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रूस-यूक्रेन युद्ध का असर : ब्रिटिश कंपनी वनवेब ने रूस के बैकोनूर से सैटेलाइट लॉन्‍च रोके

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रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग का असर अब तमाम प्रोजेक्‍ट्स पर भी दिखाई दे रहा है। ब्रिटिश सैटेलाइट कंपनी वनवेब (OneWeb) ने कजाकिस्तान में रूस के बैकोनूर कोस्मोड्रोम से सभी लॉन्‍च को सस्‍पेंड करने का फैसला किया है। दरअसल, रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस (Roscosmos) ने यह गारंटी मांगी थी कि उसकी तकनीक का इस्‍तेमाल सैन्‍य मकसदों के लिए नहीं किया जाएगा। इसके बाद ‘वनवेब' ने अपने सभी लॉन्‍च सस्‍पेंड करने का फैसला किया है। वनवेब में हिस्सेदारी रखने वाली ब्रिटिश सरकार ने कहा है कि वह इस फैसले का समर्थन करती है।   सरकार ने कहा है कि यूक्रेन पर रूस के हमले की वजह से हम रूसी सहयोग से जुड़ी सभी दूसरे प्रोजेक्‍ट्स में अपनी भागीदारी को रिव्‍यू कर रहे हैं। रूसी अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस की ओर से रिलीज की गईं तस्वीरों के अनुसार, बुधवार को बैकोनूर कोस्मोड्रोम के एक लॉन्चपैड से 36 वनवेब सैटेलाइट्स को ले जाने वाले सोयुज रॉकेट को हटा दिया गया।  रिपोर्ट के मुताबिक, रोस्कोस्मोस के प्रमुख दिमित्री रोगोजिन ने बुधवार को कहा कि उनकी एजेंसी चाहती है कि वनवेब इस बात की गारंटी दे कि रूस के खिलाफ उसके...

रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिका के प्रतिबंधों से भारत पर आई 500 टन की आसमानी मुसीबत, जानें पूरा मामला

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रूस की अंतरिक्ष एजेंसी ‘रोस्कोस्मोस' (Roscosmos) के चीफ ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि मॉस्को पर लगाए गए प्रतिबंध इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) में उसके सहयोग को खत्‍म कर सकते हैं। उन्‍होंने अमेरिका से पूछा है कि क्या वह भारत और चीन को ‘500 टन का स्‍ट्रक्‍चर उनपर गिरने की आशंका' के साथ खतरे में डालना चाहता है। गौरतलब है कि रूस और अमेरिका ISS प्रोग्राम में प्रमुख भागीदार हैं। कनाडा, जापान, फ्रांस, इटली और स्पेन जैसे यूरोपीय देश भी इसमें शामिल हैं। यूक्रेन पर हमला करने के बाद से अमेरिका और तमाम यूरोपीय देश रूस पर सख्‍त प्रतिबंध लगा रहे हैं। खासतौर से आर्थिक मोर्चे पर रूस को सबक सिखाने के लिए ये देश कई ऐलान कर रहे हैं। अमेरिका और उसके साथी देशों  ने चार बड़े रूसी बैंकों की संपत्ति को ब्‍लॉक करने, निर्यात को कम करने और पुतिन के करीबियों पर बैन लगाने का फैसला किया है।  CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जिन नए प्रतिबंधों की घोषणा की है, उसके तहत रूस के ‘स्‍पेस प्रोग्राम समेत उसकी एयरोस्पेस इंडस्‍ट्री' को ‘डीग्रेड' करने की बात है। अमेरिका के इन कद...

मंगल ग्रह की उड़ान से पहले शुरू हुई ExoMars रोवर की प्रैक्टिस

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यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और रूस के Roscosmos का जॉइंट प्रोजेक्‍ट एक्‍सोमार्स (ExoMars) मंगल ग्रह पर उतरने के करीब पहुंच गया है। मिशन को इस साल सितंबर में लॉन्‍च करने की तैयारी है। उससे पहले अपने पूर्वाभ्‍यास में इसने ‘कजाचोक लैंडिंग प्लेटफॉर्म' को चलाने की प्रैक्टिस की। इसमें रोसलिंड फ्रैंकलिन रोवर भी शामिल था। एक वीडियो के जरिए ESA ने बताया कि पूरे टास्‍क को बेहद सावधानीपूर्वक कोरियोग्राफ किया गया। इंजीनियर इस पूर्वाभ्यास को पृथ्वी पर कर रहे हैं। यह टेस्‍ट इटली के ट्यूरिन में स्थित एक मार्स टेरेन सिम्युलेटर में किए गए। ESA ने कहा कि इन अभ्यासों के दौरान लगभग 15 मिनट तक ड्राइविंग की जाती है। यह पूरी प्रक्रिया कुछ दिनों तक चलेगी। लैंडिंग के बाद रोवर एक सप्ताह हफ्ते तक अपने पहियों को खोलने और बाकी चीजें चेक करने में व्‍यस्‍त रहेगा। मंगल ग्रह कई मायनों में पृथ्वी के समान है। वहां एक दिन में 24 घंटे 37 मिनट और 22.663 सेकेंड होते हैं, जो पृथ्‍वी से थोड़ा ही अधिक है।  विभिन्न हालात को टेस्‍ट करने और मंगल ग्रह के चुनौतीपूर्ण वातावरण में रोवर को सेफ रखने के लिए इंजीनियर रोसलिंड फ...