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मंगल ग्रह पर दिखे पत्‍थरों के गेट, क्‍या एलियंस का घर है? जानें सच्‍चाई

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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (Nasa) ने साल 2011 में क्यूरियोसिटी रोवर (Curiosity rover) को मंगल ग्रह पर भेजा था। यह वहां गेल क्रेटर रीजन में रहकर खोजें कर रहा है। इन्‍हीं खोजों से हमें कई बार हैरान करने वाली तस्‍वीरें मिलती हैं। पिछले दिनों यह रोवर मंगल ग्रह पर एक ‘दरवाजे' तक पहुंचा था, जिसे देखकर ऐसा लगा कि यह एलियंस का दरवाजा है। हाल में इसने एक और इमेज भेजी। इसमें पत्‍थरों के गेट टावरनुमा आकृति में दिखाई दे रहे थे। तस्‍वीर ने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया। सवाल उठा कि क्‍या इसका दूसरी दुनिया से कोई कनेक्‍शन है? हालांकि एक्‍सपर्ट का कहना है कि ये टावर संभवत: सीमेंट जैसे मटीरियल से बने थे, जो कभी मंगल ग्रह की चट्टान की दरारों को भरते थे।  रिपोर्टों के अनुसार, इस तरह के रॉक फॉर्मेशन गेल क्रेटर रीजन के इतिहास के बारे में ज्‍यादा जानकारी दे सकते हैं। क्यूरियोसिटी रोवर इसमें अहम भूमिका निभा सकता है। यह पिछले 10 साल से मंगल ग्रह पर अपने मिशन पर है और गेल क्रेटर रीजन में पहाड़ों पर चढ़ सकता है। यह वहां की जियोलॉजी, इतिहास और वातावरण के बारे में जानकारी प्रदान करता है। यह नासा की मार...

Nasa के क्यूरियोसिटी रोवर को मंगल ग्रह पर मिले कार्बन सिग्नेचर

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मंगल ग्रह पर जीवन के संकेतों की तलाश में गए नासा (NASA) के क्यूरियोसिटी रोवर (Curiosity rover) ने नई उम्‍मीद दिखाई है। नासा ने कहा है कि गेल क्रेटर (Gale Crater) में क्यूरियोसिटी रोवर को कार्बन सिग्‍नेचर मिले हैं। हालांकि इसका यह मतलब नहीं है कि क्यूरियोसिटी को वहां माइक्रोबियल जीवन के सबूत मिल गए हैं। यह सिर्फ ऐसा होने की संभावना के बारे में बताता है। यह रोवर मंगल ग्रह की सतह पर पाउडर रॉक के सैंपल इकट्ठा कर रहा है। वैज्ञानिकों ने जब उनका विश्लेषण किया, तो उन्होंने पाया कि कई सैंपल्‍स में अच्‍छा खासा कार्बन था। पृथ्वी पर कार्बन, जैविक प्रक्रियाओं से जुड़ा रहा है। अब यह मंगल ग्रह के पर्यावरण के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दे सकता है। हालांकि वैज्ञानिक अभी किसी जल्‍दबाजी में नहीं हैं और जो सबूत मिले हैं, उन्‍हें सुनिश्चित कर रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि पृथ्‍वी और मंगल दोनों ग्रह बहुत अलग हैं। पृथ्वी के उदाहरणों को मंगल पर जीवन से नहीं जोड़ना चाहिए।  वैज्ञानिकों ने 18 जनवरी को प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज जर्नल में अपने निष्कर्ष प्रकाशित किए हैं। वैज्ञानिकों ने ‘असामा...