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Boeing की बड़ी कामयाबी, ISS से पृथ्‍वी पर लौटा स्‍टारलाइनर… अब होगी SpaceX से टक्‍कर!

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तीन साल की देरी के बाद लॉन्‍च हुआ बोइंग (Boeing) का पहला स्‍पेस मिशन पूरा हो गया है। इसका ‘स्‍टारलाइनर कैप्‍सूल', इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) से सुरक्षित पृथ्‍वी पर लौट आया। स्‍थानीय समय के अनुसार, 25 मई की शाम 6:49 बजे स्टारलाइनर कैप्सूल ने न्यू मैक्सिको में अमेरिकी सेना की वाइट सैंड्स मिसाइल रेंज (WSRM) के वाइट सैंड्स स्पेस हार्बर में लैंडिंग की। इसके साथ ही बोइंग की मानवरहित ऑर्बिटल टेस्ट फ्लाइट 2 (OFT-2) का सफल समापन हो गया। इस मिशन का मकसद भविष्‍य में बोइंग के स्‍पेसक्राफ्ट में अं‍तरिक्ष यात्रियों को ले जाना है। अमेरिकी एयरोस्‍पेस की दौड़ में कई प्राइवेट कंपनियां मुकाबला कर रही हैं। बोइंग भी इनमें शामिल है। उसका यह मिशन एलन मस्‍क के स्‍पेस वेंचर ‘स्‍पेसएक्‍स' को चुनौती देगा।   स्टारलाइनर कैप्‍सूल ने 19 मई की शाम ‘यूनाइटेड लॉन्च अलायंस' के एटलस वी रॉकेट पर उड़ान भरी थी। करीब 24 घंटे के बाद उसने आईएसएस पर डॉक किया था, जो बोइंग के लिए एक बड़ी कामयाबी थी। इससे पहले दो बार बोइंग को इस मिशन को टालना पड़ा था। पहली बार, साल 2019 में सॉफ्टवेयर फेल होने से लॉन्‍च नहीं हो...

अब तमिलनाडु के सरकारी स्कूलों में बच्चों को मिलेगा मुफ्त नाश्ता : मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन

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First Published: May 13, 2022 | Last Updated:May 13, 2022 तमिलनाडु विधानसभा में बोलते हुए, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए मुफ्त नाश्ता योजना की घोषणा की। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन द्वारा की गई अन्य घोषणाएं क्या हैं? सीएम द्वारा घोषित अन्य योजनाएं हैं: राज्य में पोषण की कमी को दूर करने के लिए एक योजना। उत्कृष्ट विद्यालयों की स्थापना। शहरी क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना। ‘CM in Your Constituency’ नामक शिकायत निवारण प्रणाली का विस्तार। राज्य में मुफ्त नाश्ता योजना क्यों शुरू की गई? यह योजना इसलिए शुरू की गई क्योंकि यह पाया गया कि आमतौर पर, कई सरकारी स्कूली बच्चे स्कूल जाने से पहले अपना नाश्ता छोड़ देते हैं। यह उनकी पारिवारिक स्थिति और समय की कमी के कारण है, क्योंकि स्कूल उनके घर से बहुत दूर हैं। महत्व  इस योजना की शुरुआत के साथ, तमिलनाडु भारत का पहला राज्य होगा जो सरकारी स्कूली बच्चों को मध्याह्न भोजन के साथ नाश्ता प्रदान करेगा। किस कक्षा के छात्रों को मुफ्त नाश्ता दिया जाता ...

