2014 के बाद की नरेंद्र मोदी की बीजेपी इस मायने में है वाजपेयी की बीजेपी से अलग...
नई दिल्ली : बीजेपी (BJP)ने छह अप्रैल को अपना 42वां स्थापना दिवस मनाया. इस मौके पर पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi)ने पार्टी सांसदों और नेताओं को संबोधित किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि राजनीति में परिवारवाद ही है जिसने उसे खोखला किया है. देश में तुष्टि करण की सियासत ज्यादा दिन नहीं चलेगी. उन्होंने सरकार की उपतलब्धियां गिनाते हुए कहा कि देश की महिलाएं बीजेपी के साथ है. पीएम ने अपने संबोधन में कहा थाकि जब पूरी दुनिया दो विरोधी ध्रुवों में बंटी हो तब भारत को ऐसे देश के रूप में देखा जा रहा जो दृढ़ता के साथ मानवता की बात कर सकता है. हमारी सरकार राष्ट्रीय हितों को सर्वोपरि रखते हुए काम कर रही है.अभी भी देश में दो तरह की राजनीति चल रही है.एक परिवारभक्ति की और दूसरी राष्ट्रभक्ति की. केंद्रीय स्तर पर अलग-अलग राज्यों में हमारे यहां कुछ सियासी दल है जो सिर्फ अपने अपने परिवार के हितों के लिए काम करते हैं. यह भी पढ़ें दरअसल, यह राष्ट्भक्ति ही है जो इस नई बीजेपी का मंत्र है. एक बीजेपी है 2014 के पहले की और एक है इसके बाद की. इस नई बीजेपी से ऐसे कई नेता जुड़ गए जो पहले इसके साथ नह...