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SpaceX के जर्मन मिलिट्री सैटेलाइट का लॉन्च इवेंट आज ऐसे देखें लाइव

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SpaceX आज जर्मन रडार सैटेलाइट लॉन्च करने जा रही है जो कि इसके फॉल्कन 9 रॉकेट के माध्यम से लॉन्च किया जाएगा। कंपनी का ये इवेंट लाइवस्ट्रीम होने की बात कही गई है। लॉन्च शनिवार को सुबह 10 बजे ET पर निर्धारित है। इसे वेंडनबर्ग स्पेस फोर्स बेस के स्पेस लॉन्च कॉम्प्लेक्स 4 ईस्ट से लॉन्च किया जाएगा जो कि कैलिफॉर्निया में स्थित है।   इवेंट में Falcon 9 रॉकेट SARah-1 नामक सैटेलाइट को लेकर जाएगा और ऑर्बिट में छोड़ आएगा। सैटेलाइट को जर्मन कंपनी Airbus ने जर्मन मिलिट्री के लिए बनाया है। ये रडार सैटेलाइट स्पेस से धरती की निगरानी करेंगे और सैटेलाइट इमेजरी बनाएंगे। लॉन्च को लाइवस्ट्रीम किया जाएगा जैसा कि स्पेसएक्स पहले से करती आई है। लाइवस्ट्रीम में लिफ्ट ऑफ से पहले की तैयारियां भी दिखाई जाएंगी। इनमें फर्स्ट और सेकंड स्टेज की तैयारी भी शामिल होगी। फर्स्ट स्टेज बूस्टर की लैंडिंग भी लाइव दिखाई जाएगी।  आप इस लॉन्च को इंटरनेट के माध्यम से देख सकते हैं। कवरेज लॉन्च के 10 मिनट पहले से शुरू होगी। इसका समय सुबह 10 बजे (ET) रखा गया है। आप इस इवेंट को स्पेसएक्स के यू-ट्यूब चैनल पर देख सकते हैं। इसके लिए ह...

पूर्णिमा पर आज शाम दिखाई देगा ‘स्‍ट्रॉबेरी मून’, जानें इसके बारे में सबकुछ

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चंद्रमा आज बेहद खास अंदाज में हमारे सामने आने वाला है। आज शाम पूर्णिमा पर चांद का जो रूप नजर आएगा उसे दुनिया में स्‍ट्रॉबेरी मून (Strawberry Moon) के नाम से जाना जाता है, लेकिन खास बात यह है कि आज चांद ना तो स्‍ट्रॉबेरी के जैसा दिखाई देगा, ना ही उसकी चमक में गुलाबीपन होगा, फ‍िर भी इसे स्‍ट्रॉबेरी मून कहने के पीछे लॉजिक है। यह हम आपको आगे बताएंगे, लेकिन उससे जरूरी बात यह है कि भारतीय समय के अनुसार पूर्णिमा पर चांद का दीदार शाम 5.22 बजे से किया जा सकेगा। आज चंद्रमा, पृथ्वी के चारों ओर अपनी कक्षा में निकटतम बिंदु पर होगा। इसे पेरिगी (perigee) कहा जाता है। इसी वजह से चंद्रमा ‘सुपरमून' जैसा दिखाई देगा। एक्‍सपर्ट के मुताबिक, इस दौरान चंद्रमा का आकार बड़ा और चमकीला नजर आता है। आसामान साफ होने पर इसकी चमक देखते ही बनती है।    पृथ्‍वी के 26 हजार किलोमीटर नजदीक आएगा चांद  रिपोर्टों के अनुसार, पृथ्‍वी और चंद्रमा के बीच की जो दूरी है, मंगलवार को वह करीब 26 हजार किलोमीटर कम हो जाएगी। जैसा कि हमने आपको बताया आज चंद्रमा, पृथ्वी के चारों ओर अपनी कक्षा में निकटतम बिंदु पर होगा। इसे पेरिगी कहा ज...