अप्रैल 2022 में GST संग्रह अब तक से उच्चतम स्तर पर पहुंचा

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First Published: May 5, 2022 | Last Updated:May 5, 2022 भारत का सकल वस्तु और सेवा कर (GST) राजस्व अप्रैल 2022 में ₹1.68 लाख करोड़ के नए उच्च स्तर पर पहुंच गया। पहली बार, सकल जीएसटी संग्रह ने ₹1.5 लाख करोड़ का आंकड़ा पार किया है। क्या सभी राज्यों में संग्रह में वृद्धि एक समान है? राज्यों में विकास की प्रवृत्तियों में व्यापक भिन्नताएं थीं। जहां अप्रैल में तमिलनाडु के संग्रह में 10% की वृद्धि हुई, वहीं ओडिशा में संग्रह में 28% की वृद्धि देखी गई। बिहार (-2%), मणिपुर (-33%), मिजोरम (-19%) और त्रिपुरा (-3%) सहित छह राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने एक साल पहले राजस्व में संकुचन की सूचना दी। किस राज्य ने GST राजस्व में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की? अरुणाचल प्रदेश ने अप्रैल 2022 के दौरान जीएसटी राजस्व में सबसे अधिक वृद्धि दर्ज की, अप्रैल 2021 की तुलना में GST संग्रह में 90% की रिकॉर्ड वृद्धि के साथ दर्ज की गई। FY22 में कितना GST एकत्र किया गया? FY22 के लिए, कुल GST संग्रह 14.83 लाख करोड़ रुपये रहा, जो FY21 में 11.37 लाख करोड़ रुपये से 30% अधिक है। उच्च GST...

InspectIR COVID-19 Breathalyzer : अब सांस के परीक्षण से कोविड-19 का पता लगाया जा सकेगा

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First Published: April 19, 2022 | Last Updated:April 19, 2022 अमेरिका के खाद्य एवं औषधि प्रशासन (USFDA) द्वारा एक COVID-19 परीक्षण के लिए एक आपातकालीन उपयोग प्राधिकरण प्रदान किया गया है जो किसी व्यक्ति के सांस के नमूनों का उपयोग करता है। इस अधिकृत डिवाइस को InspectIR Covid-19 Breathalyzer नाम दिया गया है और इसे InspectIR Systems नाम की कंपनी द्वारा विकसित किया गया है। मुख्य बिंदु  यह उपकरण लगभग कैरी-ऑन लगेज के आकार का है और यह मिनटों में सटीक रूप से किसी व्यक्ति की परीक्षण से कोरोनावायरस का पता लगा सकता है। यह तकनीक रासायनिक मिश्रणों को पहचानने और अलग करने के लिए गैस क्रोमैटोग्राफी-मास स्पेक्ट्रोमेट्री (gas chromatography-mass spectrometry) का उपयोग करती है और पांच यौगिकों के लिए तेजी से स्क्रीन करती है जो किसी व्यक्ति की सांस में COVID-19 संक्रमण से जुड़े होते हैं। एकल-उपयोग वाले सैनिटरी पेपर स्ट्रॉ का उपयोग करके एक व्यक्ति अपने सांस के नमूने को डिवाइस में भेजता है और फिर डिवाइस उन रसायन और यौगिकों की खोज और पहचान करती है जो COVID-19 से जुड़े होते है...

अब एक साथ दो डिग्री कर सकेंगे छात्र : UGC

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First Published: April 14, 2022 | Last Updated:April 14, 2022 विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (University Grants Commission) द्वारा देश के छात्रों को एक साथ दो डिग्री करने की अनुमति दी गई है। 2022-23 के शैक्षणिक सत्र से, छात्र इन दोहरी डिग्री कार्यक्रमों के लिए आवेदन करना शुरू कर सकते हैं। दोनों डिग्री या तो अलग-अलग विश्वविद्यालयों से या एक ही विश्वविद्यालय से प्राप्त की जा सकती हैं। मुख्य बिंदु  देश के छात्रों को दो मास्टर कार्यक्रम, एक डिप्लोमा और एक यूजी कार्यक्रम, या दो स्नातक कार्यक्रम चुनने की अनुमति होगी। छात्र PG और UG प्रोग्राम के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि छात्रों की कक्षाओं के समय में कोई टकराव न हो। दो पूर्णकालिक डिग्री कार्यक्रमों के संबंध में दिशानिर्देश कार्यक्रमों को केवल उन्हीं संस्थानों में चलाया जाना चाहिए जो वैधानिक परिषद या UGC या भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त हैं। एक छात्र दोनों कार्यक्रमों को एक भौतिक मोड में और दूसरा ऑनलाइन या मुक्त और दूरस्थ शिक्षा मोड में कर सकता है। इसके अलावा, छात्र एक साथ दो...

