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NASA के हेलीकॉप्टर ने मंगल ग्रह पर 25वीं उड़ान भर तोडा रिकॉर्ड, देखें वीडियो

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NASA का Ingenuity हेलीकॉप्टर मंगल ग्रह पर प्राचीन जीवन के निशान ढूंढने का काम कर रहा है और अब इसने कमजोर वातावरण में 25 उड़ानें भरने का रिकॉर्ड बनाया है। इंजीनियरों ने इस छोटे हेलीकॉप्टर को अपने साथी पर्सवेरेंस रोवर के साथ वन-वे ट्रिप पर भेजा जब पहली बार भेजा था, तो केवल पांच उड़ानों की प्लानिंग की थी, लेकिन Ingenuity ने अपनी 25वीं उड़ान भरके नया कीर्तिमान हासिल किया है। 8 अप्रैल को जब फ्लाइट ने उड़ान भरी, तो हेलीकॉप्टर ने पहले से कहीं ज्यादा तेज उड़ान भरी। इसने दूरी और स्पीड दोनों के रिकॉर्ड तोड़ दिए। हेलीकॉप्टर 704 मीटर ऊंचा और 5.5 मीटर प्रति सेकंड की स्पीड से उड़ा। Ingenuity के ब्लैक-एंड-व्हाइट नेविगेशन कैमरे ने उड़ान के दौरान कुछ लुभावनी तस्वीरें भी कैप्चर की। नासा के इंजीनियरों ने उन्हें एक वीडियो में एक साथ जोड़ दिया है, जिसमें मंगल ग्रह के आसपास का दृश्य दिखाया गया है। Ingenuity ने 25वीं उड़ान के बाद से कुछ और उड़ानें भरी हैं। नासा ने कहा कि यह फिलहाल अपनी 29वीं उड़ान की तैयारी कर रहा है। Ingenuity टीम के प्रमुख Teddy Tzanetos ने कहा कि हेलीकॉप्टर के नेविगेशन कैमरे ने उन्हें...

12 अप्रैल : मानव अंतरिक्ष उड़ान का अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day of Human Space Flight)

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First Published: April 12, 2022 | Last Updated:April 12, 2022 हर साल, मानव अन्तरिक्ष उड़ान का अंतर्राष्ट्रीय दिवस (International Day of Human Space Flight) 12 अप्रैल को मनाया जाता है। यह दिन 1961 में यूरी गगारिन (Yuri Gagarin) की ऐतिहासिक अंतरिक्ष यात्रा की वर्षगांठ के रूप में मनाया जाता है। पृष्ठभूमि संयुक्त राष्ट्र महासभा (United Nations General Assembly) ने अप्रैल, 2011 में 12 अप्रैल को मानव अन्तरिक्ष उड़ान का अंतर्राष्ट्रीय दिवस मनाने के लिए एक प्रस्ताव पारित किया था। इसका उद्देश्य सतत विकास लक्ष्य को प्राप्त करने में अंतरिक्ष के योगदान की फिर से पुष्टि करना है। 12 अप्रैल ही क्यों ? 1957 में, पहले मानव निर्मित पृथ्वी उपग्रह स्पुतनिक I को बाहरी अंतरिक्ष में लॉन्च किया गया था। 12 अप्रैल, 1961 को, यूरी गगारिन पृथ्वी की सफलतापूर्वक परिक्रमा करने वाले पहले व्यक्ति बने थे। इससे बाहरी अंतरिक्ष के लिए मानवीय प्रयास खुले। UNOOSA ( United Nations Office for Outer Space Affairs)     बाहरी अंतरिक्ष मामलों के लिए संयुक्त राष्ट्र कार्यालय (United Nations Office...

ISS की उड़ान भरने वाले तीन अंतरिक्ष यात्री पहनेंगे खास हेलमेट, पता चलेगा क्‍या चल रहा उनके दिमाग में!

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एक इजरायली स्‍टार्टअप है। नाम है- ‘Brain.Space'। चार साल पहले शुरू हुआ था और मस्तिष्क की गतिविधियों पर डेटा की स्‍टडी करता है। ‘Brain.Space' एक महत्‍वपूर्ण प्रोजेक्‍ट से जुड़ने जा रहा है। दरअसल, एलन मस्‍क की कंपनी स्‍पेसएक्‍स (SpaceX) की शटल फ्लाइट अगले हफ्ते इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन (ISS) के लिए उड़ान भरेगी। इस दौरान Brain.Space अंतरिक्ष यात्रियों पर अपना परीक्षण करेगा। 10 दिन का यह मिशन इसलिए भी खास है, क्‍योंकि यह इंटरनेशनल स्‍पेस स्‍टेशन की पहली प्राइवेट यात्रा है। बताया जा रहा है कि 3 अप्रैल को चार अंतरिक्ष यात्रियों के साथ इस सफर की शुरुआत होगी।   रॉयटर्स ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि प्राइवेट स्‍पेस-फ्लाइट फर्म Axiom Space के मिशन पर जाने अंतरिक्ष यात्रियों में से तीन यात्री ‘Brain.Space' द्वारा बनाए गए एक खास इलेक्ट्रोएन्सेफलोग्राम (EEG)-इनेबल्‍ड हेलमेट को पहनेंगे।  ‘Brain.Space' के चीफ एग्‍जीक्‍यूटिव यायर लेवी ने न्‍यूज एजेंसी को बताया, हम जानते हैं कि माइक्रोग्रैविटी एनवायरनमेंट की वजह से शरीर के संकेतकों पर असर पड़ता है। यह शायद मस्तिष्क को प्रभावित कर...

