Posts

Showing posts with the label कल

3,330 किलो की टर्बाइन को समुद्र में डाल रहा जापान, खोज निकाला बिजली बनाने का नया तरीका

Image
समुद्र में अपार ऊर्जा समाई हुई है, जैसी पृथ्वी पर किसी दूसरी चीज में नहीं है, ऐसा वैज्ञानिक कहते हैं। अब समुद्र की इसी ऊर्जा को जापान ने इकट्ठा कर इस्तेमाल में लाने की सोची है। इसके लिए जापान विशाल 330 टन के टर्बाइन पावर जेनरेटर को सुमद्र की तलहटी में छोड़ने जा रहा है। यह विशाल टर्बाइन जेनरेटर समुद्र की सबसे शक्तिशाली लहरों में टिका रह सकता है और इन लहरों में जो ऊर्जा है, उसे असीमित बिजली सप्लाई में बदल सकता है।  इसे कैरयू (Kairyu) नाम दिया गया है। इसका नाम भी इसी तर्ज पर रखा गया है, जिसका मतलब समुद्री लहर होता है। इसका ढांचा 20 मीटर लम्बा है जो हवाई जहाज के आकार का है। यह दो सिलेंडरों से घिरा हुआ है और दोनों ही समान आकार के हैं। हरेक सिलेंडर में एक पावर जेनरेशन सिस्टम लगा है जो एक 11 मीटर लम्बे टर्बाइन ब्लेड से जुड़ा है।     इसे इशीक्वाजिमा हरिमा हैवी इंडस्ट्रीज ने तैयार किया है जिसे IHI Corporation के नाम से भी जाना जाता है। कंपनी इसके साथ 10 साल से भी अधिक समय से प्रयोग कर रही थी। 2017 में इसने New Energy Industrial Technology Development Organization के साथ पार्टनरशिप की ताकि अ...

संगीत नाटक, ललित कला अकादमी पुरस्कार के विजेताओं की सूची

Image
First Published: April 13, 2022 | Last Updated:April 13, 2022 भारत के उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने वर्ष 2018 के लिए संगीत नाटक पुरस्कार और संगीत नाटक अकादमी फैलोशिप से 43 प्रख्यात कलाकारों (4 फेलो और 40 पुरस्कार विजेताओं) को सम्मानित किया है।  वर्ष 2021 के लिए ललित कला अकादमी की फैलोशिप और राष्ट्रीय पुरस्कार भी उनके द्वारा 23 लोगों (3 फेलो और 20 राष्ट्रीय पुरस्कार) को प्रदान किए गए। संगीत नाटक अकादमी फैलोशिप ( Sangeet Natak Akademi Fellowship) संगीत नाटक अकादमी द्वारा दिया जाने वाला सर्वोच्च सम्मान संगीत नाटक अकादमी फैलोशिप है। अकादमी फैलोशिप किसी भी समय 40 पुरस्कार विजेताओं तक ही सीमित है। पुरस्कार पाने वालों को अंगवस्त्रम और ताम्रपत्र के साथ 3,00,000 रुपये मिलते हैं। संगीत नाटक अकादमी फैलोशिप के प्राप्तकर्ता सोनल मानसिंह जतिन गोस्वामी जाकिर हुसैन थिरुविदैमरुदुर कुप्पिया कल्याणसुंदरम संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार ( Sangeet Natak Akademi Awards) यह पुरस्कार नृत्य, संगीत, पारंपरिक/लोक/जनजातीय संगीत/नृत्य/रंगमंच, रंगमंच, प्रदर्शन कला, कठपुतली आ...

