सॉवरेन ग्रीन बॉन्ड (Sovereign Green Bonds) क्या हैं?
First Published: February 3, 2022 | Last Updated:February 3, 2022 केंद्रीय बजट प्रस्तुति के दौरान, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमन ने “ग्रीन बांड” जारी करने की घोषणा की। ये बांड हरित बुनियादी ढांचे के संसाधनों को जुटाने के लिए जारी किये जायेंगे। ग्रीन बॉन्ड क्या होते हैं? ग्रीन बांड ऋण साधन (debt instruments) हैं। इन बांडों को बेचकर एकत्रित धन को उन परियोजनाओं में निवेश किया जाता है जिनका पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। ये बांड भारत को 2022 तक अक्षय स्रोतों से 175 गीगावाट बिजली के अपने लक्ष्य को हासिल करने में मदद करेंगे। पूंजीगत व्यय और ग्रीन बांड वित्त मंत्री ने घोषणा की कि सरकार ने पूंजीगत व्यय में 35.4% की वृद्धि की है। यानी वित्त वर्ष 2022-23 में भारत सरकार 7.5 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाओं को लागू करेगी। पूंजीगत व्यय सरकार द्वारा खर्च किया गया धन है। ज्यादातर पैसा ग्रीन प्रोजेक्ट्स में जायेगा। भारत में ग्रीन बांड बांड सार्वजनिक क्षेत्र की परियोजनाओं में पेश किये जायेंगे। RBI के मुताबिक ग्रीन बॉन्ड की कीमत ज्यादा रही है। यह मुख्य रूप से असम...