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छोटी आकाशगंगाओं को ‘निगल’ कर बड़ी हो रही यह गैलेक्‍सी! हबल टेलीस्‍कोप ने खींची तस्‍वीर

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पिछले 30 साल से अंतरिक्ष में तैनात हबल स्‍पेस टेलीस्‍कोप (Hubble Space Telescope) हमें इस ब्रह्मांड की बारीकियों से रू-ब-रू करवा रहा है। कोई सप्‍ताह ऐसा नहीं होता, जब हमें इस टेलीस्‍कोप के द्वारा खींची गई इमेज देखने को ना मिले। अब इसने एक विशाल आकाशगंगा के शानदार नजारे को कैद किया है। यह हमारी आकाशगंगा- ‘मिल्‍की वे' से भी दोगुनी बड़ी है। यह एक अंडाकार आकाशगंगा है, जिसे NGC 474 के नाम से जाना जाता है, जो पृथ्वी से लगभग 100 मिलियन प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है। हबल टेलीस्‍कोप ने इस आकाशगंगा के सेंट्रल रीजन को नजदीक से कैप्‍चर किया, जिससे इसके आकार का पता चलता है। हालांकि इसकी एक और खूबी है।  अपने सर्वे के दौरान हबल टेलीस्‍कोप के एडवांस्‍ड कैमरों ने NGC 474 की नई इमेज को कैप्‍चर किया। इसके लिए टेलीस्‍कोप के वाइड फील्ड और प्लैनेटरी कैमरा 2 और वाइड फील्ड कैमरा 3 के डेटा का भी इस्‍तेमाल किया गया।  नासा के अनुसार, NGC 474, हमारी आकाशगंगा यानी मिल्की वे से 2.5 गुना बड़ी है। लेकिन इसका बड़ा आकार ही इस आकाशगंगा की इकलौती खूबी नहीं है। हबल टेलीस्‍कोप के हालिया ऑब्‍जर्वेशंस से पता चलता ह...

अमेरिका को चीन की चुनौती, लॉन्‍च करेगा 2.5 अरब पिक्‍सल कैमरे वाला स्‍पेस टेलीस्‍कोप, यह है तैयारी

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अमेरिका और यूरोपीय स्‍पेस एजेंस‍ियों को अंतरिक्ष में चीन से चुनौती मिल रही है। हाल में चीनी वैज्ञानिकों ने बड़ा दावा करते हुए कहा था कि चंद्रमा की मिट्टी में ऑक्सीजन और ईंधन को पैदा करने की क्षमता है। चीन के Chang'e 5 स्‍पेसक्राफ्ट द्वारा लाई गई चंद्रमा की मिट्टी का विश्लेषण करने के बाद वैज्ञानिक इस निष्कर्ष पर पहुंचे। चीन मंगल मिशन पर भी काम कर रहा है। यही नहीं, अब उसकी तैयारी साल 2023 तक अपना पहला बड़ा स्‍पेस टेलीस्‍कोप लॉन्‍च करने की है। इस टेलीस्‍कोप के जरिए चीन, अंतरिक्ष का सर्वेक्षण करना चाहता है। आकाशगंगाओं को एक्‍स्‍प्‍लोर करना चाहता है और तो और डार्क मैटर व डार्क एनर्जी के रहस्‍यों को उजागर करना चाहता है। चीन का यह टेलीस्‍कोप सीधे तौर पर अमेरिका और यूरोप के हबल टेलीस्‍कोप और हाल में लॉन्‍च किए गए जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप को टक्‍कर देगा।  space.com के मुताबिक, चीन की नेशनल एस्‍ट्रोनॉमिकल ऑब्‍जर्वेट्री के डेप्‍युटी डायरेक्‍टर लियू जिफेंग ने न्‍यूज एजेंसी सिन्हुआ को बताया है कि चीनी स्‍पेस स्‍टेशन टेलीस्कोप (CSST) एक ऑप्टिकल और अल्‍ट्रावॉयलेट स्‍पेस ऑब्‍जर्वेट्री है। इसमें ...

हमारे सूर्य से 32 गुना बड़ा और 2 लाख गुना ज्‍यादा चमकदार तारा देखा है आपने?

