'चिदंबरम ने 2014 में कैबिनेट की सिफारिश के बिना दिया OROP पर बयान' : केंद्र ने SC में किया अपना बचाव
सरकार ने विसंगति के लिए पी चिदंबरम को जिम्मेदार ठहराया (फाइल फोटो) नई दिल्ली: सशस्त्र बलों में वन रैंक वन पेंशन (OROP) को लेकर सोमवार को शीर्ष न्यायालय में सुनवाई हुई. केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट के समक्ष वन रैंक वन पेंशन (OROP) पर अपना बचाव किया. सरकार ने 2014 में संसदीय चर्चा बनाम 2015 में वास्तविक नीति के बीच विसंगति के लिए पी चिदंबरम को जिम्मेदार ठहराया. केंद्र ने 2014 में संसद में वित्त मंत्री पी चिदंबरम के बयान पर विसंगति का आरोप लगाया. केंद्र ने कहा कि चिदंबरम का 2014 का बयान तत्कालीन केंद्रीय कैबिनेट की सिफारिश के बिना दिया गया था. यह भी पढ़ें केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में अपना हलफनामा दायर किया. केंद्र ने कहा कि रक्षा सेवाओं के लिए OROP की सैद्धांतिक मंजूरी पर बयान तत्कालीन वित्त मंत्री पी चिदंबरम द्वारा 17 फरवरी, 2014 को तत्कालीन केंद्रीय कैबिनेट की सिफारिश के बिना दिया गया था. दूसरी ओर, कैबिनेट सचिवालय ने 7 नवंबर, 2015 को भारत सरकार (कारोबार नियमावली) 1961 के नियम 12 के तहत प्रधानमंत्री की मंजूरी से अवगत कराया. सुप्रीम कोर्ट 23 फरवरी को अब इसे मामले पर सुनवाई करेगा. 16 फरवरी...