आज मनाई जा रही है कबीर जयंती (Kabir Jayanti)

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First Published: June 14, 2022 | Last Updated:June 14, 2022 आज देश भर में कबीर जयंती मनाई जा रही है। इस दिन महान संत कबीरदास का जन्म हुआ हुआ था। संत कबीर संत कबीर के जन्म वर्ष को लेकर विवाद है। कुछ लोग कहते हैं कि उनका जन्म 1398 में हुआ था, जबकि अन्य कहते हैं कि उनका जन्म 1440 में हुआ था। कबीर का जीवन काशी पर केंद्रित था, जिसे बनारस (वाराणसी) भी कहा जाता है। उनके अनुसार वे कर्मकांड और शारीरिक तपस्या से स्वतंत्र थे। कबीर ने आत्म-समर्पण और ईश्वर की भक्ति में विश्वास किया। कबीर अहिंसा के पक्के समर्थक हैं। कबीर नैतिक जीवन में अहिंसा के पालन पर बल देते है। उन्होंने हिंदू-मुस्लिम एकता पर भी काफी बल दिया। उन्होंने सांप्रदायिक सद्भाव का प्रचार करके और उन सद्गुणों पर जोर देते हुए इस्लाम और हिंदू धर्म के संश्लेषण की कोशिश की, जो दोनों धर्मों के लिए आम थे। वह मूर्ति पूजा के खिलाफ थे। उन्होंने मुस्लिम अनुष्ठानों और मक्का में हज करने की समान रूप से निंदा की। Categories: राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Tags:Hindi Current Affairs , Hindi News , Kabir Jayanti , कबीर ...

आज पृथ्वी के बेहद करीब से गुजरेगा विशाल एस्ट्रॉयड, NASA को सता रही है चिंता

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190 फीट चौड़ा एक एस्टेरॉयड जल्द ही पृथ्वी के पास आने वाला है और NASA ने इसके आगमन की घोषणा कर दी है। आपको बता दें, यह एस्टेरॉयड रोम में स्थित कोलोसियम (157 फीट) से बड़ा है। अंतरिक्ष एजेंसी के अनुसार, बुधवार, 8 जून को एस्टेरॉयड हमारे ग्रह के सबसे करीब पहुंच जाएगा। एस्टेरॉयड का पृथ्वी के करीब से गुजरना असामान्य नहीं है। इससे पहले सोमवार को 160 फीट लंबा एक एस्टेरॉयड पृथ्वी के करीब पहुंच गया था। हालांकि, अपकमिंग एस्टेरॉयड थोड़ी चिंता बढ़ा रहा है। बुधवार को आने पर इस बड़े एस्टेरॉयड का हमारे ग्रह पर कुछ प्रभाव पड़ सकता है। NASA ने एस्टेरॉयड 2022 KV1 को 'नियर-अर्थ ऑब्जेक्ट' (NEO) के रूप में लेबल किया है। एस्टेरॉयड की यह कैटेगरी पृथ्वी के लिए खतरा पैदा कर सकती है और नासा द्वारा लगातार इसपर निगरानी रखी जा रही है। पृथ्वी के लिए एस्टेरॉयड का निकटतम फ्लाईबाई 2,660,000 मील/घंटा की दूरी पर होगा। नासा की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी ने एस्टेरॉयड के बारे में अधिक जानकारी का खुलासा किया है। जैसा कि नाम से पता चलता है, इस एस्टेरॉयड को पहली बार 2022 में खोजा गया था। NASA की जेट प्रोपल्शन लेबोरेटरी...

