''मेरा दोस्त जिंदा होता मगर...'': यूक्रेन में मारे गए भारतीय के दोस्त का NDTV से बातचीत में छलका दर्द
नई दिल्ली : युद्ध से प्रभावित यूक्रेन में एक भारतीय छात्र को जान गंवानी पड़ी है. कर्नाटक के हावेरी के अंतिम वर्ष के मेडिकल छात्र नवीन शेखरप्पा (Naveen Shekharappa) की मौत उस समय हुई जब रूसी सैनिकों ने मंगलवार को एक सरकारी बिल्डिंग को विस्फोट कर उड़ा दिया. नवीन के रूममेट का कहना है कि उसका दोस्त आज जिंदा होता लेकिन जरूरी चीजों और खाने की सामग्री खत्म होने की चिंता उस पर भारी पड़ गई. रूममेट्स ने यूक्रेन के दूसरे सबसे बड़े शहर खारकीव में पिछले पांच दिनों से अपनी अपार्टमेंट बिल्डिंग के बेसमेंट में पनाह ले रखी थी. यह भी पढ़ें अपने दोस्त को गंवाने वाले श्रीकांत ने कहा कि वे और दो अन्य साथी अभी बेसमेंट में ही रहेंगे क्योंकि रूसी सेना की बमबारी और मिसाइल हमलों के चलते रेलवे स्टेशन पहुंचने का कोई भी प्रयास खतरे से खाली नहीं होगा. श्रीकांत ने एनडीटीवी से बातचीत में बताया, 'हमारे पास कल रात ये पर्याप्त फूड नहीं था, ऐसे में हम आज सुबह से खाने के इंतजाम के लिए प्रयास कर रहे थे. कल शाम तीन बजे से सुबह छह बजे कर्फ्यू था. आज सुबह जब मैं छह बजे उठा तो मैंने नवीन को मैसेज भेजा-तुम कहा...