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इंसान को चांद पर ले जाने वाले SLS रॉकेट की टेस्टिंग में आई प्रॉब्‍लम, Nasa ने लिया यह फैसला

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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने अपने स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) के अंतिम बड़े परीक्षण में एक बार फिर देरी कर दी है। नासा ने बताया है कि मोबाइल लॉन्चर में प्रेशर बनाए रखने में आ रहे इशू के बाद ‘वेट ड्रेस रिहर्सल' को सस्‍पेंड कर दिया गया है। गौरतलब है कि मोबाइल लॉन्‍चर ही मिशन के लॉन्‍च होने तक रॉकेट को सपोर्ट देता है। यह टेक्निशियंस को रॉकेट में सेफ्टी के साथ प्रणोदक (propellants) लोड करने से रोकता है। बताया जा रहा है कि नासा के इंजीनियर इस इशू को सॉल्‍व करने के लिए काम कर रहे हैं। एजेंसी ने अपडेट किया है कि वह सोमवार को आर्टेमिस I (Artemis I) अनक्रूड मिशन का फाइनल टेस्‍ट फिर शुरू करने का लक्ष्य बना रही है। स्‍पेस लॉन्‍च सिस्‍टम (SLS) का इस्‍तेमाल इंसान को एक बार फ‍िर से चंद्रमा पर और आगे चलकर मंगल ग्रह पर ले जाने के लिए किया जाएगा।  अमेरिका के कैनेडी स्पेस सेंटर में 322-फुट के स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट को परखने के लिए वेट ड्रेस रिहर्सल शुक्रवार को शुरू हुई थी। इसे रविवार तक पूरा कर लिया जाना था, लेकिन मोबाइल लॉन्‍चर के कुछ पंखे इसके अंदर पॉजिटिव प्रेशर नहीं बना सके। ...

इंसान को दोबारा चंद्रमा पर उतारने के लिए Nasa तैयार करेगी एक और मून लैंडर

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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) अपने आर्टिमिस प्रोजेक्‍ट (Artemis project) के तहत एक बार फ‍िर से इंसान को चंद्रमा पर भेजने की तैयारी कर रही है। अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर उतारने के लिए नासा ने कई प्राइवेट स्‍पेसक्राफ्ट इस्‍तेमाल करने की योजना बनाई है। शुरुआत में उसने सिर्फ एलन मस्क के मालिकाना हक वाली स्पेसएक्स (SpaceX) को चुना था। अब ऐसा लगता है कि नासा अपनी रणनीति पर फ‍िर विचार कर रही है। नासा ने इस हफ्ते ऐलान किया कि वह अंतरिक्ष यात्रियों के लिए एक अन्‍य प्राइवेट मून लैंडर के डेवलपमेंट को सपोर्ट करना चाहती है। आर्टेमिस प्रोग्राम का मकसद लगभग तीन दशक बाद इंसान को चंद्रमा पर उतारना है और इस दशक के आखिर तक वहां एक स्थायी उपस्थिति तैयार करना है। नासा ने फ्यूचर के अंतरिक्ष मिशन के लिए चंद्रमा को एक लॉन्‍चपैड की तरह इस्‍तेमाल करने की योजना भी बनाई है। वह चंद्रमा से मंगल ग्रह पर पहुंचना चाहती है।  अगले कुछ हफ्तों में नासा एक ड्राफ्ट जारी करेगी, ताकि स्पेसएक्स के साथ-साथ लूनार लैंडर को डेवलप करने के लिए मार्केट में दूसरा दावेदार लाया जा सके। इससे आगे चलकर चंद्रमा पर लैंडिंग स...

NASA ने ‘मून रॉकेट’ को किया रोलआउट, ऐसा है दुनिया का सबसे शक्तिशाली रॉकेट

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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने पहली बार अपने विशालकाय ‘मून रॉकेट' को उतारा है। ‘स्पेस लॉन्च सिस्टम' (SLS) रॉकेट को डमी काउंटडाउन के लिए फ्लोरिडा के कैनेडी स्पेस सेंटर में लॉन्‍चपैड पर ले जाया गया। इस इवेंट को देखने के लिए करीब 10 हजार लोग जमा हुए थे। सबकुछ ठीक रहा, तो फ‍िर कई और टेस्‍ट किए जाएंगे और सबसे आखिर में ‘वेट ड्रेस रिहर्सल' होगी। ओरियन क्रू कैप्सूल को रॉकेट के टॉप में फ‍िक्‍स करने के बाद SLS ब्लॉक 1 की ऊंचाई 322 फीट (98 मीटर) हो जाती है। यह स्टैच्यू ऑफ लिबर्टी से लंबा है, लेकिन 363 फीट के Saturn V रॉकेट से थोड़ा छोटा है। Saturn V रॉकेट की मदद से चंद्रमा के अपोलो मिशन को संचालित किया था।   हालांकि SLS रॉकेट 8.8 मिलियन पाउंड की मैक्सिमम थ्रस्ट (39.1 मेगान्यूटन) प्रोड्यूस करेगा, जो Saturn V रॉकेट से 15 फीसदी अधिक है। इसका मतलब है कि जब यह काम करना शुरू करेगा, तब यह दुनिया का सबसे शक्तिशाली रॉकेट होगा। इवेंट देखने पहुंचने लोगों को संबोधित करते हुए नासा के एडमिनिस्‍ट्रेटर बिल नेल्सन ने कहा दुनिया का अब तक का सबसे शक्तिशाली रॉकेट आपके सामने है। एक न्‍यूज एजें...