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यूक्रेन युद्ध का असर! इंटरनेशनल स्‍पेस स्टेशन प्रोग्राम से अलग होगा रूस

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रूस ने इंटरनेशनल स्‍पेस स्टेशन (ISS) से बाहर निकलने का फैसला किया है। देश की अंतरिक्ष एजेंसी रोस्कोस्मोस (Roscosmos) के लीडर ने एक मीडिया इंटरव्‍यू में यह खुलासा किया है। ISS से रूस कब तक अलग हो जाएगा, फ‍िलहाल इसकी कोई सही टाइमलाइन सामने नहीं आई है। हालांकि कहा जा रहा है कि रूसी ऑर्बिटल सेगमेंट (ROS) को मेंटेन रखने के लिए रूस कुछ समय तक इंटरनेशनल स्‍पेस स्टेशन पर काम करता रहेगा। रोस्कोस्मोस के प्रमुख दिमित्री रोगोजिन ने रूस की सरकारी समाचार एजेंसी Tass के साथ एक इंटरव्‍यू में कहा कि इंटरनेशनल स्‍पेस स्टेशन (ISS) से बाहर निकलने का फैसला पहले ही लिया जा चुका है।   उन्होंने इंटरव्‍यू में कथित तौर पर कहा कि हम इसके बारे में सार्वजनिक रूप से बात करने के लिए बाध्य नहीं हैं। मैं केवल यह कह सकता हूं कि हम अपने पार्टनर्स को ISS पर हमारा काम खत्म होने के बारे में एक साल पहले ही चेतावनी दे देंगे। उन्होंने इशारा दिया कि ISS के प्रोग्राम को छोड़ने का फैसला इसलिए भी है, क्‍योंकि रूस अब अपना ऑर्बिटल सर्विस स्‍टेशन तैनात करना चाहता है। याद रहे कि रूस साल 1998 में इस मिशन से जुड़ा था।   वैसे रूस न...

यूक्रेन युद्ध के बीच 3 रूसी अंतरिक्ष यात्री पहुंचे ISS, अमेरिकी साथियों ने किया ‘स्‍वागत’

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यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद यूरोप और पश्चिमी देश रूस पर प्रतिबंध बढ़ा रहे हैं। इन देशों और रूस के बीच संबंध उस स्‍तर पर आ गए हैं, जो सोवियत काल के दौरान थे। इस बीच, तीन रूसी अंतरिक्ष यात्रियों ने शुक्रवार को इंटरनेशनल स्‍पेस स्टेशन (ISS) के लिए उड़ान भरी। रूसी अंतरिक्ष यात्री- ओलेग आर्टेमयेव, रूकीस डेनिस माटेयेव और सर्गेई कोर्साकोव ने भारतीय समय के मुताबिक, शुक्रवार रात 9:25 बजे अपनी यात्रा शुरू की। नासा (NASA) के लाइव फीड में उनके इस तीन घंटे के सफर की शुरुआत दिखाई गई। इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन में इन अंतरिक्ष यात्रियों का स्‍वागत दो रूसी, चार अमेरिकी और एक जर्मन अंतरिक्ष यात्री ने किया।  एक न्‍यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, रूसी स्‍पेस एजेंसी रोस्कोस्मोस (Roscosmos) ने कन्‍फर्म किया कि तीनों अंतरिक्ष यात्रियों ने सफलतापूर्वक ऑर्बिट में प्रवेश कर लिया। साल 2014 में यूक्रेन के एक द्वीप पर रूस द्वारा कब्‍जा करने के बाद से उस पर प्रतिबंध लगने शुरू हुए थे, जो यूक्रेन पर हमला करने के बाद तेजी से बढ़े हैं, लेकिन इसने अंतरिक्ष की दुनिया में सहयोग को कम होने नहीं दिया है। हालांकि साल ...

रूस-यूक्रेन युद्ध और अमेरिका के प्रतिबंधों से भारत पर आई 500 टन की आसमानी मुसीबत, जानें पूरा मामला

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रूस की अंतरिक्ष एजेंसी ‘रोस्कोस्मोस' (Roscosmos) के चीफ ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि मॉस्को पर लगाए गए प्रतिबंध इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) में उसके सहयोग को खत्‍म कर सकते हैं। उन्‍होंने अमेरिका से पूछा है कि क्या वह भारत और चीन को ‘500 टन का स्‍ट्रक्‍चर उनपर गिरने की आशंका' के साथ खतरे में डालना चाहता है। गौरतलब है कि रूस और अमेरिका ISS प्रोग्राम में प्रमुख भागीदार हैं। कनाडा, जापान, फ्रांस, इटली और स्पेन जैसे यूरोपीय देश भी इसमें शामिल हैं। यूक्रेन पर हमला करने के बाद से अमेरिका और तमाम यूरोपीय देश रूस पर सख्‍त प्रतिबंध लगा रहे हैं। खासतौर से आर्थिक मोर्चे पर रूस को सबक सिखाने के लिए ये देश कई ऐलान कर रहे हैं। अमेरिका और उसके साथी देशों  ने चार बड़े रूसी बैंकों की संपत्ति को ब्‍लॉक करने, निर्यात को कम करने और पुतिन के करीबियों पर बैन लगाने का फैसला किया है।  CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने जिन नए प्रतिबंधों की घोषणा की है, उसके तहत रूस के ‘स्‍पेस प्रोग्राम समेत उसकी एयरोस्पेस इंडस्‍ट्री' को ‘डीग्रेड' करने की बात है। अमेरिका के इन कद...

