बुजुर्गों को प्रीकॉशन डोज लेने के लिए डॉक्टर का सर्टिफिकेट नहीं दिखाना होगा
नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस की प्रीकॉशन डोज (precautionary dose) के तौर पर तीसरी डोज के लिए वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत दी है. नए नियमों में कहा गया है कि बुजुर्गों को प्रीकॉशनरी डोज के लिए डॉक्टर का सर्टिफिकेट (Doctor's Certificate) या प्रस्क्रिप्शन नहीं दिखाना होगा. दरअसल, केंद्र सरकार ने 10 जनवरी से प्रीकॉशन डोज का जो अभियान शुरू किया है, उसमें गंभीर बीमारियों से ग्रसित वरिष्ठ नागरिकों को प्रीकॉशन डोज का विकल्प दिया गया था. लेकिन इसके लिए पहले कहा जा रहा था कि डॉक्टर का मेडिकल सर्टिफिकेट या सलाह जरूरी होगी. यह भी पढ़ें 15-18 साल के किशोरों को कैसे लगेगा टीका, फ्रंटलाइन वर्करों को कैसे मिलेगी तीसरी डोज, जानें गाइडलाइन केंद्र सरकार ने यह भी कहा है कि चुनावी राज्यों में निर्वाचन कार्यों में लगे लोगों को भी फ्रंटलाइन वर्कर्स की तरह माना जाएगा. ऐसे में ये लोग भी अगर तय शर्तों के तहत आते हैं तो कोविड वैक्सीन की तीसरी डोज ले सकते हैं. सरकार ने तीन जनवरी से 15 से 18 साल के किशारों के टीकाकरण का कार्यक्रम भी शुरू किया है. इस वर्ग में 7 से 8 करोड़ के करीब किशोर आते हैं....