Posts

Showing posts with the label आयग

“अभिनव कृषि” पर नीति आयोग राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया

Image
First Published: April 29, 2022 | Last Updated:April 29, 2022 25 अप्रैल, 2022 को नीति आयोग ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली में “अभिनव कृषि” पर एक राष्ट्रीय स्तर की कार्यशाला का आयोजन किया। मुख्य बिंदु  इस कार्यशाला में प्राकृतिक कृषि पद्धतियों के मूल सिद्धांतों, विज्ञान और प्रक्रियाओं को समझने की आवश्यकता पर प्रकाश डाला गया। इस दौरान प्राकृतिक खेती को चरणबद्ध तरीके से अपनाने पर प्रकाश डाला गया। COVID-19 महामारी के दौरान अच्छे स्वास्थ्य, पौष्टिक भोजन और रोग प्रतिरोधक क्षमता के प्रति जागरूकता में वृद्धि पर भी प्रकाश डाला गया। बेहतर पोषण सुनिश्चित करने के लिए पशुधन और मवेशियों के महत्व के बारे में भी बात की गई। केंद्र सरकार लगातार कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित कर रही है जो उत्पादन लागत को कम करती है, प्रकृति के अनुरूप काम करती है, और अच्छी गुणवत्ता वाली उपज के साथ-साथ किसानों को लाभ भी सुनिश्चित करती है। प्राकृतिक खेती में प्रौद्योगिकी और विज्ञान के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। कार्यशाला का उद्देश्य इस कार्यशाला का उद्देश्य भारत की प्राकृतिक खेती को बढ़ा...

नीति आयोग ड्राफ्ट बैटरी स्वैपिंग नीति (Battery Swapping Policy) क्या है?

Image
First Published: April 25, 2022 | Last Updated:April 25, 2022 नीति आयोग ने 21 अप्रैल, 2022 को एक मसौदा बैटरी स्वैपिंग नीति जारी की। इस नीति के तहत, देश के 40 लाख से अधिक आबादी वाले सभी महानगरीय शहरों को पहले चरण के तहत बैटरी स्वैपिंग नेटवर्क के विकास के लिए प्राथमिकता दी जाएगी। मुख्य बिंदु  साथ ही, इस नीति के तहत, सभी प्रमुख शहर जैसे केंद्र शासित प्रदेश मुख्यालय, राज्य की राजधानियाँ और 5 लाख से अधिक आबादी वाले शहर दूसरे चरण के तहत कवर किए जाएंगे, क्योंकि दोपहिया और तिपहिया वाहन बढ़ते शहरों में महत्वपूर्ण हैं। निर्मला सीतारमण ने इस साल के केंद्रीय बजट के दौरान पहले घोषणा की थी कि केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) खरीदने की लागत को कम करने के लिए बैटरी स्वैपिंग नीति लाएगी। नीति का उद्देश्य इस नीति का उद्देश्य बैटरी-स्वैपिंग को अपनाने में सहायता करना है, विशेष रूप से बैटरी स्वैपिंग सिस्टम में जो तिपहिया इलेक्ट्रिक रिक्शा और इलेक्ट्रिक स्कूटर में उपयोग किए जाते हैं। नीति के तहत किए गए प्रमुख प्रस्ताव इस नीति के तहत, नीति आयोग ने स्वैपेबल बैटरी वाले इल...

सुमन बेरी (Suman Bery) बने नीति आयोग की नए उपाध्यक्ष

Image
First Published: April 25, 2022 | Last Updated:April 25, 2022 22 अप्रैल, 2022 को राजीव कुमार के पद से इस्तीफा देने के बाद केंद्र सरकार ने अर्थशास्त्री सुमन बेरी को नीति आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया। मुख्य बिंदु  राजीव कुमार को पांच साल पहले नीति आयोग का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया था। कैबिनेट कमेटी ने राजीव कुमार का इस्तीफा स्वीकार कर लिया था और सुमन बेरी को नीति आयोग का पूर्णकालिक सदस्य और बाद में उपाध्यक्ष नियुक्त किया था। वह 1 मई, 2022 से यह पद ग्रहण करेंगे । सुमन बेरी (Suman Bery) सुमन बेरी 2001 से 2011 तक 10 वर्षों की अवधि के लिए National Council of Applied Economic Research (NCAER) के महानिदेशक थे। वह सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च, दिल्ली में एक वरिष्ठ विजिटिंग फेलो भी हैं। वे वाशिंगटन डीसी में वुडरो विल्सन इंटरनेशनल सेंटर फॉर स्कॉलर्स एशिया प्रोग्राम में ग्लोबल फेलो हैं। इसके अलावा, वह ब्रूगल के एक अनिवासी फेलो हैं जो ब्रुसेल्स आधारित आर्थिक नीति अनुसंधान संस्थान है। उन्होंने पहले भारत के सांख्यिकीय आयोग, प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद और ...

