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विश्व आर्थिक फोरम (World Economic Forum) की वार्षिक बैठक दावोस में शुरू हुई

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First Published: May 25, 2022 | Last Updated:May 25, 2022 स्विट्जरलैंड के दावोस में विश्व आर्थिक फोरम (WEF) की वार्षिक बैठक 22 मई से 26 2022 तक आयोजित की जा रही है। यह बैठक मूल रूप से 17-21 जनवरी के लिए निर्धारित की गई थी, लेकिन ओमिक्रोन संस्करण के प्रकोप के कारण स्थगित कर दी गई थी। WEF बैठक के फोकस क्षेत्र क्या हैं? WEF की बैठक में निम्नलिखित विषयों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा: महामारी रिकवरी जलवायु परिवर्तन से निपटना काम के लिए बेहतर भविष्य का निर्माण हितधारक पूंजीवाद को तेज करना चौथी औद्योगिक क्रांति की प्रौद्योगिकियों का दोहन WEF की बैठक में कौन भाग लेगा? पांच दिनों के लिए स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित होने वाली बैठक में व्यापार, राजनीति और नागरिक समाज के लगभग 2,500 विश्व नेता हिस्सा लेंगे। यह बैठक दुनिया भर के नेताओं को दुनिया की स्थिति का जायजा लेने और भविष्य के लिए नीतियों को आकार देने का अवसर प्रदान करती है। भारत से बैठक में कौन भाग ले रहे हैं? पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी एनर्जी आउटलुक: ओवरकमिंग द क्रा...

Indo-Pacific Economic Framework for Prosperity (IPEF) क्या है?

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First Published: May 24, 2022 | Last Updated:May 24, 2022 23 मई 2022 को, अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाईडेन ने Indo-Pacific Economic Framework for Prosperity (IPEF) पर एक चर्चा का अनावरण किया । यह चर्चा एक दर्जन शुरुआती साझेदार देशों से हो चुकी है जिनमें भारत भी शामिल है। यह देश दुनिया के सकल घरेलू उत्पाद का 40 प्रतिशत प्रतिनिधित्व करते हैं। मुख्य बिंदु  IPEF फ्रेमवर्क चर्चा एक खुले, मुक्त, लचीले और सुरक्षित हिन्द-प्रशांत क्षेत्र के विज़न से शुरू की गई थी जहां आर्थिक विकास समावेशी और टिकाऊ है। IPEF हिंद-प्रशांत क्षेत्र में लचीलापन, स्थिरता, आर्थिक विकास, समावेशिता, प्रतिस्पर्धा और निष्पक्षता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने पर भी विचार कर रहा है।इस आयोजन में भाग लेने वाले देश ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, मलेशिया, ब्रुनेई, जापान, थाईलैंड, न्यूजीलैंड, कोरिया गणराज्य, सिंगापुर, फिलीपींस और वियतनाम सहित हिन्द-प्रशांत क्षेत्र में शामिल हैं। भारत और अमेरिका के बीच किस समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे? 23 मई, 2022 को भारत और...

विश्व आर्थिक स्थिति और संभावनाएँ (World Economic Situation and Prospects) रिपोर्ट जारी की गई

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First Published: May 23, 2022 | Last Updated:May 23, 2022 18 मई 2022 को संयुक्त राष्ट्र द्वारा जारी World Economic Situation and Prospects (WESP) रिपोर्ट के अनुसार, इस साल वैश्विक अर्थव्यवस्था के केवल 3.1% बढ़ने की उम्मीद है। जनवरी में पहले की भविष्यवाणी 4.0% थी लेकिन मुख्य रूप से यूक्रेन में युद्ध के कारण इस दर में कमी आई। यह रिपोर्ट संयुक्त राष्ट्र के आर्थिक और सामाजिक मामलों के विभाग (DESA) द्वारा प्रकाशित की गई है। वैश्विक मुद्रास्फीति के बारे में यह रिपोर्ट क्या कहती है? पूर्वानुमान से पता चला है कि यूक्रेन संघर्ष और COVID-19 महामारी ने कमोडिटी और खाद्य कीमतों में वृद्धि की है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल वैश्विक महंगाई दर के 6.7% तक पहुंचने का अनुमान है। विकासशील और सबसे कम विकसित देशों में उच्च मुद्रास्फीति दर परिवारों की वास्तविक आय को कम कर रही है।  विकास की संभावनाओं में गिरावट के कारण कौन से देश प्रभावित हैं? विकास की संभावनाओं में गिरावट दुनिया भर के सभी देशों को प्रभावित कर रही है, जिसमें प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं जैसे अमेरिका, यूरोपीय...

