स्टडी में दावा- टोंगा के समुद्र में फटा ज्वालामुखी था 140 साल का सबसे बड़ा विस्फोट
दक्षिण प्रशांत महासागर में स्थित देश टोंगा (Tonga) में इस साल की शुरुआत में एक ज्वालामुखी (volcano) फट गया था। यह ज्वालामुखी समुद्र के नीचे फटा था, जिसने बड़े स्तर पर दबाव वाली लहरें या शॉक वेव्स पैदा कीं, जिनमें से कुछ पृथ्वी के वायुमंडल से होकर गुजरीं। इन शॉक वेव्स की वजह से 10 हजार किलोमीटर दूर अमेरिका के राज्य अलास्का में भी लोगों ने पानी में शोर और उछाल आने की जानकारी दी। अब दो नई स्टडीज से पता चला है कि यह पिछले 140 साल में सबसे बड़ा विस्फोट है। टोंगा की घटना की तुलना 1883 में इंडोनेशिया में हुए क्राकाटाऊ विस्फोट से की गई है। उस उस भयावह घटना में 30 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे। बताया जाता है कि सीमाउंट में कई हफ्तों की एक्टिविटीज के बाद यह विस्फोट हुआ। न्यूक्लियर टेस्ट बैन ट्रीटी (CTBT) का पालन करने के लिए लगाए गए डिटेक्टरों ने इस विस्फोट से हुए सिग्नलों को नोटिस किया। बताया जाता है कि इससे जो ऊर्जा निकली थी, वह 100 हिरोशिमा बमों के स्केल के बराबर थी। टोंगा में जब पानी के नीचे ज्वालामुखी फटा, तो उसने हमारे वायुमंडल की तीसरी लेयर मेसोस्फीयर से टकराने के लिए...