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यून सुक-योल (Yoon Suk-yeol) बने दक्षिण कोरिया के नए राष्ट्रपति

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First Published: March 12, 2022 | Last Updated:March 12, 2022 दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति चुनाव में अपनी जीत के बाद यून सुक-योल देश के अगले राष्ट्रपति बनेंगे। मुख्य बिंदु  61 वर्षीय यून सुक-योल ने ली जे-म्युंग को मामूली अंतर से हराया। अंतिम वोट गणना 1% से कम अलग होने के साथ, यह परिणाम देश के लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे नज़दीकी थे। इस चुनाव उच्च मतदान हुआ था, जिसमें लगभग 77% पात्र आबादी ने मतदान किया। यून सुक-योल (Yoon Suk-yeol) यून सुक-योल का जन्म सियोल में हुआ था और उन्होंने सियोल नेशनल यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की थी। राष्ट्रपति मून जे-इन के तहत, यून ने 2019 से 2021 तक दक्षिण कोरिया के प्रासीक्यूटर जनरल के रूप में कार्य किया। दक्षिण कोरिया के मुख्य अभियोजक के रूप में, उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति पार्क ग्यून-हे को दोषी ठहराने में भी प्रमुख भूमिका निभाई। वे 10 मई 2022 को दक्षिण कोरिया के नए राष्ट्रपति के रूप में पदभार ग्रहण करेंगे। यून सुक-योल की विदेश नीति यून, राष्ट्रपति मून जे-इन की तुलना में, विदेश नीति के मामले में अधिक आक्रामक हैं। राष्ट्रपति मून...

भारत-आसियान डिजिटल कार्य योजना (India–ASEAN Digital Work Plan) को मंज़ूरी दी गई

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First Published: February 1, 2022 | Last Updated:February 1, 2022 दूसरे ADGMIN के दौरान, भारत और आसियान देशों ने भारत-आसियान डिजिटल कार्य योजना (India–ASEAN Digital Work Plan) को मंजूरी दी है। ADGMIN का अर्थ ASEAN Digital Ministers Meet है। यह बैठक वर्चुअली आयोजित की गई थी। योजना के बारे में इस योजना के तहत देश 5G, इंटरनेट ऑफ थिंग्स, साइबर फोरेंसिक और उन्नत उपग्रह संचार जैसी डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उभरते क्षेत्रों में अपने ज्ञान को साझा करेंगे। वे एक साथ काम करेंगे और इंटरनेट हैकिंग, मोबाइल फोन चोरी से लड़ने के लिए प्रौद्योगिकियों का विकास करेंगे। साथ ही, वे चोरी हुए मोबाइल फोन के गलत असामाजिक उपयोग से निपटने के लिए योजना तैयार करेंगे। ADGMIN क्या है? यह एक वार्षिक बैठक है। इस बैठक में अमेरिका, ब्रिटेन, रूस, न्यूजीलैंड, कोरिया गणराज्य, जापान, यूरोपीय संघ, चीन, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया जैसे संवाद भागीदारों ने भाग लिया। 2022 ADGMIN बैठक के दौरान, देशों ने डिजिटल सहयोग को मजबूत करने की रणनीतियों के बारे में चर्चा की। आसियान आसियान देशों में शामिल हैं : ...

उत्तर कोरिया ने लांच की ह्वासोंग-12 मिसाइल (Hwasong-12 Missile)

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First Published: January 31, 2022 | Last Updated:January 31, 2022 उत्तर कोरिया ने 30 जनवरी, 2022 को अपनी ह्वासोंग-12 इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च की। मुख्य बिंदु  जनवरी का महीना उत्तर कोरिया के लिए मिसाइल परीक्षणों के सबसे व्यस्त महीनों में से एक था। ह्वासोंग-12 के लांच के साथ, उत्तर कोरिया परमाणु हथियारों की डिलीवरी के लिए अपनी विश्वसनीय प्रणाली सुनिश्चित करने के प्रयासों पर प्रकाश डालता है। उत्तर कोरिया का परीक्षण कार्यक्रम नई “हाइपरसोनिक मिसाइल” के प्रक्षेपण के साथ शुरू हुआ, और बाद में लंबी दूरी की क्रूज मिसाइलें, छोटी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें शामिल की गईं, जिन्हें रेलकारों और हवाई अड्डों से लॉन्च किया गया था। पृष्ठभूमि उत्तर कोरिया ने 2017 के बाद से अपने परमाणु हथियार या सबसे लंबी दूरी की अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (intercontinental ballistic missiles – ICBMs) का परीक्षण नहीं किया है। हालांकि, ह्वासोंग -12 के प्रक्षेपण ने संकेत दिया कि वह जल्द ही इस तरह का परीक्षण शुरू कर सकता है। जनवरी 2022 में हथियारों का परीक्षण हाइपरसोनिक ...