भारत-यूएई ने व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (Comprehensive Economic Partnership Agreement) पर हस्ताक्षर किये

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First Published: February 20, 2022 | Last Updated:February 20, 2022 भारत और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने एक व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं जो संयुक्त अरब अमीरात को अधिकांश भारतीय निर्यात पर आयात शुल्क कम करेगा। व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौता (Comprehensive Economic Partnership Agreement – CEPA) 2014 में सत्ता में आने के बाद नरेंद्र मोदी सरकार का पहला महत्वपूर्ण व्यापार समझौता है। मुख्य बिंदु  वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और यूएई के अर्थव्यवस्था मंत्री अब्दुल्ला बिन तौक अल मारी ने नई दिल्ली में समझौते पर हस्ताक्षर किए। सरकार को उम्मीद है कि आयात शुल्क में कमी से उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला को लाभ होगा। सरकार को उम्मीद है कि यह समझौता संयुक्त अरब अमीरात को रत्नों और आभूषणों के साथ-साथ कपड़ों के निर्यात में वृद्धि करेगा, जिससे अगले पांच वर्षों में कुल व्यापार 100 बिलियन अमरीकी डालर हो जाएगा। चीन और अमेरिका के बाद, संयुक्त अरब अमीरात दुनिया में भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। 2020-21 तक, दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 43.3...

Scheme for Economic Empowerment of DNTs (SEED) क्या है?

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First Published: February 16, 2022 | Last Updated:February 16, 2022 सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार ने 16 फरवरी, 2022 को “DNTs की आर्थिक अधिकारिता के लिए योजना” (Scheme for Economic Empowerment of DNTs – SEED) लॉन्च की। मुख्य बिंदु अम्बेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में गैर-अधिसूचित, खानाबदोश और अर्ध-घुमंतू समुदायों (De-notified, Nomadic and Semi Nomadic Communities – DNTs) के कल्याण के लिए यह योजना शुरू की गई है। यह वर्ग कैसे वंचित है? DNTs सबसे उपेक्षित, हाशिए पर और आर्थिक और सामाजिक रूप से वंचित समुदाय हैं। वे पीढ़ियों से बदहाली का जीवन जी रहे हैं। ऐतिहासिक रूप से उनकी कभी भी निजी भूमि या घर के स्वामित्व तक पहुंच नहीं थी। इन जनजातियों ने आवासीय उपयोग और अपनी आजीविका के लिए जंगलों और चराई की भूमि का उपयोग किया। राष्ट्रीय गैर-अधिसूचित, घुमंतू और अर्ध घुमंतू जनजाति आयोग (National Commission for De-Notified, Nomadic and Semi Nomadic Tribe) सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने “गैर-अधिसूचित, घुमंतू और अर्ध घुमंतू जनजातियों के...

Regional Comprehensive Economic Partnership (RCEP) क्या है?

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First Published: February 12, 2022 | Last Updated:February 12, 2022 देश के किसानों और अन्य नागरिक समाज समूहों द्वारा RCEP से बाहर रहने के भारत के फैसले का अनुसरण करने के बाद फिलीपींस सीनेट ने RCEP के अनुसमर्थन (ratification) को स्थगित कर दिया है। मुख्य बिंदु  फिलीपींस ने भी डुटर्टे सरकार द्वारा हस्ताक्षरित मेगा व्यापार समझौते के खिलाफ अपने रुख में बदलाव किया है। फिलीपींस में किसानों, नागरिक समाज संगठनों, मछुआरों और निजी क्षेत्र के समूह द्वारा कड़े विरोध की पृष्ठभूमि में अनुसमर्थन स्थगित करने का निर्णय लिया गया था। भारतीय विदेश मंत्री की मनीला यात्रा 13 फरवरी, 2022 से भारतीय विदेश मंत्री की मनीला की तीन दिवसीय यात्रा से पहले फिलीपींस ने यह निर्णय लिया है। भारत और फिलीपींस द्वारा जनवरी 2022 में 374.96 मिलियन अमरीकी डालर के समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद यह यात्रा निर्धारित की गई थी। इस सौदे के तहत भारत फिलीपींस को ब्रह्मोस मिसाइलों का निर्यात करेगा। FFF  द्वारा स्थिति पत्र देश के Federation of Free Farmers (FFF) ने एक स्थिति पत्र जारी किया और किसानो...

आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22 के मुख्य बिंदु (Economic Survey 2021-22 Highlights)

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First Published: February 1, 2022 | Last Updated:February 1, 2022 आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 31 जनवरी, 2022 को संसद में पेश किया। आर्थिक सर्वेक्षण किसने तैयार किया? आर्थिक सर्वेक्षण 2021-22 प्रमुख आर्थिक सलाहकार संजीव सान्याल के नेतृत्व में एक टीम द्वारा तैयार किया गया। पिछले वर्षों में देखे गए दो वॉल्यूम प्रारूपों के विपरीत, सर्वेक्षण सांख्यिकीय तालिकाओं के अलग-अलग सेट के साथ एक एकल खंड है। विकास पूर्वानुमान आर्थिक सर्वेक्षण ने वित्त वर्ष 2022-23 में अर्थव्यवस्था के 8-8.5% बढ़ने का अनुमान लगाया है। चालू वर्ष में, अर्थव्यवस्था के 9.2% की दर से बढ़ने की संभावना है। कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में 3.9% की वृद्धि होने की संभावना है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में भारत की आर्थिक वृद्धि अभी भी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे तेज रहेगी। भारत चुनौतियों का सामना कैसे करेगा? इस सर्वेक्षण के अनुसार, आर्थिक संकेतक इस बात को उजागर करते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था 2022-23 में चुनौतियों का सामना करने के लिए अच्छी तरह से तैयार है। भारतीय ...

