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खारा पानी 1 हजार गुना तेजी से होगा फ‍िल्‍टर! वैज्ञानिकों ने ईजाद किया नया तरीका

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मीठे पानी की कमी की समस्या को हल करने की दिशा में बड़ा कदम क्या हो सकता है? वैज्ञानिकों ने एक ऐसी डिवाइस डेवलप की है, जो ट्रेडिशनल रूप से इस्‍तेमाल की जाने वाली डिवाइसेज की तुलना में खारे पानी को एक हजार गुना तेजी से फ‍िल्‍टर करती है। इंडस्ट्रियल स्‍केल में समुद्री पानी को विलवणीकरण (desalination) प्रक्रिया के जरिए पीने योग्य बनाया जाता है। इस प्रक्रिया में पानी से नमक को अलग किया जाता है और बचे हुए पानी को सिंचाई के लिए उपयोग किया जाता है। हाल के एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने खारे पानी को तेजी से और अधिक प्रभावी तरीके से साफ करने के लिए एक नया तरीका ईजाद किया है।  वैज्ञानिकों ने अपने नए प्रकाशित अध्ययन में खारे पानी को तेजी से और अधिक प्रभावी तरीके से शुद्ध करने के लिए एक नए तरीके के बारे में बताया है। उन्होंने फ्लोरीन-बेस्‍ड नैनोस्ट्रक्चर का इस्‍तेमाल करके नमक को पानी से सफलतापूर्वक अलग किया। टोक्यो यूनिवर्सिटी के रसायन विज्ञान और जैव प्रौद्योगिकी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर योशिमित्सु इटोह और उनके सहयोगियों ने नैनोस्केल पर फ्लोरीन पाइपलाइनों की क्षमता की खोज करके अपने अध्‍ययन की श...

2 अरब साल पहले मंगल ग्रह पर थे महासागर! वैज्ञानिकों ने ऐसे लगाया अनुमान

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पृथ्‍वी से बाहर जीवन की संभावना की बात आती है, तो इसका सबसे बड़ा दावेदार नजर आता है मंगल (Mars) ग्रह। वर्षों से वैज्ञानिक यह जानने में जुटे हैं कि क्‍या कभी मंगल ग्रह पर जीवन था। क्‍या भविष्‍य में ऐसी कोई उम्‍मीद है? तमाम अध्‍ययन संकेत तो देते हैं, लेकिन अभी बहुत शोध बाकी है। अब पेरिस यूनिवर्सिटी की एक स्‍टडी में पता चला है कि 2 अरब साल पहले मंगल ग्रह पर तरल महासागर हो सकते थे। वैज्ञानिकों का कहना है कि तरल महासागर संभव हो सकता है अगर तापमान जमाव बिंदु यानी 4.5 डिग्री सेल्सियस से ज्‍यादा होता है। मंगल ग्रह पर ऐसी स्थितियां आज से करीब 3 अरब साल पहले मुमकिन थीं।  हालांकि साल 2016 के एक रिव्‍यू कहा गया था कि लो सोलर रेडिएशन के कारण मंगल ग्रह की प्राचीन जलवायु बेहद ठंडी थी और एक महासागर को बरकरार नहीं रख सकती थी। वहीं, साल 2021 के एक अन्य अध्ययन में कहा गया है कि ग्रह का अपना वॉर्मिंग मैकेनिज्‍म है, जो झीलों और नदियों को पनपने दे सकता है।  मौजूदा अध्ययन में रिसर्चर्स ने पृथ्वी के जलवायु मॉडल पर बेस्‍ड त्रि-आयामी मॉडल का इस्‍तेमाल करके मंगल की प्राचीन जलवायु को दोबारा से तैयार किया। इस...

पृथ्‍वी पर क्‍यों मौजूद है पानी और क्‍यों सूखा शुक्र ग्रह, जवाब तलाशेगा Nasa का नया मिशन