आज मनाई जा रही है महाराणा प्रताप (Maharana Pratap) की जयंती

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First Published: June 2, 2022 | Last Updated:June 2, 2022 महाराणा प्रताप सिंह (Maharana Pratap Singh)  मेवाड़ (वर्तमान राजस्थान) के 13 वें राजा थे। वे भारत के सबसे यशस्वी राजाओं में से एक माने जाते हैं। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार उनका जन्म 9 मई, 1540 को हुआ था। हिंदू कैलेंडर के अनुसार ज्येष्ठ मास की तृतीया तिथि को उनका जन्म हुआ थाहै। आज उनकी जयंती मनाई जा रही है। राणा और मुगल अकबर मेवाड़ के माध्यम से गुजरात के लिए एक सुरक्षित मार्ग स्थापित करना चाहता था। इसलिए, उसने महाराणा प्रताप सिंह  को अन्य राजपूतों की तरह एक जागीरदार बनाने के लिए कई दूत भेजे। राणा ने मना कर दिया। इसलिए हल्दीघाटी का युद्ध लड़ा गया। हल्दीघाटी का युद्ध (Battle of Haldighati) हल्दीघाटी के युद्ध में महाराणा को उनकी बहादुरी के लिए जाना जाता है। यह लड़ाई 18 जून, 1576 को महाराणा और अकबर की सेनाओं के बीच लड़ी गई थी। राणा ने मुगल सेना के 2 लाख सैनिकों के खिलाफ 22,000 सैनिकों के साथ लड़ाई लड़ी। मुगलों का नेतृत्व मान सिंह ने किया था। इस युद्ध में राणा की सेना परास्त हो गईं। पुनर्विजय ...

आज रात आसमान में हो सकती है शानदार उल्‍का बौछार, देख सकते हैं ऑनलाइन भी

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आसमान में होने वाली घटनाओं में दिलचस्‍पी रखने वाले लोगों के लिए आज और कल की रात बेहद अहम होने वाली है। 30-31 मई की रात में दुनिया एक उल्‍का बौछार (meteor shower) को एक्‍सपीरियंस कर सकती है। ताऊ हरक्यूलिड्स नाम की यह उल्‍का बौछार इसी नाम के एक तारे से आती है, जिसका मुख्‍य धूमकेतु (comet) SW3 है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) पिछले हफ्ते इस उल्‍का बौछार का अनुमान लगाया था। अगर आपके क्षेत्र में मौसम संबंधी रुकावटें हैं या फ‍िर आप रात को घर से बाहर नहीं निकलना चाहते, तब भी आप इस संभावित उल्‍का बौछार को अनुभव कर सकते हैं।   ताऊ हरक्यूलिड्स (tau Herculids) उल्का बौछार के बारे में कहा जाता है कि सोमवार की पूरी रात प्रति घंटे 1,000 ‘उल्‍का तूफान' दिखाई दे सकते हैं। इसकी वजह है कि पृथ्‍वी एक धूमकेतु SW3 के मलबे से गुजरने वाली है। हालांकि वैज्ञानिक इसके बारे में अभी तक पूरी तरह आश्‍वस्‍त नहीं हैं। अगर धूमकेतु का मलबा उससे अलग हो जाता है, तभी दुनिया एक बेहतरीन उल्‍का बौछार का अनुभव कर पाएगी। बताया जाता है कि यह पिछले 20 साल की सबसे बेहतरीन उल्‍का बौछार हो सकती है या फ‍िर कुछ भी ना द...

