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Updates : सुर साम्राज्ञी लता मंगेशकर का पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार

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लता मंगेशकर 92 वर्ष की थीं. देश के संगीत जगत की सबसे बड़ी हस्तियों में शुमार और आठ दशकों तक अपनी सुरीली आवाज का जादू बिखेरने वाली महान गायिका लता मंगेशकर का रविवार को मुंबई में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शाम को दादर इलाके के शिवाजी पार्क में उन्हें श्रद्धांजलि देने वाली राजनीति और मनोरंजन उद्योग से जुड़ी हस्तियों में शामिल थे. मोदी पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद कार्यक्रम स्थल से रवाना हुए. राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की ओर से भी शिवाजी पार्क में उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की गई. लता के भाई हृदयनाथ मंगेशकर ने नम आंखों से उन्हें मुखाग्नि दी. लता मंगेशकर का रविवार को मुंबई के एक अस्पताल में निधन हो गया था। वह 92 वर्ष की थीं. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे, उपमुख्यमंत्री अजित पवार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार, अभिनेता शाहरुख खान और आमिर खान, क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे समेत कई लोग इस मौके पर मौजूद थे. मोदी ने पुष्पांजलि अर्पित की और पार्थिव शरीर को नमन किया. उन्...

चालनुमा घर, जहां छोटी लता का बचपन बीता; इंदौर की ये गलियां उन यादों की हैं गवाह

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लता मंगेशकर के निधन पर स्थानीय लोगों ने दी श्रद्धांजलि इंदौर: बचपन से ही सुरों से प्यार करने वाली लता मंगेशकर ( Lata Mangeshkar) का इंदौर से गहरा नाता रहा है. लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर 1929 को इंदौर के सिख मोहल्ले में हुआ था. जैसे ही उनके निधन की खबर मोहल्ले के लोगों को पता चली, मोहल्लेवासी गमगीन हो गए. स्थानीय निवासियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. वहां के रहने वाले मनीष गोयल ने शोक जताते हुए बताया कि लता जी के निधन से लोगों में शोक है. यह एक अपूरणीय क्षति है. यह भी पढ़ें वे इंदौर की ही गलियों में अपना बचपन बिता चुकी हैं और जब भी किसी इंदौरी से मिलती थीं, तो इंदौर का हालचाल जरूर जानती थीं. जिस चालनुमा घर में लता जी पैदा हुई थीं, वह उस समय वाघ साहब के बाड़े के रूप में जाना जाता था.  लता मंगेशकर के निधन पर 2 दिन का राष्ट्रीय शोक,आधा झुका रहेगा राष्ट्रध्वज, जानें- क्या होता है राजकीय शोक? सात साल की उम्र तक वे इंदौर में इसी घर में रहीं. इसके बाद उनका परिवार महाराष्ट्र चला गया. उनके जाने के बाद उनके घर को एक मुस्लिम परिवार ने खरीदा लिया और कुछ साल बाद यहां रहने के बाद इसे बलवंत सिंह ...