अब UPI के माध्यम से ATM से पैसे निकालने जा सकेंगे : RBI

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First Published: April 12, 2022 | Last Updated:April 12, 2022 भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा सभी ATM पर कार्डलेस नकद निकासी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। यह सुविधा बैंक की परवाह किए बिना यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) के जरिए उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्य बिंदु  यह फैसला RBI की मौद्रिक नीति समिति (Monetary Policy Committee – MPC) ने किया। RBI ने सभी बैंकों को एटीएम के जरिए कैशलेस कैश विदड्रॉल की शुरुआत करने की इजाजत दे दी है। वर्तमान में, भारत में केवल कुछ ही बैंकों द्वारा कार्डलेस नकद निकासी की पेशकश की जाती है। RBI द्वारा एटीएम नेटवर्क, NPCI और बैंकों को अलग-अलग निर्देश जारी किए जाएंगे। एक बार जब देश भर के सभी बैंक इस निकासी प्रणाली को लागू कर देते हैं, तो ग्राहक इसका उपयोग अपने घरेलू बैंकों के एटीएम में कर सकेंगे। UPI के माध्यम से नकद निकासी का महत्व यह मोड न केवल लेन-देन में आसानी को बढ़ाने में मदद करेगा बल्कि भौतिक कार्ड की आवश्यकता के बिना, यह कार्ड क्लोनिंग, कार्ड स्किमिंग, डिवाइस छेड़छाड़ आदि जैसे धोखाधड़ी को रोकने में मदद करेगा। Unified Paym...

HD1: अब तक देखी गई सबसे दूर की आकाशगंगा

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First Published: April 11, 2022 | Last Updated:April 11, 2022 HD1 नाम की एक आकाशगंगा सबसे दूर की वस्तु हो सकती है जिसे खगोलविदों ने देखा है। इस आकाशगंगा की चमक इसके केंद्र में एक विशाल ब्लैक होल या बड़े आदिम सितारों (primordial stars) के निर्माण के कारण हो सकती है। मुख्य बिंदु  आकाशगंगा HD1 की खोज फैबियो पकुची (Fabio Pacucci) ने अपने सहयोगियों के साथ हार्वर्ड-स्मिथसोनियन सेंटर फॉर एस्ट्रोफिजिक्स, मैसाचुसेट्स में की है। उन्होंने उपलब्ध विभिन्न शक्तिशाली टेलिस्कोप से भारी मात्रा में सार्वजनिक डेटा सेट के माध्यम से छानबीन की। बाद में उन्होंने चिली में स्थित अटाकामा लार्ज मिलिमीटर/सबमिलीमीटर एरे (ALMA) के साथ फिर से HD1 का अवलोकन किया। इन अवलोकनों से पता चला है कि नई खोजी गई आकाशगंगा लगभग 33.4 बिलियन प्रकाश-वर्ष दूर है, और पहले से खोजी गई सबसे दूर की वस्तु, GN-z11 नामक आकाशगंगा से एक अरब प्रकाश-वर्ष आगे है। यह नई खोजी गई आकाशगंगा पराबैंगनी तरंग दैर्ध्य (ultraviolet wavelengths) के मामले में असाधारण रूप से उज्ज्वल है। Categories: विज्ञान एवं प्रौद्योगि...

वैज्ञानिकों को मिला डायनासोर का पैर, एस्ट्रॉयड ने कैसा किया तबाह, अब चलेगा पता!