आज रात 12 बजे धरती पर लौटेगा Boeing Starliner, NASA को होगा बड़ा फायदा

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नया बोइंग स्टारलाइनर (Boeing Starliner) कैप्सूल बुधवार को अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) के लिए अपनी पहली मानव रहित यात्रा से पृथ्वी पर वापसी करने के लिए तैयार हो गया है। यह व्हीकल भविष्य में NASA के अपकमिंग वाहन के रूप में अपनी उड़ान भरेगा। स्टारलाइनर ने फ्लोरिडा में केप कैनावेरल यूएस स्पेस फोर्स बेस से एक हफ्ते पहले अपनी टेस्ट फ्लाइट शूरू की थी। CST-100 Starliner का ISS से अनडॉक और धरती के लिए वापसी का समय दोपहर 2:36 बजे (EDT), यानी सुबह 12:06 (IST) के लिए सेट किया गया था, जिसके बाद इसे धरती में कदम रखने के लिए पांच घंटे का समय लगेगा। समाचार एसेंजी Reuters की रिपोर्ट कहती है कि यदि सब कुछ योजना के अनुसार होता है, तो मिशन की समाप्ति इस कैप्सूल शेप की शिप एक एयरबैग-कुशन वाले पैराशूट के साथ व्हाइट सैंड्स, न्यू मैक्सिको के पास रेगिस्तान पर 6:49 बजे PDT (7:19 am IST, गुरुवार) लैंड करेगा। स्टारलाइनर को पिछले गुरुवार को बोइंग-लॉकहीड मार्टिन के जॉइंट वेंचर United Launch Alliance द्वारा डेवलप Atlas V रॉकेट के साथ ऊपर कक्षा में ले जाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य ISS के साथ डॉक करना थ...

आज पृथ्‍वी से टकरा सकता है एक सौर तूफान, हो सकता है बड़ा नुकसान

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एक बड़ा सौर तूफान (solar storm) 14 अप्रैल को पृथ्वी से टकरा सकता है। वैज्ञानिक इसकी उम्‍मीद कर रहे हैं। उनका मानना है कि इस इस घटना से पृथ्वी को संभावित नुकसान हो सकता है। अंतरिक्ष एजेंसियों का कहना है कि यह भू-चुंबकीय सौर तूफान शक्तिशाली हो सकता है, क्योंकि हाल ही में सूर्य काफी एक्टिव रहा है। वह अधिक चमक भी रहा है। यह सब इसलिए भी है, क्‍योंकि 11 साल के सौर चक्र में सूर्य अपनी सोलर मैक्सिमा के करीब पहुंच रहा है। इस वजह से पिछले कुछ महीनों में वह कई बार कोरोनल मास इजेक्शन (CME) के साथ चमक रहा है। नासा (NASA) और नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) सूर्य के CME फ्लेयर्स की लगातार निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने भविष्यवाणी की है कि सबसे प्रभावशाली तूफान 14 अप्रैल को पृथ्वी को प्रभावित करेगा। इस बार सौर फ्लेयर्स में बेहद तेज हवा होगी। नासा ने संभावना जताई है कि पृथ्वी से टकराने के बाद यह तूफान तेज हो जाएगा। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन स्पेस साइंसेज इंडिया (CESSI) ने एक ट्वीट में लिखा है कि 14 अप्रैल 2022 को 429 से 575 किलोमीटर प्रति सेकंड के बीच की गति के साथ पृथ्वी पर इस तूफान का...

आज से शुरू हो रहा है 35वां सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला (Surajkund International Crafts Mela)

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First Published: March 19, 2022 | Last Updated:March 19, 2022 आज 19, मार्च, 2022 से 35वां सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला फरीदाबाद में शुरू हो रहा है। यह मेला चार अप्रैल तक चलेगा। इस मेले का उद्घाटन हरियाणा के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री मनोहर लाल करेंगे। मुख्य बिंदु कोविड-19 के कारण दो साल के अंतराल के बाद इस मेले का आयोजन किया जा रहा है। यह मेला देश के हस्तशिल्प, हथकरघा और सांस्कृतिक विरासत की समृद्धि और विविधता को प्रदर्शित करेगा। इस वर्ष, इस मेले में जम्मू और कश्मीर थीम स्टेट है। यह विभिन्न कला रूपों और हस्तशिल्प के माध्यम से अपनी अनूठी संस्कृति और समृद्ध विरासत को प्रदर्शित करेगा। इस मेल में वैष्णो देवी मंदिर की प्रतिकृतियां, अमर नाथ मंदिर, कश्मीर से वास्तुकला इस साल मुख्य आकर्षण होंगे। इस आयोजन में 20 से अधिक देश भाग ले रहे हैं और इस बार भाग पार्टनर देश उज्बेकिस्तान है। यह मेला दोपहर 12:30 बजे से रात 9:30 बजे तक जनता के लिए खुला रहेगा। सूरजकुंड अंतरराष्ट्रीय शिल्प मेला (Surajkund International Crafts Mela) सूरजकुंड मेले का आयोजन...