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रात के साफ आसमान में हमें लाखों तारे दिखाई देते हैं। पृथ्‍वी से लाखों-‍करोड़ों किलोमीटर दूर स्थित ये तारे जगमगाते छोटे बिंदुओं की तरह दिखाई देते हैं। लेकिन हमारे अस्तित्व का तारा है सूर्य। इसके चारों ओर पृथ्वी समेत कई ग्रह चक्‍कर लगाते हैं। क्‍या आप किसी ऐसे तारे के बारे में सोच सकते हैं, जो हमारे सूर्य से 200,000 गुना ज्‍यादा चमकीला और 32 गुना ज्‍यादा बड़ा हो। हाल ही में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने एक इमेज शेयर की है। इसमें दिखाया गया है कि तारे के आसपास की दुनिया कैसी दिखाई देगी। इमेज में ब्रह्मांड के परिदृश्य को दिखाया गया है, जो शांत नजर आता है, लेकिन हकीकत में ऐसा नहीं है।  हर्शल 36 (Herschel 36) नाम का यह स्‍टार ‘लैगून नेबुला' (Lagoon Nebula) के केंद्र में है। यह लगभग 4,000 प्रकाश वर्ष दूर स्थित है। यह ताकतवर पराबैंगनी किरणों समेत अशांत गैसों, तेज रेडिएशन से भरा है। इन इंटरेक्‍शंस की वजह से ‘लैगून नेबुला' में गैस और धूल के पहाड़ों के एक काल्पनिक परिदृश्य दिखाई देता है।    नासा ने बताया है कि यह विशाल तारा अभी युवा है। लगभग 1 मिलियन वर्ष ही पुराना है और हाइ...

ब्‍लैक होल भी होते हैं कुपोषण का शिकार, Nasa के हबल टेलीस्‍कोप ने खोज निकाला

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अपने 30 साल से ज्‍यादा के सफर में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) के हबल स्पेस टेलीस्कोप ने ब्रह्मांड की कुछ दिलचस्प इमेजेस को कैप्चर किया है। इससे खगोलविदों को वहां होने वाली रहस्यमयी घटनाओं को समझने में मदद मिली है। इन इमेजेस में एक ‘NGC 3147' नाम की स्‍पाइरल आकाशगंगा की तस्‍वीर भी है। यह आकाशगंगा लगभग 130 मिलियन प्रकाश-वर्ष दूर ड्रेको तारामंडल में स्थित है, जिसे ‘ड्रैगन' भी कहा जाता है। इमेज दिखाती है कि आकाशगंगा की घुमावदार भुजाएं अंतरिक्ष में फैली एक सर्पाकार सीढ़ी की तरह दिखाई देती हैं। हकीकत में इनमें गुलाबी रंग की निहारिकाएं (nebulae), नीले तारे मौजूद हैं।  इस इमेज को पहली बार जुलाई 2019 में रिलीज किया गया था। आकाशगंगा के कोर में एक ब्लैक होल है, लेकिन वह बहुत बेहतर नहीं है या यूं कहें कि कुपोषित है और तारों, गैस व धूल की एक पतली कॉम्पैक्ट डिस्क से घिरा है। हालांकि इस ब्लैक होल का गुरुत्वाकर्षण इतना मजबूत है कि जो कुछ भी उसके करीब आता है वह डिस्क में बह जाता है।   नासा की हबल टीम के अनुसार, इस ‘मॉन्‍स्‍टर' ब्लैक होल का वजन हमारे सूर्य के द्रव्यमान का लगभग 25...

