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मौसम की ‘तबाही’ से बचने के लिए दुनिया के पास सिर्फ 3 साल, UN की रिपोर्ट में गंभीर चेतावनी

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संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक नई रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि जलवायु परिवर्तन (climate change) के विनाशकारी असर से बचने के लिए दुनिया को साल 2030 तक ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में आधी कटौती करनी चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है अगले तीन साल में उत्सर्जन पीक पर नहीं पहुंचा, तो आने वाले वक्‍त में दुनिया क्‍लाइमेट से जुड़ी गंभीर घटनाओं का अनुभव करेगी। इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (IPCC) ने कहा कि अगर तत्काल ऐक्‍शन नहीं लिया गया, तो दुनिया ग्लोबल वॉर्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने में नाकाम हो जाएगी। इससे भविष्य में और अधिक आग की घटनाएं होंगी। सूखा पड़ेगा और तूफान आएंगे। यह ज्‍यादातर कोरल रीफ्स को प्रभावित करेगा। निचले इलाके रहने लायक नहीं रहेंगे, जिसकी वजह से दुनिया भर में तनाव बढ़ेगा।  रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के वर्तमान स्तर की वजह से दोगुने से अधिक गर्मी पैदा होने की संभावना है। इससे साल 2100 तक तापमान में लगभग 3.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। रिपोर्ट कहती है कि ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिए लगभग हर द...

उष्णकटिबंधीय हिंद महासागर तेजी से गर्म हो रहा है : केंद्र सरकार

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First Published: March 28, 2022 | Last Updated:March 28, 2022 पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के MoS जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा को बताया है कि उष्णकटिबंधीय हिंद महासागर द्वारा समुद्र तेजी गर्म हो रहा है। यह देखा गया है कि 1951 से 2015 की अवधि में समुद्र की सतह के तापमान में लगभग 1 डिग्री सेल्सियस की औसत वृद्धि हुई थी, जो प्रति दशक 0.15 डिग्री सेल्सियस के बराबर है। मुख्य बिंदु  लगातार जलवायु परिवर्तन के कारण समुद्री पर्यावरण को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। 2021 में हिंद महासागर में 52 दिनों की अवधि में छह समुद्री हीटवेव (marine heatwaves) देखी गई हैं। मौसम संबंधी 6 घटनाओं में से बंगाल की खाड़ी को चार का सामना करना पड़ा। पश्चिमी हिंद महासागर के क्षेत्र में, समुद्री हीटवेव घटनाओं में प्रति दशक 1.5 घटनाओं में वृद्धि देखी गई। भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान द्वारा किया गया अध्ययन भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) ने एक अध्ययन किया जिसमें विकट स्थिति पर प्रकाश डाला गया। इससे पता चला कि पश्चिमी हिंद महासागर क्षेत्र में 66 समुद्री हीट वेव घटन...

जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र ने रिपोर्ट जारी की

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First Published: March 2, 2022 | Last Updated:March 2, 2022 संयुक्त राष्ट्र के जलवायु विज्ञान पैनल ने एक प्रमुख रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन काफी तेज़ी से हो रहा है और मानवता इसके लिए तैयार नहीं है। इस रिपोर्ट में कहा गया है कि दुनिया की आधी से अधिक आबादी पहले से ही खतरनाक जलवायु प्रभावों के संपर्क में है। मुख्य बिंदु  इस रिपोर्ट में कहा गया है कि 2040 तक, जलवायु परिवर्तन से खतरों में वृद्धि के साथ दुनिया को भूखा, बीमार, कहीं अधिक खतरनाक और गरीब बनाने की उम्मीद है। सरकारों से कार्बन उत्सर्जन में कटौती करने को कहा गया है। 2050 तक, समुद्रों के बढ़ने के साथ, अरबों लोगों को तटीय बाढ़ के जोखिम का सामना करना पड़ेगा। इस रिपोर्ट के अनुसार, लोग, जानवर, पौधे, अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी तंत्र सभी जोखिम में हैं, जिसमें अरबों लोग जोखिम में हैं और खरबों डॉलर संभावित नुकसान में हैं। जलवायु परिवर्तन लोगों की जान ले रहा है और कई लोग बीमारियों, गर्मी की लहरों, वायु प्रदूषण, अत्यधिक मौसम और भुखमरी से मर रहे हैं। भले ही ग्लोबल वार्मिंग 1.5 डिग्री सेल्...