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लाखों-करोड़ों साल पहले पृथ्‍वी पर डायनासोर रहते थे। माना जाता है कि एक विनाशकारी एस्ट्रॉयड (asteroid) के पृथ्‍वी से टकराने पर जो त्रासदी आई, उसने डायनासोर के वजूद को खत्‍म कर दिया। अब वैज्ञानिकों को एक बड़ी कामयाबी मिली है। उन्‍हें डायनासोर का पैर मिला है। हैरानी इस बात की है कि यह अभी भी काफी हद तक संरक्षित है। वैज्ञानिकों का मानना ​​है कि यह विनाशकारी एस्ट्रॉयड इवेंट से जुड़ा पहला जीवाश्म है। अमेरिका के नॉर्थ डकोटा में तानिस फॉसिल साइट (Tanis fossil site) पर इस जीवाश्‍म को खोजा गया है। पैर की त्‍वचा अभी भी उससे जुड़ी हुई है। वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि यह जीवाश्‍म 66 मिलियन साल पहले डायनासोरों के साथ घटी असल घटना पर रोशनी डाल सकता है। पता चल सकता है कि जब एक विशाल एस्ट्रॉयड पृथ्वी से टकराया था और उसने डायनासोर का सफाया कर दिया था, तब वाकई में हुआ क्‍या था।  पुरातत्वविद, एस्ट्रॉयड के असर से पहले के कुछ वर्षों के सबूत तलाशने में सफल रहे हैं। हालांकि उनका यह मानना है जिस दिन एस्ट्रॉयड पृथ्‍वी से टकराया था, उसी दिन डायनासोर मारे गए थे। ताजा खोज उन्‍हें इस बारे में और जानकारी उपलब्‍ध...

Nasa के हबल टेलीस्‍कोप ने खोजा अब तक का सबसे दूर और पुराना तारा

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खगोलविदों ने ब्रह्मांड में अब तक देखे गए सबसे दूर और पुराने तारे की खोज की है। यह तारा 12.9 अरब साल पहले भी चमकता था। इस तारे की रोशनी ने पृथ्वी तक पहुंचने के लिए 12.9 अरब प्रकाश-वर्ष की यात्रा की होगी। खगोलविदों का कहना है कि नया खोजा गया तारा वैसे ही दिखाई दिया, जैसे वह तब दिखाई दिया था जब ब्रह्मांड अपनी वर्तमान आयु का सिर्फ 7 प्रतिशत था। इसे हबल स्पेस टेलीस्कोप ने देखा है और अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर इसकी इमेज शेयर की है। इसके कैप्‍शन के मुताबिक हबल ने अब तक देखे गए सबसे दूर व्यक्तिगत तारे को देखकर रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस तारे को एरेन्डेल (Earendel) नाम दिया गया है। खगोलविदों का कहना है कि एरेन्डेल ने हमारे ब्रह्मांड के पहले अरब वर्षों में जगमगाना शुरू किया। एरेन्डेल का द्रव्‍यमान हमारे सूर्य के द्रव्‍यमान का 50 गुना होने का अनुमान है। चमकने के मामले में भी यह हमारे सूर्य से लाखों गुना तेज है।    जर्नल नेचर में प्रकाशित पेपर के लेखक ब्रायन वेल्च ने कहा है कि पहले तो उन्‍हें इस खोज पर विश्‍वास ही नहीं हुआ, क्‍योंकि यह तारा रेडशिफ्ट स्टार से बहुत दूर था। गौरतलब है कि रेडशिफ्ट और...

