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भारत और जॉर्डन ने उर्वरक क्षेत्र में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये

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First Published: May 24, 2022 | Last Updated:May 24, 2022 केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया की जॉर्डन यात्रा के दौरान, भारत को फॉस्फेटिक और पोटेशियम उर्वरकों की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जॉर्डन के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। इसका उद्देश्य छोटी और लंबी अवधि के लिए उर्वरकों को सुरक्षित करना है।  भारत को कितनी खाद की आपूर्ति की जाएगी? चालू वर्ष के लिए, 30 LMT रॉक फॉस्फेट, 2.50 LMT DAP, और 1 LMT फॉस्फोरिक एसिड की आपूर्ति के लिए जॉर्डन फॉस्फेट माइनिंग कंपनी (JPMC) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। 2.75 LMT म्यूरेट ऑफ पोटाश (MoP) की वार्षिक आपूर्ति के लिए जॉर्डन के साथ 5 साल के लिए एक दीर्घकालिक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए गए, जिसे हर साल 3.25 LMT तक बढ़ाया जाएगा। केंद्रीय रसायन और उर्वरक मंत्री ने कहा कि जॉर्डन उर्वरक क्षेत्र के लिए भारत का पसंदीदा देश है और उन्होंने जॉर्डन से उर्वरकों की आपूर्ति के लिए भारत-विशिष्ट शर्तों की घोषणा करने का अनुरोध किया। केंद्रीय मंत्री ने अन्य अधिकारियों के साथ जॉर्डन...

अनोखा ब्‍लैक होल, तारों की तरह बदल देता है अपना चुंबकीय क्षेत्र, क्‍या है वजह?

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ब्लैक होल के आसपास कुछ ऐसा है, जो अंतरिक्ष में दिलचस्‍पी रखने वालों को उत्‍साहित करता है। ब्‍लैक के रहस्‍य और इसके पीछे छिपी फ‍िजिक्‍स ने वैज्ञानिकों को वर्षों से सोचने पर मजबूर किया है। ब्‍लैक होल को ब्रह्मांड का इंजन भी कहा जाता है, क्‍योंकि अक्‍सर ये एक्टिव गैलेक्टिक न्‍यूक्लिआई को ऊर्जा प्रदान करते हैं। अक्‍सर ब्‍लैक होल के मैग्‍नेटिक फील्‍ड के बारे में चर्चा की जाती है, लेकिन इनका अपना कोई मैग्‍नेटिक फील्‍ड नहीं होता। एक डिस्क के रूप में ब्लैक होल को घेरने वाला प्लाज्मा ही इनके चारों ओर एक चुंबकीय क्षेत्र बनाता है। वैज्ञानिकों ने 239 मिलियन प्रकाश वर्ष दूर स्थित आकाशगंगा 1ES 1927+654 पर अपनी जांच करते हुए इसके विशाल ब्लैक होल के चारों ओर की चमक में अचानक बदलाव देखा है।  इस चमक को ब्लैक होल के चुंबकीय क्षेत्र में अचानक हुए बदलाव की वजह माना जा रहा है। तारों के बारे में हमेशा बना जाता है कि वह मैग्‍नेटिक रिवर्सल पैदा करते हैं, वहीं ब्लैक होल के मामले में ऐसा नहीं माना जाता है। हमारा सूर्य हर 11 साल में अपने चुंबकीय क्षेत्र को रिवर्स कर देता है, लेकिन इसके मुकाबले किसी ब्‍लैक हो...

कपड़ा क्षेत्र (Textiles) के लिए PLI योजना : मुख्य बिंदु

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First Published: April 15, 2022 | Last Updated:April 15, 2022 कपड़ा क्षेत्र के लिए 10,683 करोड़ रुपये की उत्पादन-लिंक्ड प्रोत्साहन (Production-Linked Incentive – PLI) योजना के तहत,  केंद्र सरकार ने 61 कंपनियों की वित्तीय सहायता के लिए अपनी मंजूरी दे दी है। मुख्य बिंदु  इस योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के लिए 60 कंपनियों ने आवेदन किया था। इन स्वीकृत आवेदकों से अपेक्षित कुल निवेश 19,077 करोड़ रुपये है, जिसमें पांच साल की अवधि में 1,84,917 करोड़ रुपये का अनुमानित कारोबार है। इस क्षेत्र में निवेश से करीब 2,40,134 रोजगार सृजित करने में मदद मिलेगी। यह PLI योजना कपड़ा से संबंधित उत्पादों जैसे मानव निर्मित फाइबर (MMF) परिधान, MMF फैब्रिक और अन्य तकनीकी वस्त्र उत्पादों के लिए है। योजना का उद्देश्य यह PLI योजना MMF, तकनीकी वस्त्र और कपड़ों के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने में मदद करेगी। भारत में इन उत्पादों के निर्माण के लिए सरकार द्वारा इस योजना के तहत पांच साल की अवधि के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। यह PLI देश के निर्यात और विनिर्माण क्षमताओं को बढ...