सबसे बड़ी दूरबीन जुलाई से खोलेगी ब्रह्मांड के रहस्‍य, जानें इसके बारे में

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जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप (James Webb Space Telescope) इस साल जुलाई से अपना काम शुरू कर देगा और दुनिया को ब्रह्मांड की बेहतरीन तस्‍वीरें देखने को मिलेंगी। प्रोजेक्‍ट से जुड़े एक एस्‍ट्रोनॉमर ने यह बात कही है। यह अंतरिक्ष में भेजा गया अबतक का सबसे बड़ा और महंगा टेलीस्‍कोप है। पिछले साल दिसंबर में अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने इसे लॉन्‍च किया था। जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप वहां हबल स्‍पेस टेलीस्‍कोप की जगह लेगा, जो साल 1992 से सर्विस दे रहा है और दुनिया को ब्रह्मांड के रहस्‍यों से रू-ब-रू करवा रहा है। एक न्‍यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, यह टेलीस्‍कोप बीते 5 महीनों से अपने इंस्‍ट्रूमेंट्स को तैयार कर रहा है। हालांकि वैज्ञानिकों ने यह जानकारी नहीं दी कि फ‍िलहाल इस टेलीस्‍कोप के कैमरों को कहां पॉइंट किया गया है। बाल्टीमोर में स्पेस टेलीस्कॉप साइंस इंस्टि‍ट्यूट के एक वैज्ञानिक क्लॉस पोंटोपिडन ने कहा कि हम वास्‍तव में हैरान होना चाहेंगे।  पोंटोपिडन ने कहा कि जेम्‍स वेब की टीम इस टेलीस्‍कोप द्वारा टेस्टिंग के तौर पर ली गई कुछ इमेजेस को रिलीज कर चुकी है, लेकिन नई तस्‍वीरों में एस्‍ट्...

अंतरिक्ष की सबसे बड़ी दूरबीन ने ली थी ब्‍लैक होल की यह तस्‍वीर, जानें इसके बारे में

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हबल स्पेस टेलीस्कोप ने कई बीते साल से ब्रह्मांड की हैरान करने वाली तस्‍वीरों को कैद किया है। इसने हमें एक ऐसी दुनिया की झलक दिखाई है, जिसकी कल्पना भी हममें से कई लोगों ने नहीं की होगी। पृथ्‍वी से सैकड़ों प्रकाश-वर्ष दूर होने वाली गतिविधियों को इसने हम तक पहुंचाया है, जिसमें से कई तो बेहद यादगार हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) कुछ समय के अंतराल में ऐसी तस्‍वीरों को शेयर करती रहती है, जो अतीत में ली गई हैं। इस बार भी हबल टेलीस्‍कोप की ‘फ्लैशबैक फ्राइडे' सीरीज के रूप में एक ऐसी ही तस्‍वीर को नासा ने शेयर किया है। नासा ने जो तस्‍वीर शेयर की है, उसमें हबल टेलीस्‍कोप ने आकाशगंगाओं के केंद्रों पर धूल से भरे ब्लैक होल की डिस्क को कैप्चर किया है। हबल की साइट के अनुसार, पहली इमेज में NGC 4261 नाम की एक अंडाकार आकाशगंगा है। तस्‍वीर में इसके केंद्र में स्थित ब्लैक होल को फ्यूल पहुंचाने वाली ठंडी गैस की धूल की विशालकाय डिस्क दिखाई देती है। यह आकाशगंगा लगभग 100 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर स्थित है।   खगोलविदों का अनुमान है कि इसकी डिस्क लगभग 300 प्रकाश वर्ष चौड़ी है। इसके चमकीले कोर का ...

हबल टेलीस्‍कोप का 32वां जन्‍मदिन, Nasa ने शेयर की आकाशगंगाओं के ग्रुप की तस्‍वीर

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हबल स्पेस टेलीस्‍कोप को अंतरिक्ष में 32 साल पूरे हो गए हैं और अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) इसे सेल‍िब्रेट कर रही है। एक सिंगल इमेज के जरिए नासा ने गहरे अंतरिक्ष की पांच आकाशगंगाओं को दिखाया है। यह व्‍यू काफी बेहतरीन है। याद रहे कि हबल स्पेस टेलीस्कोप को 24 अप्रैल 1990 को लॉन्च किया गया था। इसे अगले ही दिन डिप्‍लॉय कर दिया गया था। यह सप्‍ताह इस टेलीस्‍कोप का 32वां जन्‍मदिन है। हबल ने 20 मई 1990 को अपनी सर्विस शुरू की थी।  नासा ने जो इमेज शेयर की है, वह हिक्सन कॉम्पैक्ट ग्रुप 40 (Hickson Compact Group 40) नाम की आकाशगंगाओं का एक समूह है। इस ग्रुप में एक विशाल और अण्डाकार आकाशगंगा भी शामिल है, जो अरबों सितारों, तीन स्‍पाइरल आकाशगंगाओं और एक लेंटिकुलर (लेंस के जैसी) आकाशगंगा के साथ चमकती है। यह इमेज एक वीडियो का हिस्सा है, जिसमें हबल की सीनियर प्रोजेक्‍ट साइंटिस्‍ट डॉ. जेनिफर वाइसमैन इस इमेज के बारे में और टेलीस्‍कोप के महत्‍व के बारे में बता रहे हैं।    वीडियो में वाइसमैन ने समझाया कि हिक्सन कॉम्पैक्ट ग्रुप 40 में आकाशगंगाओं को एक गुरुत्वाकर्षण डांस में साथ रखा जाता है। यह एक ...