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हमारे सौरमंडल में पृथ्‍वी इकलौता ग्रह है, जहां जीवन है। बीते कई वर्षों से वैज्ञानिक पृथ्‍वी के अलावा दूसरे ग्रहों पर जीवन के संकेत तलाश रहे हैं और उन्‍हें इसके सबसे करीब दिखाई देते हैं मंगल और शुक्र ग्रह। शुक्र ग्रह के बारे में एक और दिलचस्‍प बात है। वैज्ञानिकों का कहना है कि शुक्र ग्रह एक समय में गीला हुआ करता था, लेकिन किन्‍हीं वजहों से वह सूख गया। क्‍या भविष्‍य में पृथ्‍वी के साथ भी ऐसा ही हो सकता है? यह जानने के लिए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) 9 मई को एन्डुरन्स (Endurance) नाम से एक नया मिशन शुरू करने जा रही है।  आखिर इस मिशन की जरूरत क्‍यों पड़ी। नासा के अनुसार, हमारे ग्रह यानी पृथ्वी में एक ग्‍लोबल इलेक्ट्रिक क्षमता है। यह एक अहम कॉम्‍पोनेंट है, क्‍योंकि यह हमारे ग्रह को रहने लायक बनाती है। नासा इसी की खोज मंगल या शुक्र ग्रह पर करना चाहती है। वह जानना चहती है कि उन ग्रहों पर जीवन क्‍यों संभव नहीं है। ऐसा क्‍या है कि जीवन सिर्फ पृथ्‍वी पर ही संभव है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी के गोडार्ड स्पेस फ्लाइट सेंटर के ग्लिन कोलिन्सन ने कहा कि सभी विज्ञानों में सबसे मौलिक सवाल यही...

स्टॉकहोम जल पुरस्कार (Stockholm Water Prize) 2022 प्रदान किया गया

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First Published: March 30, 2022 | Last Updated:March 30, 2022 स्टॉकहोम जल पुरस्कार ( Stockholm Water Prize) 2022 को स्टॉकहोम इंटरनेशनल वाटर इंस्टीट्यूट (Stockholm International Water Institute – SIWI) द्वारा प्रोफेसर विल्फ्रेड ब्रुट्सर्ट (Wilfried Brutsaert) को पर्यावरणीय वाष्पीकरण के मूल्यांकन में उनके  कार्य के लिए सम्मानित किया गया है। मुख्य बिंदु  इस पुरस्कार को व्यापक रूप से जल का नोबेल पुरस्कार (Nobel Prize for Water) माना जाता है। प्रोफेसर ब्रुट्सर्ट को इस पुरस्कार से सम्मानित किया गया क्योंकि उन्होंने वाष्पीकरण को मापने के तरीके विकसित किए हैं और यह पृथ्वी के ऊर्जा संतुलन में भूमिका निभाता है जो सटीक अनुमान लगाने की अनुमति देता है कि वर्षा कैसे विकसित हो सकती है। यह विधि दुनिया भर में उजागर स्थानीय समुदायों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्हें भविष्य में उपलब्ध जल स्तर के साथ-साथ दैनिक जल स्तर की भविष्यवाणी करने की आवश्यकता होगी। इस पुरस्कार की घोषणा 22 मार्च को की गई थी, लेकिन यह पुरस्कार स्वीडन के राजा द्वारा 31 अगस्त को स्टॉकहोम में ...

22 मार्च : विश्व जल दिवस (World Water Day)

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First Published: March 22, 2022 | Last Updated:March 22, 2022 1993 से हर साल, विश्व जल दिवस (World Water Day) 22 मार्च को मनाया जाता है। यह ताजे पानी के महत्व को फैलाने के लिए मनाया जाता है। यह दिन संयुक्त राष्ट्र द्वारा और साथ ही दुनिया भर में विभिन्न अन्य संगठनों द्वारा मनाया जाता है। महत्व विश्व जल दिवस का मुख्य उद्देश्य सतत विकास लक्ष्य 6 (Sustainable Development Goal 6) प्राप्त करना है। इसमें 2030 तक सभी के लिए जल और स्वच्छता शामिल है। आवश्यकता 2050 तक, 5.7 बिलियन से अधिक लोग उन क्षेत्रों में होंगे, जहां पानी दुर्लभ होगा। दुनिया भर में पानी की मांग 2040 तक 50% तक बढ़ जाएगी। इसलिए, जल संरक्षण पर बल देना आवश्यक है। इतिहास 1992 में पर्यावरण और विकास पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन (United Nations Conference on Environment and Development) में इस दिवस की शुरुआत हुई थी। इस सम्मेलन में, संयुक्त राष्ट्र ने विश्व जल दिवस मनाने का प्रस्ताव पारित किया था। तब से कई इवेंट्स को जोड़ा गया है। इसमें 2013 में जल क्षेत्र में सहयोग का अंतर्राष्ट्रीय वर्ष (Internationa...

