Posts

Showing posts with the label telescope

चीन निकला NASA से दस कदम आगे, बना रहा दुनिया का सबसे बड़ा, सबसे पावरफुल टेलीस्कोप!

Image
दुनिया की सबसे घनी आबादी वाला देश अब दुनिया का सबसे बड़ा टेलीस्कोप भी लगाने की तैयारी कर चुका है। चीन और अमेरिका का तनाव किसी से छुपा नहीं है लेकिन तकनीकी के मामले में भी चीन अमेरिका से पीछे नहीं रहना चाहता है। चीन अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा से 10 कदम आगे निकलने की तैयारी कर चुका है और सब उसके प्लान के मुताबिक हुआ तो वह दुनिया का सबसे बड़ा टेलीस्कोप जल्द ही स्थापित करने में कामयाब हो जाएगा। चीन ने इसे वेरी लार्ज एरिया गामा रे स्पेस टेलीस्कोप (Very Large Area gamma-ray Space Telescope) का नाम दिया है। इसका संक्षिप्त नाम VLAST रखा गया है। टेलीस्कोप का कुछ हिस्सा बनकर तैयार भी हो चुका है।  South China Morning Post की रिपोर्ट के मुताबिक, चीनी वैज्ञानिकों ने दुनिया का सबसे बड़ा गामा-रे स्पेस टेलीस्कोप बनाना शुरू किया है जिसके जल्द पूरा करने की कोशिश की जा रही है। नानजिंग पर्पल माउंटेन ऑब्जर्वेटरी, हेफई यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस और लेनझू इंस्टिट्यूट ऑफ मॉडर्न फिजिक्स के शोधकर्ता इस प्रोजेक्ट को मिलकर तैयार कर रहे हैं। इसी बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि तकनीकी रूप से यह टेलीस्कोप कितना एडवा...

अंतरिक्ष के ‘कब्रिस्‍तान’ में वैज्ञानिकों ने खोजा रेडियो उत्‍सर्जन पैदा करने वाला न्यूट्रॉन तारा

Image
हमारी आकाशगंगा में असामान्य रेडियो उत्‍सर्जन पैदा करने वाले एक यूनीक न्यूट्रॉन की खोज ने खगोलविदों को हैरान कर दिया है। डेटा के विश्लेषण से रिसर्चर्स को पता चला है कि PSR J0941-4046 एक असामान्य न्यूट्रॉन तारा है, जो अन्य पल्सर की तुलना में बेहद धीमी गति से घूमता है। यह इसलिए भी खास है, क्योंकि यह न्यूट्रॉन स्टार ‘कब्रिस्तान' में रहता है। यह अंतरिक्ष में उस जगह को कहा जाता है जहां खगोलविद किसी भी रेडियो उत्सर्जन का पता लगाने की उम्मीद नहीं करते हैं। इस न्यूट्रॉन स्टार ने एक अजीब दिखने वाली फ्लैश उत्सर्जित की जो लगभग 300 मिलीसेकंड तक चली। यह फ्लैश एक न्यूट्रॉन स्टार जैसा दिखता था। रिसर्चर्स का दावा है कि यह पहले देखी गईं चीजों से एकदम अलग था। रिसर्चर्स ने उस एरिया का सर्वे करने के बाद कई और फ्लैशों का पता लगाया, लेकिन यह न्‍यूट्रॉन एकदम अलग निकला। रिसर्चर्स को लगता है कि उनकी खोज स्‍टीलर ऑब्‍जेक्‍ट्स के एक नए वर्ग के लिए रास्ता खोल सकती है।  सिडनी यूनिवर्सिटी की लेक्‍चरर मनीषा कालेब और उनके सहयोगियों ने साउथ अफ्रीका में मीरकैट रेडियो टेलीस्कोप का इस्‍तेमाल करते हुए मिल्की वे के ‘...

जेम्स वेब टेलीस्कोप (James Webb Space Telescope) अपनी कक्षा में पहुंचा

Image
First Published: January 29, 2022 | Last Updated:January 29, 2022 जेम्स वेब स्पेस टेलीस्कोप पृथ्वी से लगभग 15 लाख किमी की दूरी पर अपने अंतिम गंतव्य पर पहुंच गया है। यह टेलीस्कोप अंतरिक्ष के एक क्षेत्र में परिक्रमा करेगा जिसे लैग्रेंज बिंदु (Lagrange point) के रूप में जाना जाता है, जहां सूर्य और पृथ्वी से गुरुत्वाकर्षण खिंचाव घूर्णन प्रणाली के केन्द्रापसारक बल (centrifugal force) द्वारा संतुलित किया जाता है। इन बिंदुओं को सबसे पहले इतालवी फ्रांसीसी गणितज्ञ जोसेफ-लुई लैग्रेंज (Joseph-Louis Lagrange) द्वारा सिद्धांतित किया गया था। जेम्स वेब टेलीस्कोप ( James Webb Telescope) इसे नासा, कनाडाई अंतरिक्ष एजेंसी और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी द्वारा संयुक्त रूप से विकसित किया गया था। इसे एरियन रॉकेट से लॉन्च किया गया था। मील के पत्थर 13.7 अरब साल पहले बनी आकाशगंगाओं और तारों को स्कैन करने के लिए इस टेलीस्कोप लॉन्च किया गया है। इस टेलीस्कोप की कीमत 10 अरब डॉलर है। जेम्स वेब टेलीस्कोप की तैनाती टेलीस्कोप को अपने सही रूप में संरेखित होने (align) में 15 दिन लगे। इसम...

NASA ने अधिक एनर्जी वाले ऑब्जेक्ट्स की स्टडी के लिए लॉन्च किया नया X-Ray टेलीस्कोप

Image
अमेरिकी स्पेस एजेंसी NASA के पास बहुत से पावरफुल टेलीस्कोप हैं जो वैज्ञानिकों की धरती से दूर के वातावरण को बेहतर तरीके से समझने में मदद करते हैं। NASA ने एक इमेजिंग X-ray पोलरिमेटरी एक्सप्लोरर (IXPE) कहा जाने वाला एक नया टेलीस्कोप लॉन्च किया है। इससे वैज्ञानिकों को ब्लैक होल के अंदर के वातावरण की बेहतर समझ मिल सकेगी। इसके साथ ही यह अंतरिक्ष में अधिक एनर्जी वाले ऑब्जेक्ट्स की जांच भी करेगा।  इस टेलीस्कोप की घोषणा सबसे पहले 2017 में की गई थी। यह पोलराइजेशन को समझने की क्षमता रखने वाला पहला X-ray टेलीस्कोप होगा। X-ray इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रेडिएशन से बनी हाई-एनर्जी लाइट वेव्स होती हैं। हम अपने आसपास जो लाइट देखते हैं वह अनपोलराइज्ड होती है, जिसका मतलब है कि वह इलेक्ट्रिक और मैग्नेटिक एनर्जी से बनती है जिसकी कोई विशेष दिशा नहीं होती। इसके विपरीत, पोलराइज्ड लाइट में इलेक्ट्रिक और मैग्नेटिक एनर्जी एक विशेष दिशा में जाती है। पोलराइज्ड लाइट महत्वपूर्ण है क्योंकि यह मैग्नेटिक फील्ड्स और केमिकल मेकअप की जानकारी दे सकती है। NASA ने अमेरिका के SpaceX की ओर से डिवेलप किए गए Falcon 9 रॉकेट पर IXPE...