शेंगेन क्षेत्र (Schengen Area) क्या है?

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First Published: March 31, 2022 | Last Updated:March 31, 2022 शेंगेन क्षेत्र एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें 26 यूरोपीय देश शामिल हैं जिन्होंने अपनी-अपनी आपसी सीमाओं पर सभी पासपोर्ट और सीमा नियंत्रण को समाप्त कर दिया है। मुख्य बिंदु  इस क्षेत्र का नाम 1985 के शेंगेन समझौते पर रखा गया है जिस पर शेंगेन, लक्ज़मबर्ग में हस्ताक्षर किए गए थे। यह क्षेत्र एकीकृत वीज़ा नीति (unified visa policy) के साथ अंतर्राष्ट्रीय यात्रा के लिए एकल क्षेत्राधिकार (single jurisdiction) के रूप में कार्य करता है। यूरोपीय संघ के 27 सदस्यीय राज्यों में से 22 शेंगेन क्षेत्र में शामिल हैं। शेंगेन समझौते का उपयोग 400 मिलियन से अधिक यूरोपीय संघ के नागरिक, साथ ही गैर-यूरोपीय संघ के नागरिक, पर्यटक, व्यवसायी, या अन्य व्यक्ति जो यूरोपीय संघ के क्षेत्र में कानूनी रूप से मौजूद हैं, को इस क्षेत्र के माध्यम से मुक्त आवाजाही की अनुमति है। यह समझौता न केवल पासपोर्ट-मुक्त यात्रा की अनुमति देता है, बल्कि यह भी मांग करता है कि राष्ट्र प्रवास से संबंधित कुछ सामान्य नियमों को अपनाएं, इस प्रकार, शरणार्थि...

2024 तक कृषि क्षेत्र में डीजल को अक्षय ऊर्जा से रीप्लेस करेगी केंद्र सरकार

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First Published: February 12, 2022 | Last Updated:February 12, 2022 केंद्र सरकार ने 2024 तक कृषि क्षेत्र में डीजल को अक्षय ऊर्जा से बदलने का लक्ष्य रखा है। मुख्य बिंदु यह लक्ष्य 2030 तक गैर-जीवाश्म ईंधन की हिस्सेदारी बढ़ाने और 2070 तक शुद्ध शून्य उत्सर्जक बनने की सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप निर्धारित किया गया है। पीएम-कुसुम योजना के माध्यम से, केंद्र सरकार कृषि को सौर ऊर्जा से चलाने के लिए एक योजना भी चला रही है इससे सौर ऊर्जा से चलने वाली सिंचाई प्रणाली स्थापित करने में मदद मिलेगी। पीएम-कुसुम योजना (PM-KUSUM Scheme) PM-KUSUM योजना की घोषणा 2018 के बजट में की गई थी और 2019 में इसे मंजूरी दी गई थी। इसे “किसान ऊर्जा सुरक्षा और उत्थान महाभियान (KUSUM) योजना” के रूप में नामित किया गया है। इस योजना के तहत, किसानों को अपनी बंजर भूमि पर स्थापित सौर ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को ग्रिड को बेचने का विकल्प दिया जाता है। यह योजना 2022 तक 30.8 GW की सौर क्षमता जोड़ने का प्रयास कर रही है। पीएम-कुसुम के घटक पीएम-कुसुम में तीन घटक शाम...

