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मौसम की ‘तबाही’ से बचने के लिए दुनिया के पास सिर्फ 3 साल, UN की रिपोर्ट में गंभीर चेतावनी

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संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक नई रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि जलवायु परिवर्तन (climate change) के विनाशकारी असर से बचने के लिए दुनिया को साल 2030 तक ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में आधी कटौती करनी चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है अगले तीन साल में उत्सर्जन पीक पर नहीं पहुंचा, तो आने वाले वक्‍त में दुनिया क्‍लाइमेट से जुड़ी गंभीर घटनाओं का अनुभव करेगी। इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (IPCC) ने कहा कि अगर तत्काल ऐक्‍शन नहीं लिया गया, तो दुनिया ग्लोबल वॉर्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने में नाकाम हो जाएगी। इससे भविष्य में और अधिक आग की घटनाएं होंगी। सूखा पड़ेगा और तूफान आएंगे। यह ज्‍यादातर कोरल रीफ्स को प्रभावित करेगा। निचले इलाके रहने लायक नहीं रहेंगे, जिसकी वजह से दुनिया भर में तनाव बढ़ेगा।  रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के वर्तमान स्तर की वजह से दोगुने से अधिक गर्मी पैदा होने की संभावना है। इससे साल 2100 तक तापमान में लगभग 3.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। रिपोर्ट कहती है कि ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिए लगभग हर द...

माउंट एवरेस्ट पर सबसे ऊंचा ग्लेशियर तेज़ी से पिघल रहा है : अध्ययन

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First Published: February 9, 2022 | Last Updated:February 9, 2022 हाल ही में वैज्ञानिकों ने पाया कि दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट पर सबसे ऊंचा ग्लेशियर तेजी से पिघल रहा है। यह ग्लेशियर साउथ कोल ग्लेशियर (South Col Glacier) है और पिछले 25 वर्षों में यह ग्लेशियर 54 मीटर मोटाई खो चुका है। मुख्य बिंदु  साउथ कोल ग्लेशियर 7,906 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। यह ग्लेशियर तेजी से पतला हो रहा है। इस ग्लेशियर के पिघलने को प्रेरित करने वाले प्रमुख जलवायु कारक तेज हवाएं और गर्म तापमान हैं। 1990 से 2020 के बीच जिस बर्फ को बनने में 2000 साल लगे, वो पिघल चुकी थी। ग्लेशियर पर बर्फ की परत मिट गई है। इसने कुछ क्षेत्रों में अंतर्निहित काली बर्फ को उजागर कर दिया है। इससे पिघलन और तेज हो रही है। काली बर्फ, पर्वत की सतह पर परत है। यदि काली बर्फ पिघलती है, तो पर्वत सूर्य के संपर्क में आ जाता है। पर्वत बर्फ की तुलना में अधिक समय तक अधिक ताप धारण करता है। इससे पिघलने में और तेजी आएगी। इस क्षेत्र की जलवायु स्थिर है। क्षेत्र की जलवायु परिस्थितियों में कोई परिवर्तन नहीं हुआ ह...