उत्तर कोरिया ने हाइपरसोनिक मिसाइल लांच की

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First Published: January 7, 2022 | Last Updated:January 7, 2022 उत्तर कोरिया ने 5 जनवरी, 2022 को एक “हाइपरसोनिक मिसाइल” दागी, जिसने सफलतापूर्वक एक लक्ष्य को नष्ट किया। मुख्य बिंदु उत्तर कोरिया द्वारा अक्टूबर 2021 के बाद पहला लांच था। इसका पता क्षेत्र की कई सेनाओं ने लगाया था। हालाँकि, इस परीक्षण की अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया की सरकारों की आलोचना की। पृष्ठभूमि उत्तर कोरिया ने पहली बार सितंबर 2021 में एक हाइपरसोनिक मिसाइल का परीक्षण किया था। उत्तर कोरिया का टेस्ट उत्तर कोरिया के हालिया परीक्षण में, “हाइपरसोनिक ग्लाइडिंग वारहेड” रॉकेट बूस्टर से अलग हो गया और 700 किमी दूर एक लक्ष्य को नष्ट किया। हाइपरसोनिक हथियार हाइपरसोनिक हथियार आमतौर पर बैलिस्टिक मिसाइलों की तुलना में कम ऊंचाई पर लक्ष्य की ओर उड़ते हैं। इस तरह के हथियार ध्वनि की गति से पांच गुना अधिक गति प्राप्त कर सकते हैं, जो लगभग 6,200 किमी प्रति घंटा है। हालांकि, हाइपरसोनिक हथियार की मुख्य विशेषता गति नहीं बल्कि उनकी गतिशीलता (manoeuvrability) है। हाइपरसोनिक हथियार अगली पीढ़ी के हथियार ...

भारत में चीता (Cheetah) लाने के लिए कार्य योजना : मुख्य बिंदु

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First Published: January 7, 2022 | Last Updated:January 7, 2022 5 जनवरी, 2022 को, केंद्र सरकार ने भारत में चीता को लाने के लिए एक कार्य योजना लांच की। मुख्य बिंदु  राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (National Tiger Conservation Authority) की 19वीं बैठक में पर्यावरण मंत्रालय द्वारा ‘Action Plan for Introduction of Cheetah in India’ जारी की गई। इस कार्य योजना के तहत, अगले पांच वर्षों में भारत में 50 चीता लाये जायेंगे। दक्षिण अफ्रीका या नामीबिया से लगभग 12 से 14 चीतों का आयात किया जाएगा। प्रत्येक चीता उपग्रह-जीपीएस-हाई फ्रीक्वेंसी रेडियो-कॉलर से सुसज्जित होगा। अंतर्राष्ट्रीय परिवहन चीतों का अंतर्राष्ट्रीय परिवहन या तो एक वाणिज्यिक एयरलाइन या चार्टर्ड उड़ान द्वारा किया जाएगा। उन्हें मध्य प्रदेश के कुनो पालपुर राष्ट्रीय उद्यान (Kuno Palpur National Park – KNP) ले जाया जाएगा। सहयोग के लिए रूपरेखा इस योजना के तहत केंद्र सरकार, पर्यावरण मंत्रालय और चीता टास्क फोर्स नामीबिया और/या दक्षिण अफ्रीका की सरकारों के साथ सहयोग करने के लिए एक औपचारिक ढांचा तैयार करे...

आर्टफिशियल सूर्य के जरिए 2026 तक बड़ा रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में साउथ कोरिया

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साउथ कोरियाई सरकार उसके पहले आर्टफिशियल सूर्य ‘KSTAR' के लिए एक तकनीक विकसित करने की योजना बना रही है। एएनआई के मुताबिक, इसके तहत 300 सेकंड के लिए 100 मिलियन डिग्री तापमान बनाए रखने की तैयारी है। परमाणु संलयन तकनीक के व्‍यवसायीकरण के लिए 300 सेकंड जरूरी न्यूनतम समय है। मिनिस्‍ट्री ऑफ साइंस एंड ICT ने 30 दिसंबर को घोषणा की कि उसने कोरिया इंस्टि‍ट्यूट ऑफ फ्यूजन एनर्जी में 16वीं राष्ट्रीय संलयन समिति का आयोजन किया। इस दौरान 'परमाणु संलयन एनर्जी डेवलपमेंट की चौथी बुनियादी योजना (2022-2026)' को अंतिम रूप दिया। साइंस मिनिस्‍ट्री हर 5 साल में परमाणु संलयन ऊर्जा डेवलपमेंट के लिए अपनी पॉलिसीज के लक्ष्य निर्धारित करता है। योजना के अनुसार, मिनिस्‍ट्री KSTAR एक्‍सपेरिमेंट्स के क्षेत्र में ऑपरेटिंग तकनीक में सुधार करती रहेगी। बीते वक्‍त में इसके अच्‍छे परिणाम सामने आए हैं। जैसे- इस साल 30 सेकंड के लिए 100 मिलियन डिग्री अल्ट्रा-हाई तापमान मेंटेन किया गया था। अब 2026 तक ऐसी तकनीक विकसित की जानी है, जो 300 सेकंड के लिए इतना तापमान मेंटेन कर सके।  आर्टफिशियल सूर्य के रोशनी और गर्मी पैद...