वन क्षेत्र (Forest Area) बढ़ाने में भारत विश्व में तीसरे स्थान पर है : आर्थिक सर्वेक्षण

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First Published: February 2, 2022 | Last Updated:February 2, 2022 आर्थिक मामलों के विभाग द्वारा हाल ही में जारी आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत वन क्षेत्र बढ़ाने के मामले में दुनिया में तीसरे स्थान पर है। भारत ने 2010 और 2020 के बीच हर साल 2,66,000 हेक्टेयर वन क्षेत्र जोड़ा है। भारत के कुल भौगोलिक क्षेत्र का 24% भाग वनों से आच्छादित है। भारतीय वनों में विश्व के 2% वन हैं। शीर्ष देश सर्वेक्षण के अनुसार सर्वाधिक वन वाले देश ब्राजील, कांगो, पेरू और रूस हैं। ब्राजील की कुल भूमि का 59% भाग वनों से आच्छादित है। पेरू में यह 57%, कांगो में 56%, रूस में 50% है। लगभग दस देशों ने वैश्विक वनों में 66% का योगदान दिया। भारतीय राज्यों में वन आवरण मध्य प्रदेश में सबसे अधिक वन क्षेत्र था। मध्य प्रदेश में भारत के कुल वन क्षेत्र का 11% हिस्सा है। इसके बाद अरुणाचल प्रदेश का स्थान है। राज्य में देश के कुल वन क्षेत्र का 9% हिस्सा है। छत्तीसगढ़ में 8%, ओडिशा में 7% और महाराष्ट्र में 7% है। वनावरण का उच्चतम अनुपात राज्य के भौगोलिक क्षेत्र की तुलना में वनों का उच्चत...

हरियाणा ने निजी क्षेत्र में स्थानीय निवासियों के लिए 75% नौकरियां आरक्षित की

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First Published: January 18, 2022 | Last Updated:January 18, 2022 हरियाणा राज्य स्थानीय उम्मीदवारों का रोजगार अधिनियम (Haryana State Employment of Local Candidates Act) वर्ष 2020 में पारित किया गया था। यह अधिनियम राज्य के स्थानीय निवासियों के लिए 75% नौकरियों को सुरक्षित रखता है। अधिनियम की मुख्य विशेषताएं यह अधिनियम सभी साझेदारी फर्मों, कंपनियों, ट्रस्टों, सोसाइटियों और 10 या अधिक व्यक्तियों को रोजगार देने वाले किसी भी संगठन पर लागू होता है। यह अधिनियम राज्य और केंद्र सरकार पर लागू नहीं होता है। यह अधिनियम 10 साल के लिए, यानी 2030 तक लागू होगा। राज्य में नियोक्ताओं (employers) को स्थानीय उम्मीदवारों को 75% नौकरियां प्रदान होंगी। ये नौकरियां वे हैं जो 50,000 रुपये तक वेतन प्रदान करती हैं। नियोक्ताओं को अपने सभी कर्मचारियों को एक निर्दिष्ट पोर्टल पर पंजीकृत करना होगा। यदि आवश्यक कौशल के पर्याप्त स्थानीय उम्मीदवार नहीं हैं तो नियोक्ता छूट का दावा कर सकते हैं। इस छूट का मूल्यांकन उपायुक्त द्वारा किया जायेगा। उपायुक्त इस दावे को स्वीकार या अस्वीकार कर सक...

बाह्यगृह (exoplanet) पर पहले चुंबकीय क्षेत्र की खोज की गई

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First Published: January 1, 2022 | Last Updated:January 1, 2022 हाल ही में, खगोलविदों की एक टीम ने  Hubble Space Telescope The Hubble Space Telescope (often referred to as Hubble or HST) is one of NASA's Great Observatories and was launched into low Earth orbit in 1990. It is one of the largest and most versatile space telescopes in use and features a 2.4-meter mirror and four main instruments that observe in the ultraviolet, visible, and near-infrared regions of the electromagnetic spectrum. It was named after astronomer Edwin Hubble. ">हबल स्पेस टेलीस्कोप (Hubble Space Telescope) के डेटा का उपयोग एक बाह्यगृह (exoplanet) पर एक चुंबकीय क्षेत्र के संकेत की खोज के लिए किया था। ‘नेचर एस्ट्रोनॉमी’ नामक पत्रिका में इसके निष्कर्षों का वर्णन किया गया था। मुख्य बिंदु ग्रह के चारों ओर एक चुंबकीय क्षेत्र आवेशित कार्बन कणों (charged carbon particles) के एक विस्तारित क्षेत्र के अवलोकन की व्याख्या करता है। ग्रह के वायुमंडल की सुरक्षा में चुंबकीय क्षेत्...

हरियाणा में स्थानीय लोगों के लिए निजी क्षेत्र में 50,000 रुपये से कम वेतन वाली 75% नौकरियां आरक्षित की जायेंगी

हरियाणा में स्थानीय लोगों के लिए निजी क्षेत्र में 50,000 रुपये से कम वेतन वाली 75% नौकरियां आरक्षित की जायेंगी