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विकेन्द्रीकृत अपशिष्ट प्रबंधन प्रौद्योगिकी पार्क (Decentralised Waste Management Technology Park) का उद्घाटन किया गया

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First Published: March 30, 2022 | Last Updated:March 30, 2022 29 मार्च 2022 को Waste to Wealth Mission के तहत पूर्वी जाफराबाद, नई दिल्ली में एक विकेन्द्रीकृत अपशिष्ट प्रबंधन प्रौद्योगिकी पार्क (decentralised waste management technology park) का उद्घाटन किया गया, जो केंद्र सरकार के कार्यालय के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार के तहत एक पहल है। इस पार्क को पूर्वी दिल्ली नगर निगम के सहयोग से लॉन्च किया गया है। मुख्य बिंदु  इस पार्क का उद्घाटन केंद्र सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार के. विजय राघवन ने किया। यह एक पायलट प्रोजेक्ट है जो अपशिष्ट प्रबंधन के लिए विभिन्न समाधान प्रदान करेगा, जिसमें साइट पर संघनन और अपशिष्ट उपचार से लेकर ठोस कचरे के अर्ध-स्वचालित पृथक्करण (semi-automated segregation) तक शामिल हैं। यह पार्क 1,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला हुआ है और इसमें प्रतिदिन ठोस अपशिष्ट उपचार सुविधा (solid waste treatment facility) की क्षमता दस टन है। अपशिष्ट प्रबंधन प्रौद्योगिकी पार्क (Decentralised Waste Management Technology Park) 2018 में इस परियोजना पर काम ...

‘Fly Ash Management and Utilisation Mission’ क्या है?

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First Published: February 1, 2022 | Last Updated:February 1, 2022 नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने हाल ही में ‘Fly Ash Management and Utilisation Mission’ गठित करने का निर्देश दिया है। मुख्य बिंदु NGT ने कोयला थर्मल पावर स्टेशनों द्वारा फ्लाई ऐश के ‘अवैज्ञानिक संचालन और भंडारण’ को ध्यान में रखते हुए यह आदेश पारित किया। उदाहरण के लिए, इसने रिहंद जलाशय में औद्योगिक अपशिष्टों और फ्लाई ऐश की निकासी पर ध्यान दिया। Fly Ash Management and Utilisation Mission ‘Fly Ash Management and Utilisation Mission’ अप्रयुक्त फ्लाई ऐश के वार्षिक स्टॉक के निपटान की निगरानी करना चाहता है। यह इस बात पर भी ध्यान देगा कि कैसे 1,670 मिलियन टन संचित फ्लाई ऐश का कम से कम खतरनाक तरीके से उपयोग किया जा सकता है। यह मिशन आगे देखेगा कि बिजली संयंत्रों द्वारा सभी सुरक्षा उपाय कैसे किए जा सकते हैं। पहली बैठक कोयला बिजली संयंत्रों में फ्लाई ऐश प्रबंधन की स्थिति का आकलन करने के लिए फ्लाई ऐश प्रबंधन मिशन एक महीने के भीतर अपनी पहली बैठक आयोजित करेगा। यह व्यक्तिगत संयंत्रों द्वारा राख के उ...

Online Storage Management (OSM) System क्या है?

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First Published: January 25, 2022 | Last Updated:January 25, 2022 लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Targeted Public Distribution System – TPDS) के तहत खाद्यान्न के भंडारण, संचलन और वितरण में परिचालन दक्षता लाने के लिए केंद्र सरकार 1 अप्रैल, 2022 से “ऑनलाइन स्टोरेज मैनेजमेंट (OSM)” नामक एक डिजिटल प्रणाली शुरू करने जा रही है। Online Storage Management System ऑनलाइन स्टोरेज मैनेजमेंट सिस्टम भारतीय खाद्य निगम (FCI) और अन्य सरकारी एजेंसियों के साथ चावल और गेहूं के स्टॉक की मात्रा और गुणवत्ता पर वास्तविक समय डेटा प्रदान करेगा। यह FCI, सेंट्रल वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन और स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के गोदामों में रखे खाद्यान्न स्टॉक की जानकारी प्रदान करेगा। सिस्टम खरीद बिंदुओं से लेकर PDS वितरण आउटलेट तक अनाज स्टॉक को ट्रैक करेगा। OSM सिस्टम को राज्य सरकारों द्वारा खाद्य और सार्वजनिक वितरण विभाग (DFPD) के सहयोग से विकसित किया जा रहा है। OSM प्रणाली का महत्व OSM प्रणाली परिवहन ठेकेदारों द्वारा गोदामों और उचित मूल्य की दुकानों के बीच हेरफेर की किसी भी संभावना को ...

परिवहन मंत्रालय ने Indian Bridge Management System विकसित किया

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First Published: January 6, 2022 | Last Updated:January 6, 2022 केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, केंद्र सरकार भारत में सभी पुलों की उम्र और स्थिति जानने के लिए एक नीति तैयार करेगी। मुख्य बिंदु  मंत्रालय ने देश के सभी पुलों की जानकारी एकत्र करने के लिए भारतीय पुल प्रबंधन प्रणाली (Indian Bridge Management System) तैयार की है। यह निर्णय इसलिए लिया गया क्योंकि भारत में पुलों की कोई समाप्ति तिथि (expiry date) नहीं है और इसके परिणामस्वरूप, कई दुर्घटनाएं और मौतें होती हैं। केंद्र अब समुद्र के किनारे बन रहे पुलों में स्टेनलेस स्टील के इस्तेमाल पर विचार कर रहा है क्योंकि इससे पुलों की ताकत और लंबी उम्र बढ़ेगी और पुल ज्यादा सुरक्षित होंगे। केंद्रीय मंत्री ने नए जमाने की तकनीकों पर प्रकाश डाला। उनके अनुसार, पुलों के स्पैन को जोड़ने के लिए नई तकनीक को अपनाना होगा। बहुमंजिला सड़क परियोजनाओं पर जोर केंद्रीय मंत्री ने आगे बहुमंजिला सड़क परियोजनाओं पर जोर दिया, क्योंकि शहरों में भूमि अधिग्रहण आसान नहीं है. उदाहरण के लिए नागपुर में दो ...