गुरुत्वाकर्षण माइक्रोलेंसिंग तकनीक से वैज्ञानिकों ने खोजा ब्लैक होल!
कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी के खगोलविदों की एक टीम ने गुरुत्वाकर्षण माइक्रोलेंसिंग के जरिए एक ब्लैक होल की खोज करने का दावा किया है। खगोलविदों के अनुसार, इस अनदेखी और बहुत छोटी चीज का द्रव्यमान सूर्य के द्रव्यमान का 1.6 से 4.4 गुना होने का अनुमान है। हालांकि वैज्ञानिकों की टीम का यह भी मानना है कि यह चीज ब्लैक होल के बजाय न्यूट्रॉन स्टार हो सकती है। ऐसा इसलिए क्योंकि ब्लैक होल में गिरने के लिए किसी मृत तारे का अवशेष सूर्य के द्रव्यमान से भारी होना चाहिए। न्यूट्रॉन तारे घने और कॉम्पैक्ट ऑब्जेक्ट्स होते हैं, लेकिन उनका गुरुत्वाकर्षण आंतरिक न्यूट्रॉन के दबाव से असंतुलित हो जाता है। यह उन्हें ब्लैक होल में और अधिक संकुचित होने से रोक सकता है। खगोलविदों की टीम में शामिल एसोसिएट प्रोफेसर जेसिका लू ने कहा कि यह पहला फ्री-फ्लोटिंग ब्लैक होल या न्यूट्रॉन स्टार था जिसे गुरुत्वाकर्षण माइक्रोलेंसिंग के साथ खोजा गया। लू ने कहा कि वो माइक्रोलेंसिंग का इस्तेमाल करके इन छोटी वस्तुओं का पता लगा सकते हैं और उनका वजन कर सकते हैं। एस्ट्रोफिजिकल जर्नल लेटर्स ने प्रकाशन के लिए इस विश्लेषण को स्व...