Nasa का मार्स रोवर मंगल ग्रह पर जुटा रहा जीवन के सबूत, अब दो साल की देरी से पहुंचेंगे पृथ्‍वी पर

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मंगल ग्रह (Mars) पर जीवन के संकेत तलाशने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने पर्सवेरेंस रोवर  (Perseverance rover) को भेजा है। यह रोवर वहां 45 किलोमीटर चौड़े ‘जेज़ेरो क्रेटर' से सैंपल्‍स इकट्ठा कर रहा है। इन सैंपल्‍स को पृथ्‍वी पर लाया जाएगा। शुरुआती योजना के मुताबिक साल 2026 तक एक लैंडर (SRL) भेजा जाना था और साल 2031 तक सैंपल्‍स को पृथ्‍वी पर लाया जाना था। लेकिन अब यह टाइमलाइन थोड़ा आगे बढ़ गई है। नासा ने ऐलान किया है कि वह अपने प्‍लान में एक और लैंडर को शामिल कर रही है। इस वजह से SRL की लॉन्‍च डेट को साल 2028 के लिए शिफ्ट कर दिया गया है और सैंपल रिटर्न 2033 तक हो सकेगा।    पर्सवेरेंस रोवर मंगल ग्रह के जेजेरो क्रेटर रीजन में काम कर रहा है। वैज्ञानिकों का मानना है कि अरबों साल पहले यहां एक झील और एक नदी डेल्टा था। सैंपल्‍स को इकट्ठा करने के लिए रोवर इस रीजन की सतह को खरोंच रहा है और सैंपल जुटा रहा है। इन्‍हें पृथ्‍वी पर लाने के बाद वैज्ञानिक जान पाएंगे कि मंगल ग्रह पर जीवन के संकेत हैं या नहीं।  इस पेचीदा मिशन के तहत पहले साल 2026 में SRL को NASA मार्स एसेंट व्हीकल (...

जनऔषधि केंद्रों में अब मिलेंगे न्यूट्रास्युटिकल उत्पाद (Nutraceutical Products)

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First Published: March 15, 2022 | Last Updated:March 15, 2022 प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) केन्द्रों में अब से न्यूट्रास्युटिकल उत्पाद भी मिलेंगे। न्यूट्रास्युटिकल्स (Nutraceuticals) न्यूट्रास्यूटिकल्स कोई भी खाद्य-संबंधित पदार्थ हैं जो स्वास्थ्य और चिकित्सा लाभ प्रदान करते हैं। वे कुछ बीमारियों को रोकने और उनका इलाज करने में भी मदद करते हैं। न्यूट्रास्युटिकल उत्पादों में प्रोटीन पाउडर, प्रोटीन बार, माल्ट-आधारित खाद्य पूरक, इम्युनिटी बार, विटामिन सप्लीमेंट आदि शामिल हैं। प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना (PMBJP) को 2008 में रसायन और उर्वरक मंत्रालय के फार्मास्यूटिकल्स विभाग द्वारा शुरू किया गया था। 2015 में, इसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा फिर से लॉन्च किया गया था। PMBJP को फार्मास्युटिकल्स एंड मेडिकल डिवाइसेस ब्यूरो ऑफ इंडिया (PMBI) द्वारा कार्यान्वित किया जाता है, जो सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1960 के तहत पंजीकृत एक सोसायटी है। PMBJP के उद्देश्य पूरे भारत में सस्ती कीमतों पर सभी को जे...