Nasa के हबल टेलीस्‍कोप ने खोजा अब तक का सबसे दूर और पुराना तारा

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खगोलविदों ने ब्रह्मांड में अब तक देखे गए सबसे दूर और पुराने तारे की खोज की है। यह तारा 12.9 अरब साल पहले भी चमकता था। इस तारे की रोशनी ने पृथ्वी तक पहुंचने के लिए 12.9 अरब प्रकाश-वर्ष की यात्रा की होगी। खगोलविदों का कहना है कि नया खोजा गया तारा वैसे ही दिखाई दिया, जैसे वह तब दिखाई दिया था जब ब्रह्मांड अपनी वर्तमान आयु का सिर्फ 7 प्रतिशत था। इसे हबल स्पेस टेलीस्कोप ने देखा है और अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर इसकी इमेज शेयर की है। इसके कैप्‍शन के मुताबिक हबल ने अब तक देखे गए सबसे दूर व्यक्तिगत तारे को देखकर रिकॉर्ड तोड़ दिया है। इस तारे को एरेन्डेल (Earendel) नाम दिया गया है। खगोलविदों का कहना है कि एरेन्डेल ने हमारे ब्रह्मांड के पहले अरब वर्षों में जगमगाना शुरू किया। एरेन्डेल का द्रव्‍यमान हमारे सूर्य के द्रव्‍यमान का 50 गुना होने का अनुमान है। चमकने के मामले में भी यह हमारे सूर्य से लाखों गुना तेज है।    जर्नल नेचर में प्रकाशित पेपर के लेखक ब्रायन वेल्च ने कहा है कि पहले तो उन्‍हें इस खोज पर विश्‍वास ही नहीं हुआ, क्‍योंकि यह तारा रेडशिफ्ट स्टार से बहुत दूर था। गौरतलब है कि रेडशिफ्ट और...

सूर्य को इतने करीब से देखा है? आज देख लीजिए

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दुनियाभर की एजेंसियां सूर्य से जुड़े रहस्‍यों का पता लगाने के लिए उसकी स्‍टडी कर रही हैं। इससे सोलर साइंस में नई रुचि जगी है। इस स्‍टडी में US नेशनल साइंस फाउंडेशन (NSF) का इनौये सोलर टेलीस्कोप (Inouye Solar Telescope) खगोलविदों की मदद कर रहा है। दुनिया के इस सबसे बड़े टेलीस्‍कोप ने हाल ही में अपने पहले आब्‍जर्वेशन को शुरू किया है, जिसे NSF ने ट्विटर पर शेयर किया है। इसमें सूर्य की नई सनस्‍पॉट इमेज की जानकारी दी गई है। हवाई में स्थित इनौये टेलीस्कोप को 25 साल से ज्‍यादा समय से तैयार किया जा रहा था। अब इसके जरिए सूर्य को समझने के तरीके में क्रांति लाई जा सकेगी।  सूर्य का सौर क्षेत्र जिसे कोरोना भी कहा जाता है, उसे समझने में वैज्ञानिकों की काफी दिलचस्‍पी है। वहां कई सौर गतिविधियां होती हैं। वैज्ञानिक यह भी समझना चाहते हैं कि सूर्य के इस क्षेत्र में चार्ज पार्टिकल्‍स का प्रवाह अचानक से क्‍यों तेज हो जाता है। इसमें वैज्ञानिकों की दिलचस्‍पी कोरोनल मास इजेक्शन (CME) की वजह से भी है, जिसका असर पृथ्‍वी तक हो सकता है। इस इजेक्‍शन की वजह से पृथ्‍वी पर बिजली ग्रिड, संचार नेटवर्क और कई उपग्रह...

