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IEA ने ‘Electricity Market Report’ जारी की

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First Published: January 22, 2022 | Last Updated:January 22, 2022 अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (International Energy Agency – IEA) ने द्वि-वार्षिक ‘Electricity Market Report’ के अपने प्रारंभिक 2022 संस्करण को जारी किया। रिपोर्ट के मुख्य तथ्य इस रिपोर्ट के अनुसार, बिजली की मांग में वृद्धि को पूरा करने के लिए देश बड़े पैमाने पर जीवाश्म ईंधन की ओर रुख कर रहे हैं। 2021 में वैश्विक बिजली की मांग में साल-दर-साल 6% की वृद्धि हुई। यह 2008 की आर्थिक मंदी के बाद से IEA द्वारा दर्ज की गई साल-दर-साल की सबसे बड़ी वृद्धि थी। वैश्विक ऊर्जा तीव्रता (energy intensity) में साल-दर-साल 1.9% की कमी आई है। 2050 तक नेट-जीरो की नींव रखने के लिए आवश्यक स्तर की तुलना में यह गिरावट केवल आधी थी। 2021 में, नवीकरणीय ऊर्जा से बिजली उत्पादन में साल-दर-साल 6% की वृद्धि हुई। कोयले से उत्पादन में 9% की वृद्धि हुई। इस वृद्धि का नेतृत्व चीन और भारत जैसे बाजारों ने किया। गैस से चलने वाले उत्पादन में 2% की वृद्धि हुई। इस वृद्धि के परिणामस्वरूप बिजली क्षेत्र से उत्सर्जन में साल-दर-साल 7% क...

मध्यप्रदेश में कभी भी गुल हो सकती है बत्ती, कई पावर प्लांट में कोयले की भारी किल्‍लत

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भोपाल: मध्यप्रदेश में बत्ती कभी भी गुल हो सकती है. वजह है कोयले की आपूर्ति में कमी, जिससे ताप विद्युत संयंत्रों की कई यूनिट बंद करने की नौबत आ गई है. सरकार इसे कम डिमांड या मेंटनेंस की आड़ में ढक रही है, लेकिन हकीकत में बिजली उत्पादन कम हो गया है. कई पावर प्लांट में दो से सात दिन का कोयला ही बचा है, वो भी रबी सीजन में, जब किसानों की बिजली की जरूरत होती है. राज्य के कई पावर प्लांट ऐसे हैं जहां ब्लैक आउट हो सकता है. बारिश के वक्त कम सप्लाई हुई, रेलवे पर भार है. नतीजा मध्यप्रदेश को भी भुगतना पड़ रहा है. राज्य के प्रमुख थर्मल पावर प्लांट के हालात खस्ता हैं, मसलन संजय गांधी और श्रीसिंगाजी थर्मल पावर प्लांट की एक इकाई बंद हो गई है. यह भी पढ़ें मध्यप्रदेश : घरेलू हिंसा की पीड़िताओं को मिलेगी आर्थिक मदद, कैबिनेट बैठक में हुए कई महत्वपूर्ण फैसले अमरकंटक थर्मल पावर प्लांट में रोज़ाना 4000 टन कोयले की ज़रूरत है, स्टॉक में है 8300 टन, उत्पादन होता है 210 मेगावाट, फिलहाल उत्पादन हो रहा है 149 मेगावाट. संजय गांधी थर्मल पावर प्लांट में 18000 टन रोज़ाना की ज़रुरत है, 70,000 टन स्टॉक में है, बिजली ...