Posts

Showing posts with the label lockheedmartin

भारत के लिए बहुत जल्द शुरू होगी MH-60R मल्टी-रोल हेलीकॉप्टर के डिलीवरी

Image
First Published: February 22, 2022 | Last Updated:February 22, 2022 रक्षा अधिकारियों के अनुसार, तीन MH-60R मल्टी-रोल हेलीकॉप्टरों का पहला बैच जुलाई 2022 तक भारत आने की संभावना है। भारतीय नौसेना ने  अमेरिका से MH-60R मल्टी-रोल हेलीकॉप्टरों का ऑर्डर दिया था। मुख्य बिंदु छह कामोव केए-31 अर्ली वार्निंग हेलीकॉप्टर खरीदने की भी तैयारी की जा रही है। जुलाई 2021 में अमेरिका में भारतीय नौसेना को तीन हेलीकॉप्टर भेजे गए थे। वर्तमान में इनका उपयोग पेंसाकोला, सैन डिएगो और फ्लोरिडा में भारतीय पायलटों के प्रशिक्षण के लिए किया जा रहा है। यह दशकों में जहाजों पर तैनाती के लिए भारतीय नौसेना का पहला महत्वपूर्ण हेलीकॉप्टर शामिल होने जा रहा है। भारतीय नौसेना के अनुसार, यह हेलीकॉप्टर कई भारत-विशिष्ट उपकरणों और हथियारों से लैस होंगे। MH-60R हेलीकॉप्टर सी किंग 42/42A हेलीकॉप्टरों की जगह लेंगे, जिन्हें 1990 के दशक में सेवा से हटा दिया गया था। ये हेलीकॉप्टर फ्रंटलाइन जहाजों और विमानवाहक पोतों से संचालित होंगे।  MH-60R हेलीकॉप्टरों के सौदे पर कब हस्ताक्षर किए गए थे? फरवरी 20...

Nasa के चंद्र मिशन के लिए क्‍यों बढ़ गई है इलेक्ट्रिक कार कंपनियों की अहमियत?

Image
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) एक बार फ‍िर से अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा पर भेजने की योजना बना रही है। आर्टिमिस मिशन इसी की बानगी है। इस साल इस मिशन के लॉन्‍च होने की उम्‍मीद है और साल 2025 तक आर्टिमिस III (Artemis III) मिशन के साथ चंद्रमा के साउथ पोल के आसपास एक दल को फेरी लगाने के लिए भेजा जाएगा। नासा की योजना है कि इस मिशन के साथ जाने वाले अंतरिक्ष या‍त्र‍ियों को चंद्रमा पर एक हफ्ते के लिए ठहराया जाएगा, ताकि वो लैंडिंग साइट के आसपास के इलाके की खोज कर सकें। इसका मकसद भविष्‍य के मून मिशन के लिए एक बेस कैंप तैयार करना भी है। इन सबके लिए एक उच्‍च क्षमता वाले व्‍हीकल की जरूरत होगी। नासा जिस रोवर और व्‍हीकल्‍स को इस मिशन में शामिल करने की योजना बना रही है, उनमें एक दबावयुक्‍त ‘हैबिटेबल मोबेलिटी प्‍लेटफॉर्म' भी है, जो मिशन में शामिल क्रू को 45 दिनों तक ट्रांसपोर्ट कर सकता है। नासा की जरूरतों के अनुसार, चालक दल के व्‍हीकल को कम से कम एक दशक तक चलने के लिए डिजाइन किया जाना चाहिए। गाड़ी के ड‍िजाइन भविष्‍य में मंगल ग्रह के तैयार होने वाले मिशन में भी मानक का काम करेगा।  इन चुन...

मंगल से सैंपल लेकर आएगा लॉकहीड मार्टिन का रॉकेट, Nasa ने दिया कॉन्‍ट्रैक्‍ट

Image
अमेरिकी स्‍पेस एजेंसी नासा (NASA) ने बताया है कि लॉकहीड मार्टिन (Lockheed Martin) के स्‍पेस डिविजन ने रॉकेट बनाने के लिए उसका कॉन्‍ट्रैक्‍ट हासिल किया है। यह रॉकेट 2030 के दशक में मंगल ग्रह से पहला रॉक सैंपल लेकर लौटेगा। नासा के मुताबिक, यह ‘छोटा, हल्का रॉकेट' दूसरे ग्रह से उड़ान भरने वाला पहला रॉकेट होगा, जो मंगल की सतह से सैंपल लाएगा। नासा का पर्सवेरेंस रोवर (Perseverance Rover) एक साल पहले मंगल ग्रह पर लैंड करने के बाद विभिन्न इलाकों से सैंपल इकट्ठा कर रहा है।  इस मिशन का मकसद मंगल ग्रह पर जीवन के निशान ढूंढना है। लेकिन यह तभी मुमकिन होगा, जब इन सैंपल्‍स का विश्‍लेषण पृथ्वी पर प्रयोगशालाओं में किया जाएगा। इन सैंपल्‍स को इकट्ठा करके एक जटिल ऑपरेशन के तहत पृथ्वी पर वापस लॉन्च किया जाएगा। लॉकहीड मार्टिन का रॉकेट इसमें प्रमुख भूमिका निभाएगा।  नासा के अनुसार, रॉकेट बनाने के लिए हुए कॉन्‍ट्रैक्‍ट का संभावित मूल्य 194 मिलियन डॉलर (लगभग 1451 करोड़ रुपये) है। नासा के हेडक्‍वॉर्टर में साइंस के एसोसिएट एडमिनिस्‍ट्रेटर थॉमस जुर्बुचेन ने कहा कि पृथ्वी पर लाए जाने के बाद उन सैंपल्‍स की स...