आज देश भर में मनाया जा रहा है होली का त्यौहार, जानिए क्यों मनाई जाती है होली (Holi)?

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First Published: March 18, 2022 | Last Updated:March 18, 2022 होली देश भर में मनाई जाती है और यह भारत के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इस मौके पर राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद और प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी समेत सभी गणमान्य लोगों ने देशवासियों को शुभकामनायें दीं। मुख्य बिंदु यह भोर, प्रकाश, जीवन और ऊर्जा के प्रवाह का प्रतीक है जो बुराई के विनाश और अच्छे की विजय का संकेत देता है। यह भारत में मनाए जाने वाले सबसे लोकप्रिय त्योहारों में से एक है जो फरवरी के फाल्गुन के महीने में पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। होली नाम होलिका से आता है, जो दानव राजा हिरण्यकश्यप की बहन थी। होली की कथाएँ होली का त्यौहार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है और इसकी उत्पत्ति राक्षस राजा हिरण्यकश्यप की कथा में हुई है, जो अपने बेटे, प्रहलाद के जीवन को अपनी बहन, होलिका की मदद से समाप्त करना चाहता था, जो जल गई थी और प्रहलाद को कोई नुकसान नहीं हुआ। तब से इस दिन को बुराई पर अच्छाई की जीत में मनाया जाता है। होली पर रंगों की इस परंपरा के साथ राधा और श्रीकृष्ण की कहानी निकट से जुड़ी ...

इंसान को दोबारा चांद पर उतारने का आज अहम दिन, रोलआउट के लिए सेट हुआ Nasa का ‘मून रॉकेट’

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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) आज एक अहम टास्‍क शुरू करने जा रही है। एजेंसी अपने मून मिशन के लिए स्पेस लॉन्च सिस्टम (SLS) रॉकेट को रोलआउट करने जा रही है। इसके जरिए इंसान को चंद्रमा, मंगल ग्रह और उससे भी आगे तक ले जाने की तैयारी है। पिछले एक दशक से तैयार हो रहा यह सिस्‍टम आज रोलआउट के लिए जाएगा। यह सफल रहा, तो फ‍िर कई और टेस्‍ट किए जाएंगे और सबसे आखिर में ‘वेट ड्रेस रिहर्सल' होगी। रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका के केप कैनावेरल स्थित नासा के केनेडी स्पेस सेंटर में यह प्रक्रिया भारतीय समय के मुताबिक, आज देर रात 2:30 बजे से शुरू होगी। इस दौरान 5.75 मिलियन टन वजनी और 32 मंजिला SLS-ओरियन स्‍पेसक्राफ्ट को स्थानांतरित किया जाएगा। इस दौरान मौसम के बेहतर रहने का अनुमान लगाया गया है। यह सिस्‍टम पिछले एक दशक से तैयार हो रहा है, जिसमें देरी की वजह से इसकी लागत बढ़ी है। हालांकि नासा को उम्मीद है कि एक बार इसे सफलतापूर्वक लॉन्च करने के बाद यह अपने डेवलपमेंट में हुई देरी को कवर कर लेगा।  नासा में आर्टिमिस के लॉन्‍च डायरेक्‍टर चार्ली ब्लैकवेल-थॉम्पसन इस सप्‍ताह की शुरुआत में कहा था कि तैयारी...