राजस्थान की उड़ान योजना (Udaan Scheme) : मुख्य बिंदु

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First Published: March 28, 2022 | Last Updated:March 28, 2022 राजस्थान की ‘उड़ान’ योजना (Udaan Scheme) राज्य की ग्रामीण लड़कियों को छात्रवृत्ति योजनाएँ प्रदान करती है, जिससे उन्हें स्कूली शिक्षा प्राप्त करने की अनुमति मिलती है। मुख्य बिंदु  उड़ान परियोजना एक विकास परामर्श समूह ‘IPE Global’ के सहयोग से शुरू की गई है। इस योजना के तहत राज्य में लड़कियों के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। लड़कियों को स्कूल में रखने पर फोकस इस कार्यक्रम के माध्यम से राज्य की लड़कियों को स्कूल में रखने का प्रयास किया गया है।  माध्यमिक स्तर पर उनका नामांकन कर यह कार्य किया जा रहा है। यह योजना यह भी सुनिश्चित करती है कि सभी नामांकित छात्रों में से पात्र छात्रों को उनकी छात्रवृत्ति प्राप्त हो। यह योजना न केवल छात्रवृत्ति योजनाओं के बारे में जागरूकता पैदा करती है बल्कि इस योजना के तहत ग्रामीण समुदायों को भी लड़कियों की शिक्षा के लिए सहायता प्रदान करने और उनकी उपस्थिति को सुविधाजनक बनाने में मदद करने के लिए प्रेरित किया गया है। स्कूल में किशोर स्वास्थ्य शिक्षा पर फोकस इस योजना...

SpaceX Falcon 9 रॉकेट ने 12वीं बार भरी उड़ान, धरती के निचले ऑर्बिट में छोड़े 53 और सैटेलाइट

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SpaceX ने अपना Falcon 9 रॉकेट 12वीं बार सफलतापूर्वक लॉन्च कर किया और फिर यह वापस धरती पर लौट आया, जो कि अपने आप में एक रिकॉर्ड है। फाल्कन 9 को फ्लोरिडा के केप कैनावरल स्पेस फोर्स स्टेशन से 19 मार्च 12:24am (ET) और भारतीय समयानुसार सुबह 9:54 पर धरती के निचले ऑर्बिट में लॉन्च किया गया था। रॉकेट स्पेसएक्स की स्टारलिंक इंटरनेट के 53 सैटेलाइट लेकर गया था। यह फाल्कन 9 फर्स्ट स्टेज की 12वीं उड़ान थी। इसने स्पेसएक्स रॉकेट के पुनर्प्रयोग के पिछले रिकॉर्ड को तोड़ दिया।  एक ट्वीट के माध्यम से SpaceX ने धरती के निचले ऑर्बिट में 53 सैटेलाइट छोड़े जाने की पुष्टि की।  Deployment of 53 Starlink satellites confirmed — SpaceX (@SpaceX) March 19, 2022 एक अन्य ट्वीट में कंपनी ने कहा कि यह पहली बार है जब फाल्कन 9 फर्स्ट स्टेज को 12 वीं बार लॉन्च करने के बाद लैंड किया गया है।  This is the first time a Falcon 9 first stage has launched and landed 12 times! — SpaceX (@SpaceX) March 19, 2022 SpaceX ने रॉकेट लॉन्च को अपनी वेबसाइट पर भी कन्फर्म किया। आप लॉन्च वीडियो को नीचे देख सकते हैं।  स्पेसएक्स के प्रतिन...

