यूपी के सीतापुर से ग्राउंड रिपोर्ट : आवारा मवेशियों से परेशान किसान, क्या यह चुनावी मुद्दा है?
प्रतीकात्मक फोटो. नई दिल्ली: गौ शालाएं बनाने पर 500 करोड़ रुपये खर्च करने के बावजूद उत्तर प्रदेश के किसान आवारा मवेशियों से परेशान हैं. उन्हें आवारा मवेशियों से फसलों को बचाने के लिए अपनी रातें गेंहू के खेतों में गुजारनी पड़ रही हैं. राज्य में गौशालाओं की हालत खराब है. यूपी के विधानसभा चुनाव में आवारा मवेशी क्या राजनीतिक मुद्दा है? एनडीटीवी ने सीतापुर में यह जानने की कोशिश की. यह भी पढ़ें सीतापुर में रउसा ब्लॉक के भर्तापुर गांव के ग्रामीण भोले हमें 15 दिन पहले बनी गौशाला दिखाने ले गए. आवारा मवेशियों की समस्या के चलते ही भारत-पाकिस्तान के बाद शायद सबसे ज्यादा बाड़बंदी अब खेतों की हो रही है. चुनाव नजदीक है, लिहाजा गौशाला बनाने की जल्दबाजी में एक तालाब में ही गौशाला बना दी गई है. ठंड के चलते जब मवेशी बीमार पड़ने लगे तब ग्रामीणों ने ही उनको भगा दिया. सोचिए भारत का किसान कितना दयालु है जो आवारा मवेशी उनके खेत बरबाद कर रहे थे जब इस गौशाला में मरने लगे तो उन्होंने वहां से मवेशियों को भगा दिया कि चलो फसल बरबाद हो जाए, लेकिन गाय या अवारा मवेशी न मरने पाए. एक ग्रामीण ने कहा, हम लोगों ने सोच...