मंगल ग्रह पर पेड़ काटने जैसे निशान, ESA ने बताई हकीकत

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मंगल (Mars) ग्रह से आने वाली तस्‍वीरें हर बार कुछ नया दिखाती हैं और वैज्ञानिकों को अचंभे में डालती हैं। हाल में आई एक तस्‍वीर को देखकर ऐसा लगता है, जैसे कोई विशाल पेड़ काटा गया हो। इस तस्‍वीर में मंगल ग्रह पर एक बड़ी कन्सेन्ट्रिक रिंग (संकेंद्रित वलय) दिखती है। यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) ने यह तस्वीर जारी की है और अपनी वेबसाइट पर इसके बारे में बताया है। हकीकत में यह मंगल की सतह पर आइस-रिच क्रेटर का शानदार नजारा है। तस्‍वीर 13 जून 2021 को ली गई थी। इस तस्‍वीर को कलर एंड स्‍टीरियो सर्फेस इमेजिंग सिस्टम (CaSSIS) कैमरे द्वारा ExoMars Trace Gas Orbiter (TGO) पर लिया गया था। TGO, यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी और रूसी अंतरिक्ष एजेंसी Roscosmos का जॉइंट वेंचर है। TGO मंगल की परिक्रमा करता है और इसके वातावरण के बारे में डेटा इकट्ठा करता है। हालिया इमेज में एसिडालिया प्लैनिटिया के उत्तरी मैदानों से जुड़ी है।   ESA की ओर से जारी बयान में इस इमेज के बारे में अहम जानकारी दी गई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यह इमेज एक गड्ढे के अंदरूनी हिस्से में जमा पानी-बर्फ हो सकती है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, म...

Russia's only female cosmonaut to travel to space in September

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MOSCOW: Russia's sole active female cosmonaut, Anna Kikina, is due to travel to the International Space Station in September on a Soyuz rocket, the national space agency said Thursday. Kikina, a 37-year-old engineer, will be only the fifth professional woman cosmonaut from Russia or the Soviet Union to fly to space. Last year, the Russian space agency Roscosmos said "our beauty" Kikina would fly aboard SpaceX's Crew Dragon as part of a cross-flights deal between Roscosmos and NASA. On Thursday, Roscosmos said that if the two countries finalise the deal, Kikina will fly to space with the Americans in August, while NASA's Francisco Rubio will travel on a Soyuz. But if the deal does not work out, she will travel to the ISS on a Soyuz rocket in September. The last Russian woman to fly to space was Elena Serova, who spent 167 days aboard the ISS from September, 2014 to March, 2015. Soviet cosmonaut Valentina Tereshkova became the first woman in space when she...

मंगल ग्रह है या रेड वेलवेट केक, यूरोपियन स्‍पेस एजेंसी ने दिखाई Mars की शानदार तस्‍वीर

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मंगल (Mars) ग्रह लंबे समय से खगोलविदों के लिए पहेली रहा है। हाल ही में यूरोपियन स्‍पेस एजेंसी (ESA) ने एक इमेज रिलीज की है। यह मंगल ग्रह के आसपास के इलाके को दर्शाती है। इस तस्‍वीर को ‘ट्रेस गैस ऑर्बिटर' (TGO) ने खींचा है। इसमें मंगल ग्रह बेहद खूबसूरत नजर आता है, जैसे कोई केक सजाया गया हो। ESA ने कहा है कि यह इमेज मंगल ग्रह को ऐसा दिखाती है, जैसे एक ‘रिच रेड वैलवेट केक' पर शुगर पाउडर छिड़का गया है।  लेकिन शुगर पाउडर जैसा दिखने वाला यह वाइट कलर क्‍या है और कहां से आया? ESA ने बताया है कि यह कलर पानी और बर्फ की वजह से है। वहीं, रेड कलर जंग लगी हुई मार्टियन मिट्टी की वजह से नजर आता है। इस इमेज में 4 किलोमीटर चौड़ा गड्ढा भी दिखाई देता है। ESA के मुताबिक, यह गड्ढा वास्तिटास बोरेलिस रीजन में है, जोकि मंगल ग्रह के उत्तरी ध्रुव के पास एक मैदानी इलाका है। ESA और रूसी स्‍पेस एजेंसी रोस्कोस्मोस (Roscosmos) के जॉइंट मिशन TGO ने पिछले साल जुलाई में यह तस्‍वीर खींची थी।  ESA ने बताया कि तस्‍वीर में नजर आने वाला गड्ढा बर्फ से भरा है। इस इलाके में पूरे साल बहुत कम समय के लिए सूर्य दिखाई द...