आयरलैंड: ब्लडी संडे (Bloody Sunday) की 50वीं वर्षगांठ
First Published: February 1, 2022 | Last Updated:February 1, 2022 30 जनवरी 1972 को ब्रिटिश सैनिकों ने निहत्थे नागरिकों के एक समूह को मार डाला। ये नागरिक डेरी के बोगसाइड इलाके में विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इस घटना को ब्लडी संडे (Bloody Sunday) कहा जाता है। 2022 में, उत्तरी आयरलैंड के लोगों ने ब्लडी संडे (Bloody Sunday) के 50वें साल को चिह्नित किया। ब्लडी संडे को क्या हुआ? निर्दोष नागरिकों के एक समूह ने बिना मुकदमे के नजरबंदी का विरोध किया। नजरबंदी का अर्थ है बिना किसी अदालती मुकदमे के किसी को जेल में डालना। कैदियों के पास अपने कार्यों को सही ठहराने का कोई विकल्प नहीं था। इस विरोध का आयोजन उत्तरी आयरलैंड नागरिक अधिकार संघ द्वारा किया गया था। प्रदर्शनकारियों को गोली मार दी गई। कुछ रबर की गोलियों से घायल हो गए और अन्य को सेना के वाहनों ने कुचल दिया। इस नरसंहार में शामिल जवान पैराशूट रेजीमेंट की पहली बटालियन के थे। यही बटालियन बल्लीमर्फी हत्याकांड में भी शामिल थी। विरोध मुख्य रूप से ऑपरेशन डेमेट्रियस (Operation Demetrius) के खिलाफ थे। यह मुसीबतों के दौरान हु...