अब चेस्ट X-Ray से लगाया जा सकेगा कोविड का पता, IIT जोधपुर ने विकसित की तकनीक

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First Published: January 31, 2022 | Last Updated:January 31, 2022 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर (IIT-J) के शोधकर्ताओं द्वारा हाल ही में एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित छाती एक्स-रे तकनीक विकसित की गई थी। इस चेस्ट एक्स-रे तकनीक का इस्तेमाल कोविड-19 की स्क्रीनिंग के लिए किया जाएगा। मुख्य बिंदु शोधकर्ताओं की टीम ने COMiT-Net नामक एक गहन शिक्षण-आधारित एल्गोरिथम प्रस्तावित किया है। यह एल्गोरिथम गैर-कोविड प्रभावित फेफड़े को कोविड प्रभावित फेफड़े से अलग करने के लिए छाती के एक्स-रे छवियों में मौजूद असामान्यताओं (abnormalities) की जानकारी एकत्रित करेगा। प्रौद्योगिकी विकसित करने के लिए 2,500 से अधिक छाती एक्स-रे छवियों के साथ प्रयोग किया गया था। इसने लगभग 96.80% संवेदनशीलता हासिल की। इस शोध में इस्तेमाल AI समाधान चिकित्सा के साथ-साथ एल्गोरिथम दोनों दृष्टिकोणों से व्याख्या योग्य है। खोज का महत्व दुनिया भर में कई लहरों में कोविड -19 मामलों की बढ़ती संख्या के बीच, दूरस्थ क्षेत्रों में प्रसंस्करण केंद्रों और परीक्षण किटों की सीमित उपलब्धता के साथ देशों...

अबू धाबी एयरपोर्ट पर विस्फोट हुआ

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First Published: January 18, 2022 | Last Updated:January 18, 2022 एक संभावित ड्रोन हमले ने अबू धाबी में एक विस्फोट हुआ और तीन तेल टैंकरों को नष्ट कर दिया, जबकि अबू धाबी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एक और विस्फोट में 17 जनवरी, 2022 को तीन लोगों की मौत हो गई और 6 लोग घायल हो गए। मुख्य बिंदु  दो मृत लोगों की पहचान भारतीय नागरिक के रूप में हुई, जबकि एक व्यक्ति पाकिस्तान का था। हालांकि, अबू धाबी पुलिस ने किसी भी संदिग्ध की पेशकश नहीं की, यमन के हौथी विद्रोहियों ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। विस्फोट किस वजह से हुआ? अबू धाबी पुलिस के अनुसार, छोटी उड़ने वाली वस्तुओं का पता चला है, जो संभवत: ड्रोन से संबंधित हैं। वे दो क्षेत्रों में गिरे जिससे विस्फोट हुआ। दूसरा धमाका, मुसाफ्फा इलाके में अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी के एक भंडारण सुविधा के पास तीन पेट्रोलियम परिवहन टैंकरों में हुआ। संयुक्त अरब अमीरात-यमन युद्ध यूएई 2015 से यमन में युद्ध कर रहा है। यूएई सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन का भी एक प्रमुख सदस्य था जिसने ईरानी समर्थित हौथियों के खिलाफ हमले शुरू किए। हालांकि...

अब भारत में गाड़ियों में अनिवार्य रूप से 6 एयरबैग दिए जायेंगे

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First Published: January 17, 2022 | Last Updated:January 17, 2022 केंद्र सरकार ने 1 अक्टूबर 2022 से 6 एयरबैग अनिवार्य करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। भारत में बिकने वाली सभी कारों के लिए एयरबैग अनिवार्य कर दिए जायेंगे। मुख्य बिंदु  सरकार ने एक मसौदा अधिसूचना जारी की है और प्रस्तावित नियम पर सार्वजनिक टिप्पणियों और हितधारकों की टिप्पणियों को आमंत्रित किया है। 1 जुलाई, 2019 से चालक की सीट के लिए एयरबैग के नियम को अनिवार्य कर दिया गया था। सह-यात्री के लिए एक एयरबैग का नियम 1 जनवरी, 2022 से लागू हुआ था। GSR अधिसूचना हालांकि, कई भारतीय कारों के टॉप वेरिएंट में पहले से ही 6 एयरबैग हैं। अब, सरकार ने न्यूनतम 6 एयरबैग अनिवार्य करने के लिए GSR अधिसूचना के मसौदे को मंजूरी दे दी है। यह निर्णय आगे और साथ ही पीछे के डिब्बों में बैठने वालों के लिए आगे और पीछे के टकराव के प्रभाव को कम करने के लिए लिया गया था। M1 वाहन श्रेणी में 4 अतिरिक्त एयरबैग अनिवार्य किए जाएंगे। M1 वाहन श्रेणी  M1 वाहन श्रेणी का तात्पर्य ड्राइवर की सीट के अलावा अधिकतम 8 सीटों वाली यात्री कारो...

