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पर्यावरण मंजूरी प्रक्रिया (Environmental Clearance Process) में बदलाव किया गया

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First Published: April 20, 2022 | Last Updated:April 20, 2022 केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने परियोजना विकास परियोजनाओं के लिए पर्यावरण मंजूरी प्रक्रिया में कई बदलाव किए हैं। ये प्रस्ताव और परिवर्तन दो कार्यालय ज्ञापनों और दो अधिसूचनाओं के रूप में आए जो 11 से 12 अप्रैल 2022 के बीच जारी किए गए। मुख्य बिंदु  39 प्रकार की विकास परियोजनाओं के लिए पर्यावरण मंजूरी (environmental clearance ) अनिवार्य है। विकासात्मक परियोजनाओं में जल विद्युत, खनन, ताप विद्युत आदि शामिल हैं। 2006 में जारी पर्यावरण प्रभाव आकलन (Environmental Impact Assessment – EIA) अधिसूचना द्वारा मंजूरी प्रक्रिया की रूपरेखा तैयार की गई है। रणनीतिक राजमार्गों की छूट में प्रस्तावित बदलाव 11 अप्रैल 2022 को जारी अपनी मसौदा अधिसूचना में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय ने देश भर में राजमार्ग परियोजनाओं को पर्यावरण मंजूरी प्रक्रिया से छूट देने का प्रस्ताव दिया था जो भारत के रणनीतिक हितों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस अधिसूचना में यह भी कहा गया है कि परियोजना के प्रस्तावकों को पर्यावरण क...

UNEP ने “Noise, Blazes and Mismatches: Emerging Issues of Environmental Concern” रिपोर्ट जारी की

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First Published: February 21, 2022 | Last Updated:February 21, 2022 फ्रंटियर्स रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) द्वारा जारी की जाती है। इस नवीनतम रिपोर्ट का नाम  “Noise, Blazes and Mismatches: Emerging Issues of Environmental Concern” है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण सभा के समक्ष जारी की गई यह रिपोर्ट बढ़ती सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याओं पर केंद्रित है जो प्राकृतिक जीवन चक्र को बाधित कर रही हैं और दुनिया भर में पर्यावरणीय प्रभाव पैदा कर रही हैं। मुख्य बिंदु  UNEP फ्रंटियर्स की रिपोर्ट बढ़ती पर्यावरणीय चुनौतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाती है। यह रिपोर्ट विभिन्न पर्यावरणीय चुनौतियों की ओर ध्यान आकर्षित करती है जो वैश्विक या क्षेत्रीय कहर बरपाने ​​​​की संभावना के साथ उभर रही हैं। इस रिपोर्ट में उठाए गए मुद्दे अब छोटे स्तर पर हैं, लेकिन उनमें वैश्विक चिंताओं के रूप में विकसित होने की क्षमता है, जिनका लोगों की आजीविका और पर्यावरण पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। रिपोर्ट की मुख्य विशेषताएं यह ध्वनि प्रदूषण, घातक जंगल की आग, और विभिन्न पर्यावरणीय ...

पेरू ने तेल रिसाव के कारण पर्यावरण आपातकाल (Environmental Emergency) की घोषणा की

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First Published: January 25, 2022 | Last Updated:January 25, 2022 पेरू एक दक्षिण अमेरिकी देश है। पेरू सरकार ने हाल ही में तेल रिसाव के कारण पर्यावरण आपातकाल की घोषणा की। यह आपातकाल 90 दिनों तक चलेगा। मुख्य बिंदु प्रशांत महासागर में करीब 6000 बैरल तेल गिरा है। स्पेन की एनर्जी फर्म रेप्सोल (Repsol) का एक टैंकर पेरू में वेंटिनाला रिफाइनरी में तेल ले जा रहा था। इस टैंकर का नाम “मारे डोरिकम” है। यह एक इतालवी टैंकर है। तेल रिसाव समुद्र के भीतर ज्वालामुखी टोंगा के विस्फोट के कारण हुआ। नासा के अनुसार, टोंगा ज्वालामुखी विस्फोट परमाणु बम से भी ज्यादा शक्तिशाली है। विस्फोट से आई सुनामी लहरें तेल रिसाव का कारण बनीं। नुकसान इस तेल रिसाव ने बड़ी संख्या में समुद्री वन्यजीवों की जान ले ली है। इसने स्थानीय मछुआरों पर भारी प्रभाव डाला है। साथ ही इसका असर पर्यटन क्षेत्र पर भी काफी हद तक पड़ रहा है। तेल रिसाव से लगभग 2,384 घन मीटर रेत प्रभावित हुई है। इसके कारण कुल आर्थिक नुकसान 50 मिलियन डालर से अधिक होने का अनुमान है। इससे करीब 713 हेक्टेयर समुद्र प्रभावित हुआ है। ...