12 साल की मेहनत के बाद तैयार हुआ NASA का ‘मून रॉकेट’, कल होगा रोलआउट

Image
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) एक बार फ‍िर इंसान को चंद्रमा पर भेजने का मिशन बना रही है। यह जानकारी हम आपको पहले भी दे चुके हैं। ताजा अपडेट यह है कि मिशन के लिए नासा अपने स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट को रोलआउट करने जा रही है। इसके जरिए इंसान को चंद्रमा, मंगल ग्रह और उससे भी आगे तक ले जाने की योजना है। यह सिस्‍टम पिछले एक दशक से तैयार हो रहा है, जिसमें देरी की वजह से इसकी लागत बढ़ी है। हालांकि नासा को उम्मीद है कि एक बार इसे सफलतापूर्वक लॉन्च करने के बाद यह अपने डेवलपमेंट में हुई देरी को कवर कर लेगा। स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) के दो हिस्‍से होते हैं। पहला- सुपर-हैवी रॉकेट और दूसरा- ओरियन स्पेसक्राफ्ट। इन दोनों हिस्‍सों को अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित कैनेडी स्पेस सेंटर में ‘वेट ड्रेस रिहर्सल' के लिए लॉन्चपैड पर रोलआउट किया जाएगा। रोलआउट में करीब 11 घंटे लगने की संभावना है। इस पूरे प्रोसेस में नासा सबसे पहले SLS को रोलआउट करेगी। फ‍िर अपनी तैयारी को साबित करने के लिए वह कई और टेस्‍ट करेगी। सबसे आखिर में प्री-लॉन्च टेस्‍ट होगा, जिसे ‘वेट ड्रेस रिहर्सल' कहा जाता है। इस दौरान ...

नासा ने मंगल ग्रह पर प्राचीन काल में पानी की उपस्थिति की खोज की

Image
First Published: February 1, 2022 | Last Updated:February 1, 2022 मार्स रेकांसेंस ऑर्बिटर (Mars Reconnaissance Orbiter) ने खोज की है कि मंगल पर दो अरब साल पहले पानी था। लेकिन आज ग्रह का सारा पानी वाष्पित हो चुका है। इसकी पुष्टि MRO ने ग्रह की सतह पर जमा नमक की मदद से की। मुख्य बिंदु  MRO ने पाया कि कुछ समय तक मंगल ग्रह पर पानी बहता है। नासा के ओडिसी ने सोडियम क्लोराइड के निशान पाए जो के सैकड़ों वर्ग किलोमीटर तक फैले हुए थे। यह 2001 में खोजा गया था। बाद में 2008 में नमक खनिज पाए गए। MRO ने पानी की खोज कैसे की? MRO ने ग्रह के दक्षिणी गोलार्ध में लवणों का मानचित्रण करने के लिए CRISM का उपयोग किया। CRISM का अर्थ Compact Reconnaissance Imaging Spectrometer है। मंगल ग्रह में कई क्रेटर हैं। MRO ने ज्वालामुखीय मैदानों के उथले अवसादों के साथ नमक के भंडार की खोज की। ये भंडार तीन मीटर से भी कम गहरे थे। इनका गठन लगभग 2.3 अरब साल पहले हुआ था। निष्कर्ष इस खोज का निकटतम एनालॉग अंटार्कटिका है। जब अंटार्कटिका में बर्फ पिघलती है तो झीलें बनती हैं। इसी तरह जब मंगल क...

प्राजक्ता कोली (Prajakta Koli) बनीं भारत की पहली ‘UNDP Youth Climate Champion’

Image
First Published: January 21, 2022 | Last Updated:January 21, 2022 कॉन्टेंट क्रिएटर और अभिनेत्री प्राजक्ता कोली (Prajakta Koli) भारत की पहली ‘यूएनडीपी युवा जलवायु चैंपियन’ (UNDP Youth Climate Champion) बनीं। मुख्य बिंदु  उन्होंने UNDP के साथ अपनी साझेदारी के तहत खिताब जीता। विभिन्न वैश्विक सामाजिक अभियानों के माध्यम से मानसिक स्वास्थ्य, बालिका शिक्षा और महिलाओं के अधिकारों के प्रति उनके योगदान के कारण उन्हें यह उपाधि प्रदान की गई है। प्राजक्ता को अब ग्लोबल वार्मिंग, जलवायु संकट, जैव विविधता के नुकसान और उनके प्रभावों जैसे मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाने के लिए युवाओं  के साथ बातचीत करने का काम सौंपा जाएगा, क्योंकि इन मुद्दों के झटके समाज के सभी वर्गों द्वारा महसूस किए जा रहे हैं, गरीब और हाशिए के समुदायों सहित। प्राजक्ता कोली कौन हैं ? ( Who is Prajakta Koli?) प्राजक्ता कोली एक भारतीय YouTuber और अभिनेत्री हैं, जिन्हें उनके YouTube चैनल को “Mostlysane” से जाना जाता है। वह कॉमेडी वीडियो बनाती है, जिसमें ज्यादातर दैनिक जीवन की स्थितियों से संबंधित अवलोकन सं...

