 से दो हिस्सों में विभाजित किया जा सकता है-कर (टैक्स) योग्य और गैर कर योग्य योगदान खाते. मामले से जुड़ी अहम जानकारियां : यह व्यवस्था ऐसे समय सामने आई है जब रिटायरमेंट बॉडी EPFO ने चालू वित्त वर्ष 2021-22 (FY 22)के लिए ब्याज दरों को पहले ही, 40 साल में सबसे कम कर दिया है. वित्त वर्ष 2021-22 के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPF) जमा पर ब्याज दर इससे पिछले वित्त वर्ष की 8.5 प्रतिशत से घटाकर 8.1 फीसदी करने का प्रस्ताव शनिवार को किया गया. यह बीते चार दशक से भी अधिक समय में सबसे कम ब्याज दर है.इससे पहले ईपीएफ पर ब्याज दर सबसे कम 8 फीसदी 1977-78 में थी. आईटी नियमों के तहत, यदि कोई गैर सरकारी कर्मचारी पीएफ अकाउंट में पांच लाख रुप...