समाचारों के साथ विचारों को मिलाना ‘खतरनाक कॉकटेल’: चीफ जस्टिस
उन्होंने न्यायपालिका पर हमलों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रेस को न्यायपालिका में विश्वास प्रकट करना चाहिए. मुंबई: भारत के प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण ने बुधवार को कहा कि स्वस्थ लोकतंत्र केवल निडर और स्वतंत्र प्रेस के साथ ही आगे बढ़ सकता है, लेकिन समाचारों के साथ विचारों का मिश्रण खतरनाक कॉकेटल है. प्रधान न्यायाधीश ने खबरों में वैचारिक पूर्वाग्रहों को मिलाने की प्रवृत्ति के प्रति भी पत्रकारों को आगाह किया और कहा कि तथ्यात्मक खबरों में व्याख्या और रायशुमारी से बचना चाहिए. आजकल रिपोर्टिंग में मैं एक और चलन देख रहा हूं कि खबर में वैचारिक रुझान और पूर्वाग्रह आ जाता है. खबरों में विचारों का मिश्रण खतरनाक कॉकेटल है. यह भी पढ़ें सरकार को हर स्कूल, कॉलेज में लाइब्रेरी व खेल का मैदान सुनिश्चित करने की जरूरत : चीफ जस्टिस प्रधान न्यायाधीश मुंबई प्रेस क्लब द्वारा डिजिटल माध्यम से आयोजित ‘रेड इंक्स अवार्ड' समारोह में बोल रहे थे. उन्होंने सभी विजेताओं को सम्मानित करते हुए इस बात पर रोशनी डाली कि मजबूत लोकतंत्र के लिए पत्रकारिता और सच्चे रिपोर्ताज कितने जरूरी हैं, वहीं उन्होंने खबरों को ‘एक तरह...