उतार-चढ़ाव से भरी रही है बीजेपी के 42 वर्षों के सफर की कहानी..
नई दिल्ली : बीजेपी (BJP) आज भारतीय राजनीति का पूरा विमर्श बदलकर रख दिया है. यह सच है कि आजाद भारत का मौजूदा इतिहास जब लिखा जाएगा तो एक बीजेपी पूर्व काल हो सकता है और दूसरा बीजेपी के बाद का दौर. इसलिए नहीं कि बीजेपी दूसरी बार सरकार बनाने में सफल रही है बल्कि इसलिए भी कि उसके आने से भारतीय लोकतंत्र और संसदीय राजनीति के सामने कई नए सवाल आ गए हैं और कई संभावनाएं भी खुली हैं. भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने 6 अप्रैल को अपना 42वां स्थापना दिवस मनाया. बीजेपी की कहानी दो लोगों के साथ शुरू होती है एक श्यामा प्रसाद मुखर्जी और दूसरे दीनदयाल उपाध्याय. एक बड़े वकील रहे तो दूसरे सामाजिक कार्यकर्ता. दोनों ने जनसंघ की बुनियाद रखी और इसे मजबूती दी लेकिन दोनों का निधन त्रासद रहा. मुखर्जी का निधन श्रीनगर में कैद में रहते हुए तो उपाध्याय का शव मुगलसराय के रेलवे स्टेशन पर मिला. मुखर्जी, कभी हिंदू महासभा में होते थे.बाद में उससे अलग हुए. वे आजाद भारत की पहली नेहरू सरकार में मंत्री भी रहे. लेकिन उन्होंने सरकार छोड़ी और 1951 में भारतीय जनसंघ की स्थापना की. यह भी पढ़ें मुखर्जी ने इसके बाद जम्मू क...