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चंद्रयान 2 की बड़ी कामयाबी : चंद्रमा के बाहरी वातावरण में ‘आर्गन-40’ गैस खोज निकाली

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चंद्रमा की सतह और उसके वातावरण में होने वाली जटिल प्रक्रियाओं को जानने की होड़ तेज होती जा रही है। कई देश चंद्रमा के बारे में ज्‍यादा से ज्‍यादा जानने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा तो चंद्रमा के लिए अपने दूसरे मानव मिशन को आगे बढ़ा रही है। इस बीच, भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ‘इसरो' (ISRO) ने एक दिलचस्प खोज का दावा किया है। इसरो ने कहा है कि उसके चंद्रयान -2 ऑर्बिटर को चंद्रमा के ऊपरी वायुमंडल में एक महत्वपूर्ण गैस मिली है। इसरो ने बताया है कि चंद्रयान के ‘एटमॉस्‍फ‍िएरिक कम्‍पोजिशन एक्‍सप्‍लोरर-2' (CHACE-2) उपकरण ने चंद्र एक्सोस्फीयर (बाहरी मंडल) में ‘आर्गन-40' गैस का पता लगाया है। यह चंद्रमा के वातावरण का सबसे बाहरी क्षेत्र है, जहां परमाणु और अणु शायद ही कभी एक-दूसरे से टकराते हैं। इसरो को उम्मीद है कि उसका ऑब्‍जर्वेशन चंद्रमा के आसपास और बाहरी प्रजातियों को समझने में मदद करेगा।   चंद्रमा की सतह के नीचे रेडियोजेनिक गतिविधियों को समझने में भी यह ऑब्‍जर्वेशन मदद कर सकता है।  इसरो के मुताबिक, यह खोज इसलिए महत्‍वपूर्ण है, क्‍योंकि ‘आर्गन-40' (Ar-40) एक उत...

Nasa के चंद्र मिशन के लिए क्‍यों बढ़ गई है इलेक्ट्रिक कार कंपनियों की अहमियत?

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अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) एक बार फ‍िर से अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजने की योजना बना रही है। आर्टिमिस मिशन इसी की बानगी है। इस साल इस मिशन के लॉन्‍च होने की उम्‍मीद है और साल 2025 तक आर्टिमिस III (Artemis III) मिशन के साथ चंद्रमा के साउथ पोल के आसपास एक दल को फेरी लगाने के लिए भेजा जाएगा। नासा की योजना है कि इस मिशन के साथ जाने वाले अंतरिक्ष या‍त्र‍ियों को चंद्रमा पर एक हफ्ते के लिए ठहराया जाएगा, ताकि वो लैंडिंग साइट के आसपास के इलाके की खोज कर सकें। इसका मकसद भविष्‍य के मून मिशन के लिए एक बेस कैंप तैयार करना भी है। इन सबके लिए एक उच्‍च क्षमता वाले व्‍हीकल की जरूरत होगी। नासा जिस रोवर और व्‍हीकल्‍स को इस मिशन में शामिल करने की योजना बना रही है, उनमें एक दबावयुक्‍त ‘हैबिटेबल मोबेलिटी प्‍लेटफॉर्म' भी है, जो मिशन में शामिल क्रू को 45 दिनों तक ट्रांसपोर्ट कर सकता है। नासा की जरूरतों के अनुसार, चालक दल के व्‍हीकल को कम से कम एक दशक तक चलने के लिए डिजाइन किया जाना चाहिए। गाड़ी के ड‍िजाइन भविष्‍य में मंगल ग्रह के तैयार होने वाले मिशन में भी मानक का काम करेगा।  इन चुन...