नीति आयोग ने राज्य ऊर्जा व जलवायु सूचकांक (State Energy and Climate Index) जारी किया

Image
First Published: April 14, 2022 | Last Updated:April 14, 2022 नीति आयोग ने राज्य ऊर्जा व जलवायु सूचकांक (State Energy and Climate Index) लॉन्च किया है। यह अपनी तरह का पहला सूचकांक है जिसका उद्देश्य भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा ऊर्जा और जलवायु क्षेत्र में किए गए प्रयासों को ट्रैक करना है। स्वच्छ ऊर्जा परिवर्तन और जलवायु परिवर्तन के संबंध में देश के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए इस सूचकांक के मापदंडों को तैयार किया गया है। मुख्य बिंदु  इस सूचकांक ने भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को ऊर्जा खपत, ऊर्जा पहुंच, पर्यावरण की सुरक्षा और ऊर्जा दक्षता में सुधार के लिए किए गए प्रयासों के आधार पर रैंक किया है। इस सूचकांक ने राज्य स्तर पर सुलभ, सस्ती, स्वच्छ और कुशल ऊर्जा संक्रमण के एजेंडे की ओर बढ़ने में भी मदद की है। इस सूचकांक ने जलवायु और ऊर्जा के विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्र के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को भी प्रोत्साहित किया है। सूचकांक के पैरामीटर इस सूचकांक द्वारा छह मापदंडों का उपयोग किया गय...

नीति आयोग जारी करेगा National Gender Index

Image
First Published: March 5, 2022 | Last Updated:March 5, 2022 नीति आयोग एक “राष्ट्रीय लिंग सूचकांक” (National Gender Index) के विकास पर काम कर रहा है, जिसका उपयोग प्रगति को मापने और सूचित नीतिगत निर्णय लेने के लिए लैंगिक समानता में निरंतर अंतराल की पहचान करने के लिए किया जाएगा। मुख्य बिंदु  नीति आयोग ने अपनी नवीनतम वार्षिक रिपोर्ट 2021-2022 में उल्लेख किया है कि, राष्ट्रीय लिंग सूचकांक एक परिभाषित जेंडर मैट्रिक्स पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की प्रगति को मैप करने और सकारात्मक बदलाव की नींव बनाने के लिए एक उपकरण के रूप में काम करेगा। इस सूचकांक को सतत विकास लक्ष्यों के ढांचे के साथ भी जोड़ा जाएगा। ड्राफ्ट राज्य ऊर्जा और जलवायु सूचकांक ( Draft State Energy and Climate Index) नीति आयोग ने राज्य ऊर्जा और जलवायु सूचकांक का मसौदा भी तैयार किया है। यह सूचकांक DISCOMs की व्यवहार्यता और प्रतिस्पर्धा, स्वच्छ ऊर्जा पहल; ऊर्जा की पहुंच, सामर्थ्य और विश्वसनीयता; उत्पादन क्षमता; ऊर्जा दक्षता; और पर्यावरणीय स्थिरता जैसे संकेतकों पर राज्यों के प्रदर्शन का आकलन क...

जम्मू-कश्मीर परिसीमन आयोग के कार्यकाल को बढ़ाया गया

Image
First Published: February 24, 2022 | Last Updated:February 24, 2022 केंद्र सरकार ने दूसरी बार जम्मू-कश्मीर परिसीमन आयोग (Jammu & Kashmir Delimitation Commission) का कार्यकाल बढ़ाया है। इस आयोग को केंद्र शासित प्रदेश के विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्निर्धारण का कार्य सौंपा गया था। मुख्य बिंदु  इस आयोग का कार्यकाल दो महीने के लिए बढ़ा दिया गया है और यह 6 मई को समाप्त होगा। परिसीमन प्रक्रिया जम्मू और कश्मीर की राजनीतिक प्रक्रिया को शुरू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। केंद्र शासित प्रदेश में परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनाव प्रक्रिया शुरू होगी। इस परिसीमन आयोग का गठन 6 मार्च, 2020 को किया गया था। इस आयोग की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। इस आयोग को पिछले साल पहले ही एक साल का विस्तार दिया गया था। जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन विधेयक के तहत जम्मू-कश्मीर में विधानसभा सीटों की संख्या 107 से बढ़कर 114 हो जाएगी, जिससे जम्मू क्षेत्र को फायदा होगा। परिसीमन आयोग के सदस्य देसाई के साथ, पैनल के पदेन सदस्य...

PhonePe और नीति आयोग Fintech Open Hackathon लॉन्च करेंगे

Image
First Published: February 17, 2022 | Last Updated:February 17, 2022 PhonePe के सहयोग से नीति आयोग Fintech Open Hackathon लॉन्च करेगा। यह हैकथॉन पूरे भारत के इनोवेटर्स, डिजिटल क्रिएटर्स और डेवलपर्स को सोचने, विचार करने और कोड करने का अवसर प्रदान करेगा। मुख्य बिंदु इस हैकाथान का उद्देश्य फिनटेक इकोसिस्टम के लिए पथप्रदर्शक समाधान प्रदर्शित करना है। इस इवेंट के लिए पंजीकरण करने की अंतिम तारीख 23 फरवरी है और अंतिम प्रविष्टियां जमा करने की अंतिम तारीख 25 फरवरी है। इस हैकाथॉन के विजेताओं की घोषणा 28 फरवरी को की जाएगी।  PhonePe यह एक भारतीय डिजिटल भुगतान और वित्तीय सेवा कंपनी है जिसका मुख्यालय बैंगलोर में है। इस कंपनी की स्थापना समीर निगम, राहुल चारी और बुर्जिन इंजीनियर ने दिसंबर 2015 में की थी। यह कंपनी “फोनपे एप्प” चलाती  है। यह एप्प अगस्त 2016 में लाइव हुआ और यह यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) पर आधारित है। यह 11 से अधिक भारतीय भाषाओं में उपलब्ध है। Categories: अर्थव्यवस्था करेंट अफेयर्स Tags:Fintech Open Hackathon , Hindi Current Affairs , Hindi News , ...