RCS उड़ान- दिल्ली और खजुराहो के बीच पहली उड़ान शुरू की गई

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First Published: February 22, 2022 | Last Updated:February 22, 2022 केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने हाल ही में दिल्ली और खजुराहो के बीच पहली सीधी उड़ान को हरी झंडी दिखाई। मुख्य बिंदु  इस उड़ान की शुरुआत के साथ, उड़ान-आरसीएस योजना के तहत कुल 405 मार्गों का संचालन किया जाएगा। RCS-उड़ान 3.0 के तहत, स्पाइसजेट को दिल्ली-खजुराहो-दिल्ली मार्ग अवार्ड किया गया था। स्पाइसजेट सप्ताह के 2 दिन शुक्रवार और रविवार को उड़ानें संचालित करेगी। यह अपने Q400, 78-सीटर टर्बोप्रॉप विमान को तैनात करेगा। स्पाइसजेट सबसे बड़ा क्षेत्रीय वाहक और योजना का सबसे मजबूत समर्थक है। उड़ान योजना के तहत स्पाइसजेट स्पाइसजेट एयरलाइन उड़ान योजना के तहत प्रतिदिन 65 उड़ानें संचालित करती है। यह 14 UDAN गंतव्यों को भारत के विभिन्न भागों से जोडती है। खजुराहो के सूची में शामिल होने के साथ, यह स्पाइसजेट का 15वां उड़ान गंतव्य होगा। खजुराहो हवाई अड्डा आगरा, वाराणसी और दिल्ली के लिए उड़ान सेवाओं के साथ, खजुराहो हवाई अड्डे की स्थापना 1978 में हुई थी। नागरिक उड्डयन मंत्रा...

मंगल ग्रह की उड़ान से पहले शुरू हुई ExoMars रोवर की प्रैक्टिस

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यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA) और रूस के Roscosmos का जॉइंट प्रोजेक्‍ट एक्‍सोमार्स (ExoMars) मंगल ग्रह पर उतरने के करीब पहुंच गया है। मिशन को इस साल सितंबर में लॉन्‍च करने की तैयारी है। उससे पहले अपने पूर्वाभ्‍यास में इसने ‘कजाचोक लैंडिंग प्लेटफॉर्म' को चलाने की प्रैक्टिस की। इसमें रोसलिंड फ्रैंकलिन रोवर भी शामिल था। एक वीडियो के जरिए ESA ने बताया कि पूरे टास्‍क को बेहद सावधानीपूर्वक कोरियोग्राफ किया गया। इंजीनियर इस पूर्वाभ्यास को पृथ्वी पर कर रहे हैं। यह टेस्‍ट इटली के ट्यूरिन में स्थित एक मार्स टेरेन सिम्युलेटर में किए गए। ESA ने कहा कि इन अभ्यासों के दौरान लगभग 15 मिनट तक ड्राइविंग की जाती है। यह पूरी प्रक्रिया कुछ दिनों तक चलेगी। लैंडिंग के बाद रोवर एक सप्ताह हफ्ते तक अपने पहियों को खोलने और बाकी चीजें चेक करने में व्‍यस्‍त रहेगा। मंगल ग्रह कई मायनों में पृथ्वी के समान है। वहां एक दिन में 24 घंटे 37 मिनट और 22.663 सेकेंड होते हैं, जो पृथ्‍वी से थोड़ा ही अधिक है।  विभिन्न हालात को टेस्‍ट करने और मंगल ग्रह के चुनौतीपूर्ण वातावरण में रोवर को सेफ रखने के लिए इंजीनियर रोसलिंड फ...

अंतरिक्ष की उड़ान भरेगा ऐमजॉन का Alexa, NASA के मून मिशन का होगा हिस्‍सा

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नासा NASA का मून मिशन ‘आर्टेमिस 1' (Artemis 1) एक और इतिहास बनाने जा रहा है। एमेजॉन और लॉकहीड मार्टिन कंपनी ने नासा के इस मिशन में एलेक्सा (Alexa) को अंतरिक्ष में भेजने की योजना का ऐलान किया है। एलेक्‍सा एक पॉपुलर वॉइस असिस्‍टेंट है। ‘आर्टेमिस 1' मिशन कई मायनों में खास होने वाला है। कॉमिक स्ट्रिप, 'पीनट्स' का मशहूर कैरेक्‍टर 'स्‍नूपी' भी इस मिशन का हिस्‍सा होगा। आर्टेमिस प्रोग्राम का मकसद इस दशक के अंत तक अंतरिक्ष यात्रियों को चंद्रमा की सतह पर वापस उतारना है।    जानकारी के मुताबिक, एलेक्सा का इस्‍तेमाल नासा के ओरियन (Orion) स्‍पेसक्राफ्ट में किया जाएगा। यह रियलटाइम टेलीमेट्री डेटा को एक्‍सेस करके मिशन से जुड़े सवालों का जवाब देने में सक्षम होगा। उदाहरण के लिए- ‘एलेक्सा, ओरियन कितनी तेजी से यात्रा कर रहा है?' ऐसे सवालों के जवाब यह वॉइस असिस्‍टेंट देगा। यही नहीं, स्‍पेसक्राफ्ट के अंदर एलेक्‍सा तमाम काम पूरे करेगा। केबिन लाइटिंग से लेकर यह बाकी कनेक्‍टेड डिवाइसेज को भी कंट्रोल करेगा और रिक्‍वेस्‍ट करने पर उनसे जुड़े कामों को पूरा करेगा। नासा के डीप स्पेस...