रुड़की जल सम्मेलन 2022 (Roorkee Water Conclave) का आयोजन किया गया

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First Published: March 5, 2022 | Last Updated:March 5, 2022 “रुड़की जल सम्मेलन 2022” के दूसरे संस्करण का उद्घाटन 2 मार्च, 2022 को केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री गजेंद्र सिंह शेखावत द्वारा किया गया । मुख्य बिंदु इस कॉन्क्लेव का उद्घाटन भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, रुड़की द्वारा किया गया। इसका आयोजन 2 मार्च से 4 मार्च 2022 तक IIT रुड़की और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाइड्रोलॉजी द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। यह कॉन्क्लेव सामाजिक विकास के एक प्रमुख घटक के रूप में सतत जल संसाधन प्रबंधन का समर्थन करने वाले जल सुरक्षा और इसके कई पहलुओं को समझने पर ध्यान केंद्रित था। कॉन्क्लेव की थीम यह कॉन्क्लेव “सतत विकास के लिए जल सुरक्षा” की थीम पर केंद्रित है। कॉन्क्लेव का महत्व जल सुरक्षा दुनिया भर में स्थिरता के लिए चर्चा का एक प्रमुख विषय है। इस प्रकार, ‘रुड़की वाटर कॉन्क्लेव 2022’ पानी की कमी, पानी के सतत उपयोग और स्वच्छता के मुद्दों के समाधान खोजने में मदद करेगा। एकीकृत गंगा कायाकल्प मिशन के साथ ये प्रयास गंगा नदी के पारिस्थितिक प्रवाह को बनाए रखने में मदद करेंगे और ...

राष्ट्रीय जल पुरस्कार (National Water Awards) की घोषणा की गई

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First Published: January 10, 2022 | Last Updated:January 10, 2022 राष्ट्रीय जल पुरस्कार प्रतिवर्ष केंद्रीय जल मंत्रालय द्वारा प्रदान किए जाते हैं। वर्ष 2020 के लिए तीसरे दौर के पुरस्कारों की हाल ही में घोषणा की गई थी। राज्य पुरस्कार उत्तर प्रदेश को प्रथम पुरस्कार मिला। राजस्थान और तमिलनाडु को दूसरे और तीसरे पुरस्कार से सम्मानित किया गया। जिला पुरस्कार उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर जिले को ‘सर्वश्रेष्ठ जिले’ का खिताब दिया गया। उत्तरी क्षेत्र में पंजाब के शहीद भगत सिंह नगर को सर्वश्रेष्ठ जिले का पुरस्कार दिया गया। तिरुवनंतपुरम: दक्षिण क्षेत्र इंदौर, मध्य प्रदेश: पश्चिम क्षेत्र पूर्वी चंपारण, बिहार: पूर्वी क्षेत्र गोलपारा (असम) और सियांग (अरुणाचल प्रदेश): उत्तर पूर्व क्षेत्र पुरस्कारों का उद्देश्य जल संसाधन प्रबंधन के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य करने वाले संगठनों को प्रोत्साहित करना। जल संसाधन प्रबंधन के वरिष्ठ नीति निर्माताओं के साथ जुड़ने के लिए स्टार्टअप के लिए अच्छे अवसर प्रदान करना। यह हितधारकों को जल प्रबंधन की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रोत...

मुंबई में शुरू की जाएगी वाटर टैक्सी सर्विस (Mumbai Water Taxi Service)

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First Published: January 3, 2022 | Last Updated:January 3, 2022 बहुप्रतीक्षित वाटर टैक्सी सर्विस जनवरी 2022 से मुंबई में शुरू होने की संभावना है। मुंबई जल परिवहन परियोजना के नए मार्ग सरकार ने कई ऑपरेटरों को निम्नलिखित मार्ग आवंटित किए हैं: एलिफेंटा से अंतर्राष्ट्रीय क्रूज टर्मिनल डोमेस्टिक क्रूज़ टर्मिनल (DCT) से करंजदे, रीवास, धरमतार DCT से बेलापुर, वाशी, नेरुल, ऐरोली, खंडेरी द्वीप और JNPT DCT से JNPT और नवी मुंबई, सबसे महत्वपूर्ण मार्ग होगा सेवाओं का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जनवरी 2022 के पहले सप्ताह में वाटर टैक्सी सेवा का उद्घाटन किए जाने की उम्मीद है।  इस परियोजना की शुरुआत किसने की? वाटर टैक्सी सर्विस प्रोजेक्ट मुंबई पोर्ट ट्रस्ट (MbPT), महाराष्ट्र मैरीटाइम बोर्ड और सिटी एंड इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (CIDCO) की एक संयुक्त पहल है। सेवा के लिए किराया DCT से नवी मुंबई का किराया करीब 1200 से 1500 रुपये प्रति यात्री होगा, जबकि DCT से JNPT का किराया करीब 750 रुपये होगा। नवी मुंबई पहुँचने के लिए यात्रा का समय DCT से नवी ...