सूर्य को इतने करीब से देखा है? आज देख लीजिए

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दुनियाभर की एजेंसियां सूर्य से जुड़े रहस्‍यों का पता लगाने के लिए उसकी स्‍टडी कर रही हैं। इससे सोलर साइंस में नई रुचि जगी है। इस स्‍टडी में US नेशनल साइंस फाउंडेशन (NSF) का इनौये सोलर टेलीस्कोप (Inouye Solar Telescope) खगोलविदों की मदद कर रहा है। दुनिया के इस सबसे बड़े टेलीस्‍कोप ने हाल ही में अपने पहले आब्‍जर्वेशन को शुरू किया है, जिसे NSF ने ट्विटर पर शेयर किया है। इसमें सूर्य की नई सनस्‍पॉट इमेज की जानकारी दी गई है। हवाई में स्थित इनौये टेलीस्कोप को 25 साल से ज्‍यादा समय से तैयार किया जा रहा था। अब इसके जरिए सूर्य को समझने के तरीके में क्रांति लाई जा सकेगी।  सूर्य का सौर क्षेत्र जिसे कोरोना भी कहा जाता है, उसे समझने में वैज्ञानिकों की काफी दिलचस्‍पी है। वहां कई सौर गतिविधियां होती हैं। वैज्ञानिक यह भी समझना चाहते हैं कि सूर्य के इस क्षेत्र में चार्ज पार्टिकल्‍स का प्रवाह अचानक से क्‍यों तेज हो जाता है। इसमें वैज्ञानिकों की दिलचस्‍पी कोरोनल मास इजेक्शन (CME) की वजह से भी है, जिसका असर पृथ्‍वी तक हो सकता है। इस इजेक्‍शन की वजह से पृथ्‍वी पर बिजली ग्रिड, संचार नेटवर्क और कई उपग्रह...

आज देश भर में मनाई जा रही है महाशिवरात्रि (Maha Shivaratri)

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First Published: March 1, 2022 | Last Updated:March 1, 2022 आज देशभर में महाशिवरात्रि का त्यौहार धूमधाम से मनाया जा रहा है। यह त्यौहार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष (फरवरी – मार्च) के दौरान चतुर्दशी को मनाया जाता है। मुख्य बिंदु कहा जाता है कि, शिवरात्रि की रात को, भगवान शिव ने पहली बार शिवलिंग के रूप में स्वयं को प्रकट किया था। इस दिन भगवान शिव का पूजा पाठ, उपवास इत्यादि किया जाता है। लोग शिव मंदिरों में जाते हैं या ज्योतिर्लिंगम की यात्रा पर जाते हैं। महाशिवरात्रि को क्यों मनाया जाता है? शिवरात्रि भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के दिन को चिह्नित करती है।  लिंग पुराण में कहा गया है कि शिवरात्रि के दिन भगवान शिव ने खुद को शिवलिंग के रूप में परिवर्तित किया था । इसलिए इस दिन को शिव भक्तों द्वारा वास्तव में शुभ माना जाता है और वे इसे महाशिवरात्रि – शिव की भव्य रात के रूप में मनाते हैं। महाशिवरात्रि को कैसे मनाया जाता है? इस त्यौहार के दिन भक्त भगवान शिव के सम्मान में उपवास रखते हैं। भक्तों का मानना है कि शिवरात्रि के शुभ दिन भगवान शिव की ईमानदारी से पूज...

देश भर में आज मनाई जा रही है छत्रपति शिवाजी महाराज (Chhatrapati Shivaji Maharaj) की जयंती

