Posts

Showing posts with the label GlobalWarming

अगले 5 वर्षों में औसतन 1.5 डिग्री सेल्सियस और गर्म हो जाएगी दुनिया!

Image
संयुक्त राष्ट्र (UN) ने चेतावनी दी है कि ग्लोबल तापमान अगले पांच वर्षों में पूर्व-औद्योगिक स्तरों पर 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा को पार कर सकता है। 2015 में पेरिस जलवायु समझौता हुआ था, जहां इसमें हिस्सा लेने वाले देशों ने ग्लोबल वार्मिंग को 1850 और 1900 के बीच के स्तर पर 2 डिग्री सेल्सियस से नीचे और यदि संभव हो तो 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने पर सहमति जताई थी। अब, संयुक्त राष्ट्र के विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) द्वारा जारी एक नए क्लाइमेट अपडेट के अनुसार, अगले पांच वर्षों में से कम से कम एक के लिए, 50-50 संभावना है कि वार्षिक औसत ग्लोबल टेंपरेचर पूर्व-औद्योगिक से 1.5 डिग्री सेल्सियस ऊपर बढ़ जाएगा। WMO ने कहा है कि 2022 और 2026 के बीच कम से कम एक वर्ष में रिकॉर्ड पर सबसे गर्म होने का 93 प्रतिशत मौका है, जिसके बाद वह संभावित साल 2016 को टॉप पोजीशन से दूसरे नंबर पर ले आएगा। ग्लोबल वॉर्मिंग को लेकर फैसला लेने वालों के लिए सटीक जानकारी बनाने के लिए, WMO का एनुअल अपडेट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रसिद्ध क्लाइमेट वैज्ञानिकों के ज्ञान और दुनिया भर के प्रमुख क्लाइमेट सेंटर्स के बेस्ट प्रे...

मौसम की ‘तबाही’ से बचने के लिए दुनिया के पास सिर्फ 3 साल, UN की रिपोर्ट में गंभीर चेतावनी

Image
संयुक्त राष्ट्र (UN) की एक नई रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि जलवायु परिवर्तन (climate change) के विनाशकारी असर से बचने के लिए दुनिया को साल 2030 तक ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में आधी कटौती करनी चाहिए। रिपोर्ट में कहा गया है अगले तीन साल में उत्सर्जन पीक पर नहीं पहुंचा, तो आने वाले वक्‍त में दुनिया क्‍लाइमेट से जुड़ी गंभीर घटनाओं का अनुभव करेगी। इंटरगवर्नमेंटल पैनल ऑन क्लाइमेट चेंज (IPCC) ने कहा कि अगर तत्काल ऐक्‍शन नहीं लिया गया, तो दुनिया ग्लोबल वॉर्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने में नाकाम हो जाएगी। इससे भविष्य में और अधिक आग की घटनाएं होंगी। सूखा पड़ेगा और तूफान आएंगे। यह ज्‍यादातर कोरल रीफ्स को प्रभावित करेगा। निचले इलाके रहने लायक नहीं रहेंगे, जिसकी वजह से दुनिया भर में तनाव बढ़ेगा।  रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के वर्तमान स्तर की वजह से दोगुने से अधिक गर्मी पैदा होने की संभावना है। इससे साल 2100 तक तापमान में लगभग 3.2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हो सकती है। रिपोर्ट कहती है कि ग्लोबल वार्मिंग को 1.5 डिग्री सेल्सियस तक सीमित करने के लिए लगभग हर द...

वर्ष 2021 पृथ्वी का पांचवां सबसे गर्म साल था : अध्ययन

Image
First Published: January 12, 2022 | Last Updated:January 12, 2022 हाल ही में कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस (Copernicus Climate Change Service) द्वारा एक रिपोर्ट सार्वजनिक की गई, जो एक यूरोपीय संघ का कार्यक्रम है। इस रिपोर्ट में पाया गया कि, 2021 पृथ्वी पर पांचवां सबसे गर्म वर्ष था। रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष इस रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सात साल रिकॉर्ड पर सबसे गर्म रहे हैं। ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में निरंतर वृद्धि के कारण उन 12-महीने की अवधि में 2021 को पांचवें स्थान पर रखा गया है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में वृद्धि से पृथ्वी को अपरिवर्तनीय क्षति हो सकती है। इस रिपोर्ट में पाया गया कि, पूर्व-औद्योगिक स्तरों की तुलना में 2021 में औसत वैश्विक तापमान 1.1 से 1.2 डिग्री सेल्सियस अधिक था। वैज्ञानिकों के अनुसार औसत तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक की वृद्धि से पृथ्वी को स्थायी नुकसान हो सकता है और इसका भारी हानिकारक पर्यावरणीय प्रभाव हो सकता है। यूरोप में सबसे गर्म ग्रीष्मकाल 2021 यूरोप में अत्यधिक तापमान और गर्मी ...