चीन में ‘कृत्रिम सूर्य’ का सफल परीक्षण, पांच गुना ज्यादा ताकतवर है असली सूर्य से
भविष्य में क्लीन एनर्जी हासिल करने के लिए चीन ‘कृत्रिम सूर्य' के साथ प्रयोग कर रहा है। इसे एक्सपेरिमेंटल एडवांस्ड सुपरकंडक्टिंग टोकामक (EAST) कहा जाता है। यह डिवाइस एक फ्यूजन रिएक्टर है। हाल ही में एक टेस्ट में इसे 70 मिलियन डिग्री सेल्सियस तापमान पर लगभग 20 मिनट तक मेंटेन किया गया था। यह मशीन परमाणु संलयन की ताकत का इस्तेमाल करने की कोशिश करती है। इसे कृत्रिम सूर्य इसलिए कहा जाता है, क्योंकि मशीन का सेटअप सूर्य के अंदर असलियत में होने वाले परमाणु रिएक्शंस की नकल करता है। इसमें हाइड्रोजन और ड्यूटेरियम (deuterium) जैसी गैसों को ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। ये प्रयोग वैज्ञानिकों को ‘असीमित क्लीन एनर्जी' के करीब ला सकता है। मशीन के रिएक्टर की टेस्टिंग की जा रही है, ताकि इसे सपोर्ट करने वाला हीटिंग सिस्टम अधिक ‘गर्म' और ‘टिकाऊ' हो जाए। इसे चीन ने ही डिजाइन किया और बनाया है। EAST का इस्तेमाल साल 2006 से परमाणु संलयन एक्सपेरिमेंट के लिए किया जा रहा है, लेकिन हाल में जाकर रिसर्चर्स को बड़ी कामयाबी मिली है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट में...