नीति आयोग ने Reimagining Healthcare in India रिपोर्ट जारी की

Image
First Published: February 12, 2022 | Last Updated:February 12, 2022 नीति आयोग ने हाल ही में ‘Reimagining Healthcare in India through Blended Finance’ शीर्षक से अपनी रिपोर्ट जारी की। नीति आयोग ने अपनी रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला है कि ब्रिक्स देशों में भारत का स्वास्थ्य देखभाल खर्च सबसे कम है। रिपोर्ट के प्रमुख निष्कर्ष इस रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि, भारत में लगभग 65 प्रतिशत अस्पताल के बिस्तर उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और केरल में लगभग 50 प्रतिशत आबादी को सेवाएं प्रदान करते हैं। शेष 21 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में रहने वाली भारत की अन्य 50 प्रतिशत आबादी के पास 35 प्रतिशत अस्पताल के बिस्तर हैं। इसमें कहा गया है कि लोगों को स्वास्थ्य सुविधाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए बिस्तरों की संख्या में कम से कम 30 प्रतिशत की वृद्धि की जानी चाहिए। भारत में अस्पताल क्षेत्र का कुल स्वास्थ्य सेवा बाजार में 80% हिस्सा है। वित्तीय वर्ष 2017 में, इसका मूल्य 61.79 बिलियन अमरीकी डॉलर था, जिस...

नीति आयोग ने जारी की ‘Banking on Electric Vehicles in India’ रिपोर्ट

Image
First Published: January 24, 2022 | Last Updated:January 24, 2022 नीति आयोग ने RBI के उधार दिशानिर्देशों के प्राथमिकता वाले क्षेत्र में इलेक्ट्रिक वाहनों को शामिल करने का सुझाव दिया है। इससे इलेक्ट्रिक वाहनों की खुदरा उधारी को बढ़ावा मिलेगा। नीति आयोग द्वारा इस जारी रिपोर्ट के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों के वित्तपोषण बाजार का आकार 2025 तक 40,000 करोड़ रुपये तक बढ़ेगा। और यह 2030 तक 3.7 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ेगा। नीति आयोग की रिपोर्ट क्या कहती है ? RBI इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट पर विचार करेगा और 5 मानकों के आधार पर मामलों का उपयोग करेगा। वे हितधारक स्वीकार्यता (stakeholder acceptability), तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता (techno – economic viability), मापनीयता (scalability), उत्पादन क्षमता (generation potential), आजीविका और सामाजिक-आर्थिक क्षमता (livelihood and socio – economic potential) हैं। इस रिपोर्ट में इलेक्ट्रिक टू व्हीलर, कमर्शियल फोर व्हीलर और इलेक्ट्रिक थ्री व्हीलर पर ध्यान देने का सुझाव दिया गया है। यह वित्त मंत्रालय को इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्र को एक बुनि...

राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग का विस्तार किया गया

Image
First Published: January 22, 2022 | Last Updated:January 22, 2022 केंद्रीय मंत्रिमंडल ने हाल ही में राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग (National Commission for Safai Karamcharis) को तीन और वर्षों के लिए बढ़ा दिया है। इस आयोग का वर्तमान कार्यकाल मार्च 2022 में समाप्त हो रहा है। इसके बाद आयोग को तीन साल के लिए बढ़ा दिया गया है। यह विस्तार 43.68 करोड़ रुपये की लागत से किया जा रहा है। सफाई कर्मचारी हाथ से मैला ढोने वाले (manual scavengers) लोग हैं। वे नालियों और सीवर को हाथों से साफ करते हैं, बिना किसी सुरक्षा या उपकरण के। पृष्ठभूमि राष्ट्रीय सफाई कर्मचारी आयोग एक सलाहकार निकाय के रूप में बनाया गया था। इसने भारत सरकार को सफाई कर्मचारियों के कल्याण के लिए सिफारिशें प्रदान कीं। साथ ही, इस आयोग ने सफाई कर्मचारियों के लिए विशेष कार्यक्रमों के क्रियान्वयन का मूल्यांकन किया। हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन का प्रतिषेध और उनका पुनर्वास अधिनियम, 2013 यह आयोग इस अधिनियम के कार्यान्वयन की निगरानी करता है। यह जाँच करता है कि क्या केंद्र और राज्य सरकारें अधिनियम ...