अनंत नागेश्वरन बने नए मुख्य आर्थिक सलाहकार (Chief Economic Advisor)

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First Published: January 29, 2022 | Last Updated:January 29, 2022 भारत सरकार ने डॉ. वी. अनंत नागेश्वरन (Anantha Nageswaran) को सरकार का मुख्य आर्थिक सलाहकार नियुक्त किया है। उन्होंने कल ही पदभार ग्रहण किया। इससे पहले डॉ. नागेश्वरन एक लेखक, शिक्षक और सलाहकार के रूप में काम कर चुके हैं। उन्होंने भारत और सिंगापुर में कई बिजनेस स्कूलों और प्रबंधन संस्थानों में पढ़ाया है। मुख्य बिंदु डॉ. नागेश्वरन IFMR Graduate School of Business  के डीन और क्रिए विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के एक प्रतिष्ठित विजिटिंग प्रोफेसर रह चुके हैं। वह 2019 से 2021 तक भारत के प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के अंशकालिक सदस्य भी रहे हैं। उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान, अहमदाबाद से प्रबंधन में स्नातकोत्तर डिप्लोमा और एमहर्स्ट में मैसाचुसेट्स। विश्वविद्यालय से डॉक्टरेट की डिग्री प्राप्त की है।  EAC-PM EAC-PM एक स्वतंत्र निकाय है, जो सरकार को आर्थिक और नीति संबंधी मामलों पर सलाह देता है। इसका गठन पहली बार सितंबर 2017 में दो साल की अवधि के लिए किया गया था। Categories: अर...

विश्व बैंक ने ‘Global Economic Prospects’ रिपोर्ट जारी की

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First Published: January 14, 2022 | Last Updated:January 14, 2022 विश्व बैंक की ‘Global Economic Prospects’ रिपोर्ट 11 जनवरी, 2022 को जारी की गई थी। रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष रिपोर्ट में कहा गया है कि, वैश्विक आर्थिक विकास 2022 में तेजी से घटकर 4.1% और 2023 में 3.2% हो जाएगा, जो 2021 में 5.5% था। यह वित्त वर्ष 2021-2022 में भारत की वार्षिक वृद्धि 8.3%, 2022-23 में 8.7%, जबकि 2023-24 में 6.8% होने का अनुमान है। 2021 में रिकवर होने के बाद, वैश्विक अर्थव्यवस्था नए कोविड-19 वेरिएंट, बढ़ती मुद्रास्फीति, ऋण और आय असमानता, राजकोषीय और मौद्रिक समर्थन को कम करने और मांग में कमी के कारण “स्पष्ट मंदी” की ओर बढ़ रही है। ओमिक्रोन संस्करण का प्रभाव ओमिक्रोन वैरिएंट के तेजी से प्रसार से पता चलता है कि, कोविड -19 महामारी के आर्थिक गतिविधियों को बाधित करने की संभावना है। इसके अलावा, अमेरिका और चीन सहित प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मंदी का असर उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं में बाहरी मांग पर पड़ेगा। दक्षिण एशिया के लिए आउटलुक दक्षिण एशिया के दृष्टिकोण में, भारत अपेक...

RCEP (Regional Comprehensive Economic Partnership) क्या है?

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First Published: January 1, 2022 | Last Updated:January 1, 2022 1 जनवरी, 2022 से क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी लागू हो गई है। क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP – Regional Comprehensive Economic Partnership) RCEP ऑस्ट्रेलिया, ब्रुनेई, चीन, कंबोडिया, जापान, इंडोनेशिया, लाओस, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, न्यूजीलैंड, म्यांमार, सिंगापुर, थाईलैंड, फिलीपींस और वियतनाम के एशिया-प्रशांत देशों के बीच एक मुक्त व्यापार समझौता है। भारत और अमेरिका RCEP के सदस्य नहीं हैं। 15-सदस्यीय s समूह में दुनिया की आबादी का 30% और वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का 30% हिस्सा है। इस प्रकार, यह इतिहास का सबसे बड़ा व्यापार ब्लॉक है। RCEP के उद्देश्य RCEP के लक्ष्य निम्नलिखित हैं: उभरती अर्थव्यवस्थाओं को विकसित अर्थव्यवस्थाओं के साथ प्रगति करने में मदद करने के लिए कम टैरिफ, सेवाओं में व्यापार को खोलना और निवेश को बढ़ावा देना। कंपनियों के लिए लागत और समय कम करने में मदद करना। भारत RCEP का हिस्सा क्यों नहीं है? भारत RCEP में शामिल नहीं हुआ, यह चिंता जताते हुए कि, यह सौदा चीनी सामानों...