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आर्थिक समीक्षा को लेकर चिदंबरम ने कहा. 'सरकार पश्चाताप करे औेर अपना रवैया बदले'

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चिदंबरम ने कहा, ‘‘यह पश्चाताप और रवैया में बदलाव का समय है, ढीगें हांकने का समय नहीं है.'' नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने संसद में 2021-22 की आर्थिक समीक्षा पेश होने के बाद सोमवार को कहा कि सरकार को पिछले दो साल की स्थिति के लिए पश्चाताप करना चाहिए और अपना रवैया बदलना चाहिए. पूर्व वित्त मंत्री ने ट्वीट किया, ‘‘आर्थिक समीक्षा में वही पुरानी बात दोहराई गई है कि 2021-22 के आखिर में अर्थव्यवस्था सुधार के साथ महामारी के पूर्व (2019-20) के स्तर पर पहुंच जाएगी. दो वर्षों में करोड़ों नौकरियां चली गईं, 84 प्रतिशत परिवारों की आय घट गई, 4.6 करोड़ लोग गरीबी की गिरफ्त में चले गए और भारत वैश्विक भूख सूचकांक में 116 देशों में 104 स्थान पर है.'' यह भी पढ़ें आर्थिक सर्वे पेश होने पर बोले प्रिंसिपल इकनोमिक एडवाइजर, 'देश में बेरोजगारी के रियल टाइम डाटा की कमी' कांग्रेस नेता चिदंबरम ने कहा, ‘‘यह पश्चाताप और रवैया में बदलाव का समय है, ढीगें हांकने और यथावत बने रहने का समय नहीं है.'' भारतीय अर्थव्यवस्था अगले वित्त वर्ष (2022-23) में 8-8.5 प्रतिशत की दर स...

आज पेश होगा आम बजट, आर्थिक वृद्धि के लिए निवेश और रोजगार पर व्यय बढ़ा सकती हैं निर्मला सीतारमण

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केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को आम बजट पेश करेंगी. नई दिल्ली: Union Budget 2022: संसद का बजट सत्र सोमवार को प्रारंभ हो गया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण मंगलवार को अपना चौथा आम बजट पेश करेंगी. अनुमान लगाया जा रहा है कि वे राजकोषीय सूझबूझ और वृद्धि को समर्थन के बीच संतुलन बैठाने की कोशिश करेंगी. माना जा रहा है कि अगले वित्त वर्ष का आम बजट निवेश और रोजगार सृजन के लिए खर्च बढ़ाने पर केंद्रित होगा. अनुमान है कि एक अप्रैल, 2022 से शुरू हो रहे वित्त वर्ष के लिए आम बजट में अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर होगा और इसके लिए बुनियादी ढांचे पर खर्च बढ़ाया जा सकता है. यह भी पढ़ें आर्थिक समीक्षा ने बजट के लिए मंच तैयार कर दिया है. समीक्षा में कहा गया है कि सरकार के पास वित्त वर्ष 2022-23 में 8-8.5 प्रतिशत की अच्छी वृद्धि दर से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था का समर्थन करने के लिए राजकोषीय गुंजाइश है. मार्च में खत्म होने जा रहे वित्त वर्ष में, एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था में 9.2 फीसदी की दर से विस्तार होने का अनुमान है. इससे पहले पिछले वित्त वर्ष में अर्थव्यवस्था में 7.3 प्रत...

Budget 2022 Live Updates: आम आदमी की उम्मीदें चकनाचूर; आयकर दरों में बदलाव नहीं, कॉरपोरेट कर में राहत

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Union Budget 2022 Updates: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पेश किया वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman)  ने मंगलवार को संसद में  आम बजट 2022-23 (Union Budget 2022) पेश किया. यह मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का चौथा बजट है. आम बजट में आयकर दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इससे आम आदमी खासकर मिडिल क्लास की उम्मीदें चकनाचूर हो गई हैं. हालांकि, कॉरपोरेट कर में राहत दी गई है. साथ ही क्रिप्टोकरेंसी से कमाई पर 30 प्रतिशत का टैक्स लगाने का प्रावधान है. वित्त मंत्री ने कहा कि इस बजट से अगले 25 सालों की बुनियाद रखी जाएगी.     टैक्स मोर्चे पर ऐलान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान कॉरपोरेट टैक्स को 18 प्रतिशत से घटकर 15 फीसदी करने का ऐलान किया. लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन पर 15 फीसदी टैक्स लगेगा. क्रिप्टोकरेंसी से आय पर अब 30 फीसदी टैक्स लगेगा जबकि हर तरह के कैपिटल गेन पर अब 15 फीसदी टैक्स. वर्चुअल एसेट भुगतान पर 1 फीसदी TDS का प्रस्ताव किया गया.   वित्त मंत्री ने की ये बड़ी घोषणाएं वित्त मंत्री ने कहा कि अगले तीन साल के दौरान 400 नई वंदेभारत ट्रेनें...

Budget 2022 : वरिष्ठ नागरिकों को FD पर मिले स्पेशल इंट्रेस्ट रेट, शिवेसना सांसद ने की मांग

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Budget 2022 के पेश होने से पहले उठ रही कई तरह की मांगें. नई दिल्ली: शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से वरिष्ठ नागरिकों के लिए सावधि जमा (एफडी) विशेष ब्याज दर तय करने का अनुरोध किया है. साथ ही उन्होंने डाक बचत योजनाओं और भविष्य निधि कोष (पीपीएफ) में निवेश की सीमा हटाने की अपील भी की है. चतुर्वेदी ने सीतारमण को लिखे पत्र में कहा है कि बचत योजनाओं पर निचली ब्याज दरों की वजह से आज वरिष्ठ नागरिकों के पास सेवानिवृत्ति कोष काफी कम रहता है. इससे उनकी जेब पर भारी बोझ पड़ा है, विशेषरूप से कोविड-19 महामारी के दौरान वे काफी परेशान हुए हैं. यह भी पढ़ें महाराष्ट्र से राज्यसभा सदस्य चतुर्वेदी ने कहा, ‘आम बजट एक अवसर है जबकि सरकार ऐसे लोगों की समस्याओं को दूर कर उन्हें राहत दे सकती है.' उन्होंने कहा, ‘ऊंची मुद्रास्फीति को देखते हुए अभी ब्याज दर काफी कम है. हाल के बरसों में एफडी पर ब्याज दर 12 प्रतिशत से घटकर पांच प्रतिशत रह गई है. डाक बचत पर ब्याज दर घटकर सात प्रतिशत रह गई और इसमें निवेश की सीमा 15 लाख रुपये है.' Budget 2022: तैयार माल पर आयात शुल्क में वृद...