अब डॉगी भी चलाएंगे ‘फोन’, DogPhone से अपने मालिक को करेंगे वीडियो कॉल

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डॉग लवर्स के साथ अक्‍सर ऐसा होता है, जब उन्‍हें उनके डॉगी को घर पर अकेला छोड़कर कुछ देर के लिए बाहर जाना पड़ता है। मुमकिन है कि फ्यूचर में जब डॉग लवर्स घर से दूर जाएंगे, तब वह अपने डॉगी का हालचाल भी ले पाएंगे। यह मुमकिन होगा आपके और आपके डॉगी के बीच वीडियो कॉल से। यह कॉल कोई और नहीं, बल्कि आपका डॉगी ही करेगा। ग्लासगो यूनिवर्सिटी की एक रिसर्चर ने ऐसी डिवाइस बनाई है, जो पालतू डॉगी को अपने मालिकों के साथ कम्‍युनिकेट करने के काबिल बनाएगी। यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग साइंस में एनिमल-कंप्यूटर इंटरैक्शन की विशेषज्ञ डॉ. इलीना हिर्स्कीज-डगलस, कुछ समय से अपने 10 साल के लैब्राडोर के लिए डिवाइसेज का निर्माण कर रही हैं। इसी का नतीजा है, डॉगफोन। यह एक ऐसी डिवाइस है जिसे हिर्स्कीज-डगलस ने फिनलैंड में आल्टो यूनिवर्सिटी के अपने साथ‍ियों की मदद से डिवेलप किया है। यह डिवाइस डॉगी को अपने मालिक को वीडियो कॉल करने की इजाजत देती है। यूनिवर्सिटी की तरफ से पोस्ट किए गए एक वीडियो में हिर्स्कीज-डगलस कहती हैं कि डॉगीज को कॉल का जवाब देने के लिए ट्रेंड किया गया है, लेकिन हकीकत में कोई नहीं जानता कि वीडि...

25 दिसंबर को अंतरिक्ष में लॉन्‍च होगा अब तक का सबसे बड़ा टेलीस्‍कोप

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नासा NASA के जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप James Webb Space Telescope का लॉन्च एक दिन की देरी से होगा। यह टेलीस्‍कोप हबल Hubble की जगह लेने वाला है। नासा ने कहा है यह लॉन्‍च पहले से तय समय से एक दिन बाद क्रिसमस के दिन 25 दिसंबर को होगा। फ्रेंच गयाना के कौरो स्पेसपोर्ट से होने वाले लॉन्‍च में देरी की वजह तेज हवाएं हैं। अब शनिवार को Ariane 5 रॉकेट नेक्‍स्‍ट जेनरेशन वाली स्‍पेस ऑब्‍जर्वेट्री को लेकर उड़ान भरेगा।  10 अरब डॉलर (लगभग 75,330 करोड़ रुपये) का जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप अब तक का बनाया गया सबसे बड़ा टेलीस्‍कोप है। इसका मकसद खगोलविदों को सफल खोजों में मदद करना है। हबल की तुलना में इसे ब्रह्मांड में गहराई से देखने और 13.5 अरब साल पहले तक की घटनाओं का पता लगाने के लिए डिजाइन किया गया है। फ‍िलहाल हबल स्पेस टेलीस्कोप अंतरिक्ष में सबसे शक्तिशाली टेलीस्कोप है। पिछले 30 साल से इसने खगोलविदों को बड़ी जानकारियां दी हैं। काफी समय हो जाने की वजह से इसे बदलने की जरूरत महसूस की गई थी। हबल प्रोजेक्‍ट को पूरा करने में नासा और ESA (यूरोपियन स्‍पेस एजेंसी) दोनों की भूमिका थी। दोनों ने मिलकर और बड़...