जेम्‍स वेब टेलीस्‍कोप के 18 मिरर्स ने खींची एक ही तारे की फोटो, जानिए क्‍या दिखा

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पिछले साल दिसंबर में अंतरिक्ष में भेजा गया दुनिया का सबसे बड़ा टेलीस्‍कोप ‘जेम्‍स बेव स्‍पेस टेलीस्‍कोप' (James Webb Space Telescope) वहां खुद को सेटअप कर रहा है। इस टेलीस्कोप की ऑब्‍जर्वेट्री के 18-सेगमेंट वाले प्राइमरी मिरर्स (दर्पणों) को एक सीध (aligning) में करने की प्रक्रिया का पहला चरण पूरा होने वाला है। यह प्रक्रिया कई महीनों से चल रही है, जिसे ‘सेगमेंट इमेज आइडेंटिफिकेशन' के रूप में जाना जाता है। बहरहाल, जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप ने अपने 18 प्राइमरी मिरर्स सेगमेंट्स के साथ हेक्सागोनल फॉर्मेशन में एक ही तारे की 18 अनफोकस्‍ड इमेज रिकॉर्ड की हैं। यह विजुअल्‍स पर ज्‍यादा फोकस करने में मदद करेगा। सभी 18 प्राइमरी मिरर्स सेगमेंट्स ने डॉट्स के रूप में तारे की तस्‍वीर खींची। आखिर में इसे एक सिंगल, शार्प और फोकस्‍ड इमेज में तैयार किया जाएगा।  फ‍िलहाल इसके हेक्सागोनल पैटर्न को सामने लाया गया है। NASA Webb Telescope के ऑफ‍िशियल ट्विटर हैंडल से इस बारे में जानकारी दी गई है। पिछले हफ्ते यह कन्‍फर्म हुआ था कि टेलीस्‍कोप के सभी 18 मिरर सेगमेंट स्‍टारलाइट को देख सकते हैं। अब एक अपड...

धरती से 681 मिलियन लाइट ईयर्स दूर हो रहे अद्भुत नजारे की हबल टेलीस्कोप ने खींची तस्वीर

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हबल (Hubble) स्पेस टेलीस्कोप पिछले तीन दशकों से अधिक समय से ब्रह्मांड की रहस्‍यमयी घटनाओं को देख रहा है। यह नासा (NASA) और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) का जॉइंट प्रोजेक्‍ट है। हाल ही में इसने पृथ्वी से लगभग 681 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर कैन्‍सर तारामंडल (Cancer constellation) में तीन आकाशगंगाओं के विलय की आश्चर्यजनक तस्‍वीर को कैप्‍चर किया है। धूल के घने बादलों की वजह से यह तस्‍वीर उतनी साफ दिखाई नहीं देती, लेकिन आकाशगंगा की रोशनी इसके बाहरी छोरों को चीरती हुई नजर आती है।  अपने इंस्‍टाग्राम पोस्‍ट में ESA ने बताया कि इस इमेज में आकाशगंगा ‘IC 2431' का विलय दिखाई दे रहा है। IC 2431 तीन आकाशगंगाएं हैं। इन्‍हें LEDA 25476, Mrk 1224 या UGC 4756 के रूप में भी जाना जाता है। IC 2431 की खोज 24 फरवरी 1896 को फ्रांसीसी खगोलशास्त्री स्टीफन जेवेल ने की थी।ESA के मुताबिक, यह इमेज ‘गैलेक्‍सी जू सिटिजन साइंस इनिशिएटिव' का हिस्‍सा है।    गैलेक्‍सी जू प्रोजेक्‍ट के तहत 10 लाख आकाशगंगाओं को क्‍लासिफाई करने में खगोलशास्त्रियों की मदद चाहिए। जो लोग इसमें भाग लेते हैं, वो सीधे साइंटिफ‍िक रिसर्च म...