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First Published: February 19, 2022 | Last Updated:February 19, 2022 आज (19 फरवरी) को महान मराठा शासक छत्रपति  शिवाजी महाराज की जयंती मनाई जा रही है। महाराष्ट्र में 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्मदिन भव्य पैमाने पर मनाया जाता है। छत्रपति शिवाजी (Chhatrapati Shivaji_ शिवाजी का जन्म 19 फरवरी, 1630 में शिवनेरी किले में, जीजाबाई और शाहजी भोंसले के घर हुआ था। शिवाजी एक महान नेता और मराठा राष्ट्र के निर्माता थे। उन्होंने सभी बाधाओं के खिलाफ दक्कन में हिंदू राज्य की स्थापना की, जो शक्तिशाली मुगल के खिलाफ लड़ रहे थे। उन्होंने जन मानस  को मुगल शासक औरंगजेब के अत्याचार के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित किया और एकजुट किया, उनमें गर्व और राष्ट्रीयता की भावना पैदा की। उन्होंने प्रभावी नागरिक और सैन्य प्रशासन के साथ अपने राज्य को स्थिर किया। वह अपने राज्य में सभी धर्मों और संप्रदायों के प्रति सहिष्णु थे। उन्होंने राजस्व संग्रह में प्रणालियों की शुरुआत की। Categories: राष्ट्रीय करेंट अफेयर्स Tags:Chhatrapati Shivaji , Chhatrapati Shivaji Maharaj , Hindi Curre...

आज रात आसमान में दिखेगा चार ग्रहों का जमघट

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सौरमंडल में 29 जनवरी को अनोखा नजारा देखने को मिलेगा। आज रात को चांद और मंगल ग्रह आपस में एक दूसरे के काफी नजदीक दिखाई देने वाले हैं। भारत में यह खगोलीय घटना रात को 8.34 बजे दिखाई देगी। इस समय पर चांद मंगल के दक्षिण में से गुजर रहा होगा। लेकिन इस दौरान केवल चंद्रमा (Moon) और मंगल (Mars) ही नहीं होंगे बल्कि शुक्र (Venus) भी इनके पास दिखाई देगा।  ऐसा इसलिए हो रहा है क्योंकि चांद और मंगल दोनों ही धनु राशि में होंगे। हालांकि नंगी आंखों से यह नजारा देख पाना आसान नहीं होगा, लेकिन अगर आप बिल्डिंग और पेड़ों के पार देख पाएं तो आप इन सभी ग्रहों को एक साथ देख सकते हैं जो एक दूसरे के पास दिखाई देंगे। आप शुक्र ग्रह को भी देख सकते हैं। यहां पर बुध ग्रह भी होगा लेकिन उसकी रोशनी काफी धीमी होगी। इनके बाईं तरफ चमकता हुआ शनि भी देखा जा सकता है।   In The Sky में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार यह नजारा भारत में 8.34pm पर दिखाई देगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह नजारा टेलीस्कोप के फील्ड ऑफ व्यू में एक साथ तो नहीं देखा जा सकेगा लेकिन दूरबीन की सहायता से इसे देखा जा सकता है या फिर नंगी आंखों से भी देखा जा ...

26 जनवरी : गणतंत्र दिवस (Republic Day), जानिए आज ही क्यों मनाया जाता है गणतंत्र दिवस?

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First Published: January 26, 2022 | Last Updated:January 25, 2022 26 जनवरी को प्रतिवर्ष देशभर में गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है, दरअसल 26 जनवरी, 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था।  इस वर्ष नई दिल्ली में गणतंत्र दिवस के अवसर पर रंगारंग कार्यक्रम का आयोजित किया जाता है। इस कार्यक्रम में भारत की सैन्य ताकत तथा विभिन्न क्षेत्रों में भारत की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया जाता है। संविधान ने भारत सरकार अधिनियम, 1935 का स्थान लिया था। संविधान सभा ने संविधान को 26 नवम्बर, 1949 को स्वीकार किया था, बाद में 26 जनवरी, 1950 को इसे लागू कर दिया गया था। गणतंत्र दिवस 26 जनवरी को ही क्यों मनाया जाता है? दरअसल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने ब्रिटिश शासन की डोमिनियन स्टेटस की पेशकश को ठुकराते हुए 26 जनवरी, 1930 को पूर्ण स्वराज की मांग की थी। भारतीय संविधान के बारे में रोचक तथ्य भारत में प्रतिवर्ष 26 नवम्बर को संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दिन भारतीय संविधान को स्वीकार किया गया था। 26 नवम्बर, 1949 को भारतीय संविधान को स्वीकार किया गया था, तत्पश्चात 26...