कर्नाटक में बासव जयंती (Basava Jayanti) मनाई गई
First Published: May 6, 2022 | Last Updated:May 6, 2022 3 मई, 2022 को प्रसिद्ध दार्शनिक बसवेश्वर (Basaveshwara) की जयंती बासव जयंती (Basava Jayanti) के रूप मनाई गई। बासवन्ना कौन है? कल्याणी चालुक्य/कलचुरी वंश के शासनकाल के दौरान बासवन्ना 12 वीं शताब्दी के कवि, दार्शनिक और समाज सुधारक थे। बासव जयंती कब मनाई जाती है? हिंदू कैलेंडर के अनुसार, बासवन्ना का जन्म वैशाख महीने के तीसरे दिन शुक्ल पक्ष में पड़ता है। यह आमतौर पर अंग्रेजी कैलेंडर के अप्रैल या मई में पड़ता है। यह मुख्य रूप से कर्नाटक, महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश राज्यों में मनाया जाता है। बासवन्ना ने किस संप्रदाय की स्थापना की? बसवन्ना लिंगायतवाद के संस्थापक हैं। लिंगायतवाद क्या है? यह शैव धर्म पर आधारित एक हिंदू संप्रदाय है। लिंगायतवाद 11वीं-12वीं शताब्दी के रामानुज के समान दार्शनिक नींव के साथ योग्य अद्वैतवाद (विशिष्ठ अद्वैत) पर जोर देता है। लिंगायतवाद वेदों और पुराणों के अधिकार को खारिज करता है। बासवन्ना द्वारा कौन से सामाजिक सुधार लाए गए? बासवन्ना जाति व्यवस्था से मुक्त समाज में ...