दुनिया के सबसे बड़े टेलीस्‍कोप का कल अंतरिक्ष में सबसे बड़ा दिन, फ‍िर शुरू होगा मिशन

Image
नासा का जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप (James Webb Telescope) अंतरिक्ष में कुछ अहम चरणों से गुजर रहा है। नासा के इंजीनियर इस टेलीस्‍कोप पर प्रमुख उपकरणों और टूल्‍स को तैनात करने के लिए मेहनत कर रहे हैं। इन उपकरणों में टेलीस्‍कोप के सनशील्ड और सेकेंडरी मिरर शामिल हैं। ताजा जानकारी यह है कि कल यानी शनिवार को इस टेलीस्‍कोप के प्राइमरी कैमरा को डिप्‍लॉय किया जाएगा। इस तैनाती के साथ अंतरिक्ष में भेजे गए अब तक के सबसे ताकतवर टेलीस्कोप से जुड़ा अहम टास्‍क पूरा हो जाएगा। अंतरिक्ष में इस प्रक्रिया को पूरा करने के बाद यह टेलीस्‍कोप अपना अभियान शुरू कर देगा। 10 अरब डॉलर (लगभग 75,330 करोड़ रुपये) का जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप अब तक का बनाया गया सबसे बड़ा टेलीस्‍कोप है। इसका मकसद खगोलविदों को सफल खोजों में मदद करना है।  जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप का यह प्रोजेक्‍ट NASA, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी ने मिलकर शुरू किया है। इस टेलीस्‍कोप को 25 दिसंबर को एरियन-5 रॉकेट से लॉन्च किया गया था। अंतरिक्ष में छोड़े जाने के बाद इस टेलीस्‍कोप ने धीरे-धीरे खुद को खोलना शुरू किया। अब यह अपने अंतिम च...

अब डॉगी भी चलाएंगे ‘फोन’, DogPhone से अपने मालिक को करेंगे वीडियो कॉल

Image
डॉग लवर्स के साथ अक्‍सर ऐसा होता है, जब उन्‍हें उनके डॉगी को घर पर अकेला छोड़कर कुछ देर के लिए बाहर जाना पड़ता है। मुमकिन है कि फ्यूचर में जब डॉग लवर्स घर से दूर जाएंगे, तब वह अपने डॉगी का हालचाल भी ले पाएंगे। यह मुमकिन होगा आपके और आपके डॉगी के बीच वीडियो कॉल से। यह कॉल कोई और नहीं, बल्कि आपका डॉगी ही करेगा। ग्लासगो यूनिवर्सिटी की एक रिसर्चर ने ऐसी डिवाइस बनाई है, जो पालतू डॉगी को अपने मालिकों के साथ कम्‍युनिकेट करने के काबिल बनाएगी। यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग साइंस में एनिमल-कंप्यूटर इंटरैक्शन की विशेषज्ञ डॉ. इलीना हिर्स्कीज-डगलस, कुछ समय से अपने 10 साल के लैब्राडोर के लिए डिवाइसेज का निर्माण कर रही हैं। इसी का नतीजा है, डॉगफोन। यह एक ऐसी डिवाइस है जिसे हिर्स्कीज-डगलस ने फिनलैंड में आल्टो यूनिवर्सिटी के अपने साथ‍ियों की मदद से डिवेलप किया है। यह डिवाइस डॉगी को अपने मालिक को वीडियो कॉल करने की इजाजत देती है। यूनिवर्सिटी की तरफ से पोस्ट किए गए एक वीडियो में हिर्स्कीज-डगलस कहती हैं कि डॉगीज को कॉल का जवाब देने के लिए ट्रेंड किया गया है, लेकिन हकीकत में कोई नहीं जानता कि वीडि...